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कुरआन मजीद

Quran in Hindi

10. सूरह यूनुस – 1-109

यह सूरह मक्की है, इस में 109 आयतें हैं।


सूरह यूनुस | Surah Yunus in Hindi

بِسْمِ اللَّـهِ الرَّحْمَـٰنِ الرَّحِيمِ

बिस्मिल्लाह-हिर्रहमान-निर्रहीम

अल्लाह के नाम से, जो अत्यन्त कृपाशील तथा दयावान् है।

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الر ۚ تِلْكَ آيَاتُ الْكِتَابِ الْحَكِيمِ ﴾ 1 ﴿

Transliteration

अलिफ्-लाम्-रा, तिल-क आयातुल् किताबिल्-हकीम

हिंदी अनुवाद

अलिफ, लाम, रा। ये तत्वज्ञता से परिपूर्ण पुस्तक (क़ुर्आन) की आयतें हैं।

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أَكَانَ لِلنَّاسِ عَجَبًا أَنْ أَوْحَيْنَا إِلَىٰ رَجُلٍ مِّنْهُمْ أَنْ أَنذِرِ النَّاسَ وَبَشِّرِ الَّذِينَ آمَنُوا أَنَّ لَهُمْ قَدَمَ صِدْقٍ عِندَ رَبِّهِمْ ۗ قَالَ الْكَافِرُونَ إِنَّ هَٰذَا لَسَاحِرٌ مُّبِينٌ ﴾ 2 ﴿

Transliteration

अका-न लिन्नासि अ-जबन् अन् औहैना इला रजुलिम्- मिन्हुम् अन् अन्ज़िरिन्ना-स व बश्शिरिल्लज़ी-न आमनू अन्-न लहुम् क़-द-म सिद्क़िन् अिन्-द रब्बिहिम्, क़ालल काफ़िरू-न इन्-न हाज़ा लसाहिरूम्-मुबीन

हिंदी अनुवाद

क्या मानव के लिए आश्चर्य की बात है कि हमने, उन्हीं में से एक पुरुष पर, प्रकाशना भेजी है कि आप, मानवगण को सावधान कर दें और जो ईमान लायें, उन्हें शुभ सूचना सुना दें कि उन्हीं के लिए उनके पालनहार के पास सत्य सम्मान[1] है? तो काफ़िरों ने कह दिया कि ये खुला जादूगर है। 1. सत्य सम्मान से अभिप्रेत स्वर्ग है। अर्थात उन के सत्तकर्मों का फल उन्हें अल्लाह की ओर से मिलेगा।

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إِنَّ رَبَّكُمُ اللَّهُ الَّذِي خَلَقَ السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضَ فِي سِتَّةِ أَيَّامٍ ثُمَّ اسْتَوَىٰ عَلَى الْعَرْشِ ۖ يُدَبِّرُ الْأَمْرَ ۖ مَا مِن شَفِيعٍ إِلَّا مِن بَعْدِ إِذْنِهِ ۚ ذَٰلِكُمُ اللَّهُ رَبُّكُمْ فَاعْبُدُوهُ ۚ أَفَلَا تَذَكَّرُونَ ﴾ 3 ﴿

Transliteration

इन्-न रब्बकुमुल्लाहुल्लज़ी ख़-लक़स्समावाति वल् अर्-ज़ फ़ी सित्तति अय्यामिन् सुम्मस्तवा अलल्-अ़र्शि युदब्बिरूल्-अम्-र, मा मिन् शफ़ीअिन् इल्ला मिम्-बअ्दि इज्निही, ज़ालिकुमुल्लाहु रब्बुकुम् फ़अ्बुदूहु, अ-फ़ला तज़क्करून

हिंदी अनुवाद

वास्तव में, तुम्हारा पालनहार वही अल्लाह है, जिसने आकाशों तथा धरती को छः दिनों में उत्पन्न किया, फिर अर्श (राज सिंहासन) पर स्थिर हो गया। वही विश्व की व्यवस्था कर रहा है। कोई उसके पास अनुशंसा (सिफ़ारिश) नहीं कर सकता, परन्तु उसकी अनुमति के पश्चात्। वही अल्लाह तुम्हारा पालनहार है, अतः उसी की ईबादत (वंदना)[1] करो। क्या तुम शिक्षा ग्रहण नहीं करते? 1. भावार्थ यह है कि जब विश्व की व्यवस्था वही अकेला कर रहा है, तो पूज्य भी वही अकेला होना चाहिये।

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إِلَيْهِ مَرْجِعُكُمْ جَمِيعًا ۖ وَعْدَ اللَّهِ حَقًّا ۚ إِنَّهُ يَبْدَأُ الْخَلْقَ ثُمَّ يُعِيدُهُ لِيَجْزِيَ الَّذِينَ آمَنُوا وَعَمِلُوا الصَّالِحَاتِ بِالْقِسْطِ ۚ وَالَّذِينَ كَفَرُوا لَهُمْ شَرَابٌ مِّنْ حَمِيمٍ وَعَذَابٌ أَلِيمٌ بِمَا كَانُوا يَكْفُرُونَ ﴾ 4 ﴿

Transliteration

इलैहि मर्जिअुकुम् जमीअ़न्, वअ्दल्लाहि हक़्क़न्, इन्नहू यब्दउल्-ख़ल्-क़ सुम्-म युईदुहू लियज्ज़ियल्लज़ी-न आमनू व अमिलुस्सालिहाति बिल्क़िस्ति, वल्लज़ी-न क-फरू लहुम् शराबुम्-मिन् हमीमिंव व अज़ाबुन् अलीमुम्-बिमा कानू यक्फुरून

हिंदी अनुवाद

उसी की ओर तुमसब को लौटना है। ये अल्लाह का सत्य वचन है। वही उत्पत्ति का आरंभ करता है। फिर वही पुनः उत्पन्न करेगा, ताकि उन्हें न्याय के साथ प्रतिफल प्रदान[1] करे। जो ईमान लाये और सदाचार किये और जो काफ़िर हो गये, उनके लिए खोलता पेय तथा दुःखदायी यातना है, उस अविश्वास के बदले, जो कर रहे थे। 1. भावार्थ यह है कि यह दूसरा परलोक का जीवन इस लिये आवश्यक है कि कर्मों के फल का नियम यह चाहता है कि जब एक जीवन कर्म के लिये है तो दूसरा कर्मों के प्रतिफल के लिये होना चाहिये।

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هُوَ الَّذِي جَعَلَ الشَّمْسَ ضِيَاءً وَالْقَمَرَ نُورًا وَقَدَّرَهُ مَنَازِلَ لِتَعْلَمُوا عَدَدَ السِّنِينَ وَالْحِسَابَ ۚ مَا خَلَقَ اللَّهُ ذَٰلِكَ إِلَّا بِالْحَقِّ ۚ يُفَصِّلُ الْآيَاتِ لِقَوْمٍ يَعْلَمُونَ ﴾ 5 ﴿

Transliteration

हुवल्लज़ी-ज अलश्शम् स ज़ियाअंव्-वल्क़-म र नूरंव् व क़द्द-रहू मनाज़ि-ल लितअ्लमू अ़-ददस्सिनी-न वल्हिसा-ब, मा ख़-लक़ल्लाहु ज़ालि-क इल्ला बिल्हक़्क़ि, युफस्सिलुल्-आयाति लिक़ौमिंय्यअ्लमून

हिंदी अनुवाद

उसीने सूर्य को ज्योति तथा चाँद को प्रकाश बनाया है और उस (चाँद) के गंतव्य स्थान निर्धारित कर दिये, ताकि तुम वर्षों की गिनती तथा ह़िसाब का ज्ञान कर लो। इनकी उत्पत्ति अल्लाह ने नहीं की है, परन्तु सत्य के साथ। वह उन लोगों के लिए निशानियों (लक्षणों) का वर्णन कर रहा है, जो ज्ञान रखते हों।

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إِنَّ فِي اخْتِلَافِ اللَّيْلِ وَالنَّهَارِ وَمَا خَلَقَ اللَّهُ فِي السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضِ لَآيَاتٍ لِّقَوْمٍ يَتَّقُونَ ﴾ 6 ﴿

Transliteration

इन्-न फ़िख़् तिलाफ़िल्लैलि वन्नहारि व मा ख़-लक़ल्लाहु फ़िस्समावाति वल्अर्ज़ि लआयातिल् लिक़ौमिय्यत्तक़ून

हिंदी अनुवाद

निःसंदेह रात्रि तथा दिवस के एक-दूसरे के पीछे आने में और जो कुछ अल्लह ने आकाशों तथा धरती में उत्पन्न किया है, उन लोगों के लिए निशानियाँ हैं, जो अल्लाह से डरते हों।

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إِنَّ الَّذِينَ لَا يَرْجُونَ لِقَاءَنَا وَرَضُوا بِالْحَيَاةِ الدُّنْيَا وَاطْمَأَنُّوا بِهَا وَالَّذِينَ هُمْ عَنْ آيَاتِنَا غَافِلُونَ ﴾ 7 ﴿

Transliteration

इन्नल्लज़ी-न ला यर्जू-न लिक़ा-अना व रज़ू बिल्हयातिद्दुन्या वत्म-अन्नू बिहा वल्लज़ी-न हुम् अन् आयातिना ग़ाफ़िलून

हिंदी अनुवाद

वास्तव में, जो लोग (प्रलय के दिन) हमसे मिलने की आशा नहीं रखते और सांसारिक जीवन से प्रसन्न हैं तथा उसीसे संतुष्ट हैं तथा जो हमारी निशानियों से असावधान हैं।

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أُولَٰئِكَ مَأْوَاهُمُ النَّارُ بِمَا كَانُوا يَكْسِبُونَ ﴾ 8 ﴿

Transliteration

उलाइ-क मअ्वाहुमुन्नारू बिमा कानू यक्सिबून

हिंदी अनुवाद

उन्हीं का आवास नरक है, उसके कारण, जो वे करते रहे।

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‏ إِنَّ الَّذِينَ آمَنُوا وَعَمِلُوا الصَّالِحَاتِ يَهْدِيهِمْ رَبُّهُم بِإِيمَانِهِمْ ۖ تَجْرِي مِن تَحْتِهِمُ الْأَنْهَارُ فِي جَنَّاتِ النَّعِيمِ ﴾ 9 ﴿

Transliteration

इन्नल्लज़ी-न आमनू व अमिलुस्सालिहाति यह़्दीहिम् रब्बुहुम् बिईमानिहिम्, तज्री मिन् तह़्तिहिमुल-अन्हारू फ़ी जन्नातिन्-नईम

हिंदी अनुवाद

वास्तव में, जो ईमान लाये और सुकर्म किये, उनका पालनहार, उनके ईमान के कारण, उन्हें (स्वर्ग की) राह दर्शा देगा, जिनमें नहरें प्रवाहित होंगी। वे सुख के स्वर्गों में होंगे।

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دَعْوَاهُمْ فِيهَا سُبْحَانَكَ اللَّهُمَّ وَتَحِيَّتُهُمْ فِيهَا سَلَامٌ ۚ وَآخِرُ دَعْوَاهُمْ أَنِ الْحَمْدُ لِلَّهِ رَبِّ الْعَالَمِينَ ﴾ 10 ﴿

Transliteration

दअ्वाहुम् फीहा सुब्हान-कल्लाहुम्-म व तहिय्यतुहुम् फ़ीहा सलामुन, व आख़िरू दअ्वाहुम् अनिल-हम्दु लिल्लाहि रब्बिल्-आलमीन *

हिंदी अनुवाद

उनकी पुकार उस (स्वर्ग) में ये होगीः "हे अल्लाह! तू पवित्र है।" और एक-दूसरे को उसमें उनका आशीर्वाद ये होगाः "तुमपर शान्ति हो।" और उनकी प्रार्थना का अंत ये होगाः "सब प्रशंसा, अल्लाह के लिए है, जो सम्पूर्ण विश्व का पालनहार है।"

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وَلَوْ يُعَجِّلُ اللَّهُ لِلنَّاسِ الشَّرَّ اسْتِعْجَالَهُم بِالْخَيْرِ لَقُضِيَ إِلَيْهِمْ أَجَلُهُمْ ۖ فَنَذَرُ الَّذِينَ لَا يَرْجُونَ لِقَاءَنَا فِي طُغْيَانِهِمْ يَعْمَهُونَ ﴾ 11 ﴿

Transliteration

व लौ युअ़ज्जिलुल्लाहु लिन्नासिश शर्रसतिअ्जा-लहुम बिल्ख़ैरि लक़ुज़ि-य इलैहिम् अ-जलुहुम्, फ़-न- ज़रूल्लज़ी-न ला यरजू-न लिक़ा-अना फी तुग़्यानिहिम् यअ्महून

हिंदी अनुवाद

और यदि अल्लाह, लोगों को तुरन्त बुराई का (बदला) दे देता, जैसे वे तुरन्त (सांसारिक) भलाई चाहते हैं, तो उनका समय कभी पूरा हो चुका होता! अतः जो (मरने के पश्चात्) हमसे मिलने की आशा नहीं रखते, हम उन्हें, उनके कुकर्मों में बहकते हुए[1] छोड़ देंगे। 1. आयत का अर्थ यह है कि अल्लाह के दुष्कर्मों का दण्ड देने का नियम यह नहीं है कि तुरन्त संसार ही में उस का कुफल दे दिया जाये। परन्तु दुष्कर्मी का यहाँ अवसर दिया जाता है, अन्यथा उन का समय कभी का पूरा हो चुका होता।

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وَإِذَا مَسَّ الْإِنسَانَ الضُّرُّ دَعَانَا لِجَنبِهِ أَوْ قَاعِدًا أَوْ قَائِمًا فَلَمَّا كَشَفْنَا عَنْهُ ضُرَّهُ مَرَّ كَأَن لَّمْ يَدْعُنَا إِلَىٰ ضُرٍّ مَّسَّهُ ۚ كَذَٰلِكَ زُيِّنَ لِلْمُسْرِفِينَ مَا كَانُوا يَعْمَلُونَ ﴾ 12 ﴿

Transliteration

व इज़ा मस्सल् इन्सान्ज़्-ज़ुर्रू दआ़ना लिजम्बिही औ क़ाअिदन् औ क़ाइमन्, फ़-लम्मा कशफ़्ना अन्हु ज़ुर् -रहू मर्-र क-अल्लम् यद्अुना इला जुर्रिंम्-मस्सहू, कज़ालि क ज़ुय्यि-न लिल्मुस्रिफ़ी-न मा कानू यअ्मलून

हिंदी अनुवाद

और जब मानव को कोई दुःख पहुँचता है, तो हमें लेटे, बैठे या खड़े होकर पुकारता है। फिर जब हम उसका दुःख दूर कर देते हैं, तो ऐसे चल देता है, जैसे कभी हमें किसी दुःख के समय पुकारा ही न हो! इसी प्रकार, उल्लंघनकारियों के लिए उनके करतूत शोभित बना दिये गये हैं।

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وَلَقَدْ أَهْلَكْنَا الْقُرُونَ مِن قَبْلِكُمْ لَمَّا ظَلَمُوا ۙ وَجَاءَتْهُمْ رُسُلُهُم بِالْبَيِّنَاتِ وَمَا كَانُوا لِيُؤْمِنُوا ۚ كَذَٰلِكَ نَجْزِي الْقَوْمَ الْمُجْرِمِينَ ﴾ 13 ﴿

Transliteration

व ल-क़द् अह़्लक्नल्-क़ुरू-न मिन् क़ब्लिकुम् लम्मा ज़-लमू, व जाअत्हुम् रूसुलुहुम् बिल्बय्यिनाति व मा कानू लियुअ्मिनू, कज़ालि-क नज्ज़िल् क़ौमल्-मुज्रिमीन

हिंदी अनुवाद

और तुमसे पहले, हम कई जातियों को ध्वस्त कर चुके हैं; जब उन्होंने अत्याचार किये और उनके पास उनके रसूल खुले तर्क (प्रमाण) लाये, परन्तु वे ऐसे नहीं थे कि ईमान लाते, इसी प्रकार, हम अपराधियों को बदला देते हैं।

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ثُمَّ جَعَلْنَاكُمْ خَلَائِفَ فِي الْأَرْضِ مِن بَعْدِهِمْ لِنَنظُرَ كَيْفَ تَعْمَلُونَ ﴾ 14 ﴿

Transliteration

सुम्-म जअल्नाकुम् ख़लाइ-फ़ फ़िल्अर्ज़ि मिम्-बअ्दिहिम् लिनन्ज़ु-र कै-फ़ तअ्मलून

हिंदी अनुवाद

फिर हमने धरती में उनके पश्चात्, तुम्हें उनका स्थान दिया, ताकि हम देखें कि तुम्हारे कर्म कैसे होते हैं?

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وَإِذَا تُتْلَىٰ عَلَيْهِمْ آيَاتُنَا بَيِّنَاتٍ ۙ قَالَ الَّذِينَ لَا يَرْجُونَ لِقَاءَنَا ائْتِ بِقُرْآنٍ غَيْرِ هَٰذَا أَوْ بَدِّلْهُ ۚ قُلْ مَا يَكُونُ لِي أَنْ أُبَدِّلَهُ مِن تِلْقَاءِ نَفْسِي ۖ إِنْ أَتَّبِعُ إِلَّا مَا يُوحَىٰ إِلَيَّ ۖ إِنِّي أَخَافُ إِنْ عَصَيْتُ رَبِّي عَذَابَ يَوْمٍ عَظِيمٍ ﴾ 15 ﴿

Transliteration

व इज़ा तुत्ला अ़लैहिम् आयातुना बय्यिनातिन्, क़ालल्लज़ी-न ला यर्जू न लिक़ा-अनअ्ति बिक़ुर् आनिन् ग़ैरि हाज़ा औ बद्दिल्हु, क़ुल् मा यकूनु ली अन् उबद्दि-लहू मिन् तिल्क़ा-इ नफ्सी, इन् अत्तबिअु इल्ला मा यूहा इलय्-य, इन्नी अख़ाफु इन् अ़सैतु रब्बी अ़ज़ा-ब यौमिन् अ़ज़ीम

हिंदी अनुवाद

और (हे नबी!) जब हमारी खुली आयतें उन्हें सुनाई जाती हैं, तो जो हमसे मिलने की आशा नहीं रखते, वे कहते हैं कि इसके सिवा कोई दूसरा क़ुर्आन लाओ या इसमें परिवर्तन कर दो। उनसे कह दो कि मेरे बस में ये नहीं है कि अपनी ओर से इसमें परिवर्तन कर दूँ। मैं तो बस उस प्रकाशना का अनुयायी हूँ, जो मेरी ओर की जाती है। मैं यदि अपने पालनहार की अवज्ञा करूँ, तो मैं एक घोर दिन की यातना से डरता हूँ।

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قُل لَّوْ شَاءَ اللَّهُ مَا تَلَوْتُهُ عَلَيْكُمْ وَلَا أَدْرَاكُم بِهِ ۖ فَقَدْ لَبِثْتُ فِيكُمْ عُمُرًا مِّن قَبْلِهِ ۚ أَفَلَا تَعْقِلُونَ ﴾ 16 ﴿

Transliteration

क़ुल् लौ शा-अल्लाहु मा तलौतुहू अलैकुम् व ला अद्राकुम बिही, फ़-क़द् लबिस्तु फ़ीकुम् अुमुरम्-मिन् क़ब्लिही, अ-फ़ला तअ्क़िलून

हिंदी अनुवाद

आप कह दें: यदि अल्लाह चाहता, तो मैं क़ुर्आन तुम्हें सुनाता ही नहीं और न वह तुम्हें इससे सूचित करता। फिर मैं इससे पहले तुम्हारे बीच एक आयु व्यतीत कर चुका हूँ। तो क्या तुम समझ बूझ नहीं रखते हो[1]? 1. आयत का भावार्थ यह है कि यदि तुम एक इसी बात पर विचार करो कि मैं तुम्हारे लिये कोई अपरिचित अज्ञात नहीं हूँ। मैं तुम्ही में से हूँ। यहीं मक्का में पैदा हुआ, और चालीस वर्ष की आयु तुम्हारे बीच व्यतीत की। मेरा पूरा जीवन चरित्र तुम्हारे सामने है, इस अवधि में तुमने सत्य और अमानत के विरुध्द मुझ में कोई बात नहीं देखी तो अब चालीस वर्ष के पश्चात् यह कैसे हो सकता है कि अल्लाह पर यह मिथ्या आरोप लगा दूँ कि उस ने यह क़ुर्आन मुझ पर उतारा है? मेरा पवित्र जीवन स्वयं इस बात का प्रमाण है कि यह क़ुर्आन अल्लाह की वाणी है। और मैं उस का नबी हूँ। और उसी की अनुमति से यह क़ुर्आन तुम्हें सुना रहा हूँ।

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فَمَنْ أَظْلَمُ مِمَّنِ افْتَرَىٰ عَلَى اللَّهِ كَذِبًا أَوْ كَذَّبَ بِآيَاتِهِ ۚ إِنَّهُ لَا يُفْلِحُ الْمُجْرِمُونَ ﴾ 17 ﴿

Transliteration

फ़-मन् अज़्लमु मिम् मनिफ्तरा अ़लल्लाहि कज़िबन् औ कज़्ज़-ब बिआयातिही, इन्नहू ला युफ्लिहुल मुज्रिमून

हिंदी अनुवाद

फिर उससे अधिक अत्याचारी कौन होगा, जो अल्लाह पर मिथ्या आरोप लगाये अथवा उसकी आयतों को मिथ्या कहे? वास्तव में, ऐसे अपराधी सफल नहीं होते।

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وَيَعْبُدُونَ مِن دُونِ اللَّهِ مَا لَا يَضُرُّهُمْ وَلَا يَنفَعُهُمْ وَيَقُولُونَ هَٰؤُلَاءِ شُفَعَاؤُنَا عِندَ اللَّهِ ۚ قُلْ أَتُنَبِّئُونَ اللَّهَ بِمَا لَا يَعْلَمُ فِي السَّمَاوَاتِ وَلَا فِي الْأَرْضِ ۚ سُبْحَانَهُ وَتَعَالَىٰ عَمَّا يُشْرِكُونَ ﴾ 18 ﴿

Transliteration

व यअ्बुदू-न मिन् दूनिल्लाहि मा ला यज़ुर्रूहुम् व ला यन्फ़अुहुम् व यक़ूलू-न हा-उला-इ शु-फ़आ़उना अिन्दल्लाहि, क़ुल अतुनब्बिऊनल्ला-ह बिमा ला यअ्लमु फिस्समावाति व ला फ़िल्अर्ज़ि, सुब्हानहू व तआला अम्मा युश्रिकून

हिंदी अनुवाद

और वे अल्लाह के सिवा, उनकी इबादत (वंदना) करते हैं, जो न तो उन्हें कोई हानि पहुँचा सकते हैं और न कोई लाभ और कहते हैं ये अल्लाह के यहाँ, हमारे अभिस्तावक (सिफारिशी) हैं, आप कहियेः क्या तुम अल्लाह को ऐसी बात की सूचना दे रहे हो, जिसके होने को न वह आकाशों में जानता है और न धरती में? वह पवित्र और उच्च है, उस शिर्क (मिश्रणवाद) से, जो वे कर रहे हैं।

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وَمَا كَانَ النَّاسُ إِلَّا أُمَّةً وَاحِدَةً فَاخْتَلَفُوا ۚ وَلَوْلَا كَلِمَةٌ سَبَقَتْ مِن رَّبِّكَ لَقُضِيَ بَيْنَهُمْ فِيمَا فِيهِ يَخْتَلِفُونَ ﴾ 19 ﴿

Transliteration

व मा कानन्नासु इल्ला उम्मतंव्वाहि-दतन् फ़ख़्त-लफु, व लौ ला कलि-मतुन् स-बक़त् मिर्रब्बि-क लकुज़ि-य बैनहुम् फ़ीमा फ़ीहि यख़्तलिफून

हिंदी अनुवाद

लोग एक ही धर्म (इस्लाम) पर थे, फिर उन्होंने विभेद[1] किया और यदि आपके पालनहार की ओर से, पहले ही से एक बात निश्चित न[1] होती, तो उनके बीच उसका (संसार ही में) निर्णय कर दिया जाता, जिसमें वे विभेद कर रहे हैं। 1. अतः कुछ शिर्क करने और देवी देवताओं को पूजने लगे। (इब्ने कसीर) 2. कि संसार में लोगों को कर्म करने का अवसर दिया जाये।

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وَيَقُولُونَ لَوْلَا أُنزِلَ عَلَيْهِ آيَةٌ مِّن رَّبِّهِ ۖ فَقُلْ إِنَّمَا الْغَيْبُ لِلَّهِ فَانتَظِرُوا إِنِّي مَعَكُم مِّنَ الْمُنتَظِرِينَ ﴾ 20 ﴿

Transliteration

व यक़ूलू-न लौ ला उन्ज़ि-ल अलैहि आयतुम्- मिर्रब्बिही, फक़ुल इन्नमल्-ग़ैबु लिल्लाहि फ़न्तज़िरू, इन्नी म-अ़कुम् मिनल् मुन्तज़िरीन*

हिंदी अनुवाद

और वे ये भी कहते हैं कि आपपर कोई आयत (चमत्कार) क्यों नहीं उतारा गया[1]? आप कह दें कि परोक्ष की बातें तो अल्लाह के अधिकार में हैं। अतः, तुम प्रतीक्षा करो, मैंभी तुम्हारे साथ प्रतीक्षा कर रहा हूँ[1]1. जैसे कि सफ़ा पर्वत सोने का हो जाता। अथवा मक्का के पर्वतों के स्थान पर अद्यान हो जाते। (इब्ने कसीर) 2. अर्थात अल्लाह के आदेश की।

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وَإِذَا أَذَقْنَا النَّاسَ رَحْمَةً مِّن بَعْدِ ضَرَّاءَ مَسَّتْهُمْ إِذَا لَهُم مَّكْرٌ فِي آيَاتِنَا ۚ قُلِ اللَّهُ أَسْرَعُ مَكْرًا ۚ إِنَّ رُسُلَنَا يَكْتُبُونَ مَا تَمْكُرُونَ ﴾ 21 ﴿

Transliteration

व इज़ा अज़क़्नन्ना-स रह्-म तम् मिम् बअ्दि ज़र्रा-अ मस्सत्हुम् इज़ा लहुम् मक्रुन् फी आयातिना, क़ुलिल्लाहु अस्रअु मक्रन, इन्-न रूसुलना यक्तुबू-न मा तम्कुरून

हिंदी अनुवाद

और जब हम, लोगों को दुःख पहुँचने के पश्चात्, दया (का स्वाद) चखाते हैं, तो तुरन्त हमारी आयतों (निशानियों) के बारे में षड्यंत्र रचने लगते हैं। आप कह दें कि अल्लाह का उपाय अधिक तीव्र है। हमारे फ़रिश्ते तुम्हारी चालें लिख रहे हैं।

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هُوَ الَّذِي يُسَيِّرُكُمْ فِي الْبَرِّ وَالْبَحْرِ ۖ حَتَّىٰ إِذَا كُنتُمْ فِي الْفُلْكِ وَجَرَيْنَ بِهِم بِرِيحٍ طَيِّبَةٍ وَفَرِحُوا بِهَا جَاءَتْهَا رِيحٌ عَاصِفٌ وَجَاءَهُمُ الْمَوْجُ مِن كُلِّ مَكَانٍ وَظَنُّوا أَنَّهُمْ أُحِيطَ بِهِمْ ۙ دَعَوُا اللَّهَ مُخْلِصِينَ لَهُ الدِّينَ لَئِنْ أَنجَيْتَنَا مِنْ هَٰذِهِ لَنَكُونَنَّ مِنَ الشَّاكِرِي ﴾ 22 ﴿

Transliteration

हुवल्लज़ी युसय्यिरूकुम् फ़िल्बर्रि वल्बह़रि, हत्ता इज़ा कुन्तुम् फ़िल्फुल्कि, व जरै-न बिहिम् बिरीहिन् तय्यि- बतिंव्-व फ़रिहू बिहा जाअत्हा रीहुन् आसिफुंव्-व जा-अहुमुल मौजु मिन् कुल्लि मकानिंव्-व ज़न्नू अन्नहुम् उही-त बिहिम्, द-अ़वुल्ला-ह मुख़्लिसी-न लहुद्दी-न, ल-इन् अन्जैतना मिन् हाज़िही ल-नकूनन्-न मिनश्शाकिरीन

हिंदी अनुवाद

वही है, जो जल तथा थल में तुम्हें फिराता है। फिर जब तुम नौकाओं में होते हो और (नौकाएँ) उन (सवारों) को लेकर अनुकूल वायु के कारण चलती हैं और वे उससे प्रसन्न होते हैं, तो अकस्मात् प्रचन्ड वायु का झोंका आ जाता है और प्रत्येक स्थान से उन्हें लहरें मारने लगती हैं और समझते हैं कि उन्हें घेर लिया गया है, तो अल्लाह से उसके लिए धर्म को विशुध्द करके[1]प्रार्थना करते हैं कि यदि तूने हमें बचा लिया, तो हम अवश्य तेरे कृतज्ञ बनकर रहेंगे! 1. और सब देवी देवताओं को भूल जाते हैं।

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فَلَمَّا أَنجَاهُمْ إِذَا هُمْ يَبْغُونَ فِي الْأَرْضِ بِغَيْرِ الْحَقِّ ۗ يَا أَيُّهَا النَّاسُ إِنَّمَا بَغْيُكُمْ عَلَىٰ أَنفُسِكُم ۖ مَّتَاعَ الْحَيَاةِ الدُّنْيَا ۖ ثُمَّ إِلَيْنَا مَرْجِعُكُمْ فَنُنَبِّئُكُم بِمَا كُنتُمْ تَعْمَلُونَ ﴾ 23 ﴿

Transliteration

फ़-लम्मा अन्जाहुम् इज़ा हुम् यब्ग़ू-न फ़िल्अर्ज़ि बिग़ैरिल्-हक़्क़ि, या अय्युहन्नासु इन्नमा बग़्युकुम् अला अन्फुसिकुम्, मताअ़ल् हयातिद्दुन्या, सुम्-म इलैना मर्जिअुकुम् फ़नुनब्बिउकुम् बिमा कुन्तुम् तअ्मलून

हिंदी अनुवाद

फिर जब उन्हें बचा लेता है, तो अकस्मात् धरती में अवैध विद्रोह करने लगते हैं। हे लोगो! तुम्हारा विद्रोह, तुम्हारे ही विरुध्द पड़ रहा है। ये सांसारिक जीवन के कुछ लाभ[1] हैं। फिर तुम्हें हमारी ओर फिरकर आना है। तब हम, तुम्हें बता देंगे कि तुम क्या कर रहे थे? 1. भावार्थ यह है कि जब तक संसारिक जीवन के संसाधन का कोई सहारा होता है तो लोग अल्लाह को भूले रहते हैं। और जब यह सहारा नहीं होता तो उन का अन्तरज्ञान उभरता है। और वह अल्लाह को पुकारने लगते हैं। और जब दुःख दूर हो जाता है तो फिर वही दशा हो जाती है। इस्लाम यह शिक्षा देता है कि सदा सुख दुःख में उसे याद करते रहो।

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إِنَّمَا مَثَلُ الْحَيَاةِ الدُّنْيَا كَمَاءٍ أَنزَلْنَاهُ مِنَ السَّمَاءِ فَاخْتَلَطَ بِهِ نَبَاتُ الْأَرْضِ مِمَّا يَأْكُلُ النَّاسُ وَالْأَنْعَامُ حَتَّىٰ إِذَا أَخَذَتِ الْأَرْضُ زُخْرُفَهَا وَازَّيَّنَتْ وَظَنَّ أَهْلُهَا أَنَّهُمْ قَادِرُونَ عَلَيْهَا أَتَاهَا أَمْرُنَا لَيْلًا أَوْ نَهَارًا فَجَعَلْنَاهَا حَصِيدًا كَأَن لَّمْ تَغْنَ بِالْأَمْسِ ۚ كَذَٰلِكَ نُفَصِّلُ الْآيَاتِ لِقَوْمٍ يَتَفَكَّرُونَ ﴾ 24 ﴿

Transliteration

इन्नमा म-सलुल्-हयातिद्दुन्या कमा-इन् अन्ज़ल्नाहु मिनस्समा-इ फ़ख़्त-ल त बिही नबातुल-अर्ज़ि मिम्मा यअ्कुलुन्नासु वल्-अन्आमु, हत्ता इज़ा अ-ख़ ज़तिल्-अर्-ज़ु जुख़्रु-फ़हा वज़्ज़य्यनत् व ज़न्-न अह़्लुहा अन्नहुम् क़ादिरू-न अ़लैहा, अताहा अम्रुना लैलन् औ नहारन् फ़-जअल्नाहा हसीदन् क-अल्लम् तग़्-न बिल् अम्सि, कज़ालि-क नुफस्सिलुल-आयाति लिक़ौमिंय्-य तफ़क्करून

हिंदी अनुवाद

सांसारिक जीवन तो ऐसा ही है, जैसे हमने आकाश से जल बरसाया, जिससे धरती की उपज घनी हो गयी, जिसमें से लोग और पशु खाते हैं। फिर जब, वह समय आया कि धरती ने अपनी शोभा पूरी कर ली और सुसज्जित हो गयी और उसके स्वामी ने समझा कि वह, उससे लाभांवित होने पर सामर्थ्य रखते हैं, तो अकस्मात् रात या दिन में हमारा आदेश आ गया और हमने उसे, इस प्रकार काटकर रख दिया, जैसे कि कल वहाँ थी[1]ही नहीं। इसी प्रकार, हम आयतों का वर्णन खोल-खोल कर करते हैं, ताकि लोग मनन-चिंतन करें। 1. अर्थात संसारिक आनंद और सुख वर्षा की उपज के समान सामयिक और अस्थायी है।

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وَاللَّهُ يَدْعُو إِلَىٰ دَارِ السَّلَامِ وَيَهْدِي مَن يَشَاءُ إِلَىٰ صِرَاطٍ مُّسْتَقِيمٍ ﴾ 25 ﴿

Transliteration

वल्लाहु यद्अू इला दारिस्सलामि, व यह़्दी मंय्यशा-उ इला सिरातिम्-मुस्तक़ीम

हिंदी अनुवाद

और अल्लाह तुम्हें शान्ति के घर (स्वर्ग) की ओर बुला रहा है और जिसे चाहता है, सीधी डगर दर्शा देता है।

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لِّلَّذِينَ أَحْسَنُوا الْحُسْنَىٰ وَزِيَادَةٌ ۖ وَلَا يَرْهَقُ وُجُوهَهُمْ قَتَرٌ وَلَا ذِلَّةٌ ۚ أُولَٰئِكَ أَصْحَابُ الْجَنَّةِ ۖ هُمْ فِيهَا خَالِدُونَ ﴾ 26 ﴿

Transliteration

लिल्लज़ी-न अह़्सनुल-हुस्ना व ज़िया-दतु, व ला यरहक़ु वुजू-हहुम् क़-तरूंव्-व ला ज़िल्लतुन्, उलाइ-क अस्हाबुल्-जन्नति, हुम् फ़ीहा ख़ालिदून

हिंदी अनुवाद

जिन लोगों ने भलाई की, उनके लिए भलाई ही होगी और उससे भी अधिक[1]1. अधिकांश भाष्यकारों ने "अधिक" का भावार्थ "आख़िरत में अल्लाह का दर्शन" और "भलाई" का "स्वर्ग" किया है। (इब्ने कसीर)

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وَالَّذِينَ كَسَبُوا السَّيِّئَاتِ جَزَاءُ سَيِّئَةٍ بِمِثْلِهَا وَتَرْهَقُهُمْ ذِلَّةٌ ۖ مَّا لَهُم مِّنَ اللَّهِ مِنْ عَاصِمٍ ۖ كَأَنَّمَا أُغْشِيَتْ وُجُوهُهُمْ قِطَعًا مِّنَ اللَّيْلِ مُظْلِمًا ۚ أُولَٰئِكَ أَصْحَابُ النَّارِ ۖ هُمْ فِيهَا خَالِدُونَ ﴾ 27 ﴿

Transliteration

वल्लज़ी-न क सबुस्सय्यिआति जज़ा-उ सय्यि-अतिम् बिमिस्लिहा, व तर्हक़ुहुम् ज़िल्लतुन्, मा लहुम् मिनल्लाहि मिन् आसिमिन्, क-अन्नमा उग़्शियत् वुजूहुहुम् क़ि-तअ़म् मिनल्लैलि मुज़्लिमन्, उलाइ-क अस्हाबुन्नारि, हुम् फ़ीहा ख़ालिदून

हिंदी अनुवाद

और जिन लोगों ने बुराईयाँ कीं, तो बुराई का बदला उसी जैसा होगा; उनपर अपमान छाया होगा और उनके लिए अल्लाह से बचाने वाला कोई न होगा। उनके मुखों पर ऐसे कालिमा छायी होगी, जैसे अंधेरी रात के काले पर्दे, उनपर पड़े हुए हों। वही नारकी होंगे और वही उसमें सदावासी होंगे।

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وَيَوْمَ نَحْشُرُهُمْ جَمِيعًا ثُمَّ نَقُولُ لِلَّذِينَ أَشْرَكُوا مَكَانَكُمْ أَنتُمْ وَشُرَكَاؤُكُمْ ۚ فَزَيَّلْنَا بَيْنَهُمْ ۖ وَقَالَ شُرَكَاؤُهُم مَّا كُنتُمْ إِيَّانَا تَعْبُدُونَ ﴾ 28 ﴿

Transliteration

व यौ-म नहशुरूहुम् जमीअ़न् सुम्-म नक़ूलु लिल्लज़ी-न अश्रकू मकानकुम् अन्तुम् व शु-रकाउकुम्, फ़ ज़य्यल्ना बैनहुम् व क़ा-ल शु-रकाउहुम् मा कुन्तुम् इय्याना तअ्बुदून

हिंदी अनुवाद

जिस दिन, हम उनसब को एकत्र करेंगे, फिर उनसे कहेंगे, जिन्होंने साझी बनाया है कि अपने स्थान पर रुके रहो और तुम्हारे (बनाये हुए) साझी भी। फिर हम उनके बीच अलगाव कर देंगे और उनके साझी कहेंगेः तुमतो हमारी वंदना ही नहीं करते थे।

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فَكَفَىٰ بِاللَّهِ شَهِيدًا بَيْنَنَا وَبَيْنَكُمْ إِن كُنَّا عَنْ عِبَادَتِكُمْ لَغَافِلِينَ ﴾ 29 ﴿

Transliteration

फ़-कफ़ा बिल्लाहि शहीदम् बैनना व बैनकुम् इन् कुन्ना अन् अिबादतिकुम् लगाफ़िलीन

हिंदी अनुवाद

हमारे और तुम्हारे बीच, अल्लाह का साक्ष्य बस है कि तुम्हारी वंदना से, हम असूचित थे।

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هُنَالِكَ تَبْلُو كُلُّ نَفْسٍ مَّا أَسْلَفَتْ ۚ وَرُدُّوا إِلَى اللَّهِ مَوْلَاهُمُ الْحَقِّ ۖ وَضَلَّ عَنْهُم مَّا كَانُوا يَفْتَرُونَ ﴾ 30 ﴿

Transliteration

हुनालि-क तब्लू कुल्लु नफ्सिम् मा अस्ल-फत् व रूद्दू इलल्लाहि मौलाहुमुल्-हक़्क़ि व ज़ल्-ल अन्हुम् मा कानू यफ़्तरून *

हिंदी अनुवाद

वहीं, प्रत्येक व्यक्ति उसे परख लेगा, जो पहले किया है और वे (निर्णय के लिए) अपने सत्य स्वामी की ओर फेर दिये जायेंगे और जो मिथ्या बातें बना रहे थे, उनसे खो जायेंगे।

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قُلْ مَن يَرْزُقُكُم مِّنَ السَّمَاءِ وَالْأَرْضِ أَمَّن يَمْلِكُ السَّمْعَ وَالْأَبْصَارَ وَمَن يُخْرِجُ الْحَيَّ مِنَ الْمَيِّتِ وَيُخْرِجُ الْمَيِّتَ مِنَ الْحَيِّ وَمَن يُدَبِّرُ الْأَمْرَ ۚ فَسَيَقُولُونَ اللَّهُ ۚ فَقُلْ أَفَلَا تَتَّقُونَ ﴾ 31 ﴿

Transliteration

क़ुल मंय्यर्ज़ुक़ुकुम मिनस्समा-इ वल्अर्ज़ि अम्- मंय्यम्लिकुस्सम्-अ वल् अब्सा-र व मंय्युख़्रिजुल्- हय्-य मिनल्मय्यिति व युख़्रिजुल्-मय्यि-त मिनल्-हय्यि व मंय्युदब्बिरूल-अम्-र, फ़-स-यक़ूलूनल्लाहु, फ़क़ुल् अ-फ़ला तत्तक़ून

हिंदी अनुवाद

(हे नबी!) उनसे पूछें कि तुम्हें कौन आकाश तथा धरती[1] से जीविका प्रदान करता है? सुनने तथा देखने की शक्तियाँ किसके अधिकार में हैं? कौन निर्जीव से जीव को तथा जीव से निर्जीव को निकालता है? वह कौन है, जो विश्व की व्यवस्था कर रहा है? वे कह देंगे कि अल्लाह[1]! फिर कहो कि क्या तुम (सत्य के विरोध से) डरते नहीं हो? 1. आकाश की वर्षा तथा धरती की उपज से। 2. जब यह स्वीकार करते हो कि विश्व की व्यवस्था अल्लाह ही कर रहा है तो पूजा अराधना भी उसी की होनी चाहिये।

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فَذَٰلِكُمُ اللَّهُ رَبُّكُمُ الْحَقُّ ۖ فَمَاذَا بَعْدَ الْحَقِّ إِلَّا الضَّلَالُ ۖ فَأَنَّىٰ تُصْرَفُونَ ﴾ 32 ﴿

Transliteration

फ़ज़ालिकुमुल्लाहु रब्बुकुमुल्-हक़्क़ु, फ़-माज़ा बअ्दल्-हक़्क़ि इल्लज़्ज़लालु, फ़-अन्ना तुस्रफून

हिंदी अनुवाद

तो वही अल्लाह तुम्हारा सत्य पालनहार है, फिर सत्य के पश्चात् कुपथ (असत्य) के सिवा क्या रह गया? फिर तुम किधर फिराये जा रहे हो?

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كَذَٰلِكَ حَقَّتْ كَلِمَتُ رَبِّكَ عَلَى الَّذِينَ فَسَقُوا أَنَّهُمْ لَا يُؤْمِنُونَ ﴾ 33 ﴿

Transliteration

कज़ालि-क हक़्क़त् कलि-मतु रब्बि-क अ़लल्लज़ी-न फ़-सक़ू अन्नहुम् ला युअ्मिनून

हिंदी अनुवाद

इस प्रकार, आपके पालनहार की बातें अवज्ञाकारियों पर सत्य सिध्द हो गयीं कि वे ईमान नहीं लायेंगे।

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قُلْ هَلْ مِن شُرَكَائِكُم مَّن يَبْدَأُ الْخَلْقَ ثُمَّ يُعِيدُهُ ۚ قُلِ اللَّهُ يَبْدَأُ الْخَلْقَ ثُمَّ يُعِيدُهُ ۖ فَأَنَّىٰ تُؤْفَكُونَ ﴾ 34 ﴿

Transliteration

क़ुल हल् मिन् शु-रकाइकुम् मंय्यब्दउल्-ख़ल्-क़ सुम् -म युअीदुहू, क़ुलिल्लाहु यब्दउल्ख़ल्क़ सुम्-म युईदुहू फ़-अन्ना तुअ्फ़कून

हिंदी अनुवाद

आप उनसे कहियेः क्या तुम्हारे साझियों में कोई है, जो उत्पत्ति का आरंभ करता फिर उसे दुहराता है। फिर तुम कहाँ बहके जा रहे हो?

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قُلْ هَلْ مِن شُرَكَائِكُم مَّن يَهْدِي إِلَى الْحَقِّ ۚ قُلِ اللَّهُ يَهْدِي لِلْحَقِّ ۗ أَفَمَن يَهْدِي إِلَى الْحَقِّ أَحَقُّ أَن يُتَّبَعَ أَمَّن لَّا يَهِدِّي إِلَّا أَن يُهْدَىٰ ۖ فَمَا لَكُمْ كَيْفَ تَحْكُمُونَ ﴾ 35 ﴿

Transliteration

क़ुल हल् मिन् शु-रकाइकुम् मंय्यह्दी इलल्-हक़्क़ि, क़ुलिल्लाहु यह्दी लिल्हक़्क़ि, अ-फ़मंय्यह्दी इलल्हक़्क़ि अ-हक़्कु अंय्युत्त-ब-अ अम्-मल्ला यहिद्दी इल्ला अंय्युह्दा, फ़मा लकुम्, कै-फ़ तह़्कुमून

हिंदी अनुवाद

आप कहियेः क्या तुम्हारे साझियों में कोई संमार्ग दर्शाता है? (यदि नहीं,)तो क्या जो संमार्ग दर्शाता हो, वह अधिक योग्य है कि उसका अनुपालन किया जाये अथवा वह, जो स्वयं संमार्ग पर न हो, परन्तु ये कि उसे संमार्ग दर्शा दिया जाये? तो तुम्हें क्या हो गया है? तुम कैसा निर्णय कर रहे हो?

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‏ وَمَا يَتَّبِعُ أَكْثَرُهُمْ إِلَّا ظَنًّا ۚ إِنَّ الظَّنَّ لَا يُغْنِي مِنَ الْحَقِّ شَيْئًا ۚ إِنَّ اللَّهَ عَلِيمٌ بِمَا يَفْعَلُونَ ﴾ 36 ﴿

Transliteration

व मा यत्तबिअु अक्सरूहुम् इल्ला ज़न्नन्, इन्नज़्ज़न्-न ला युग़्नी मिनल्-हक़्क़ि शैअन्, इन्नल्ला-ह अलीमुम्-बिमा यफ्अलून

हिंदी अनुवाद

और उन (मिश्रणवादियों) में अधिकांश, अनुमान का अनुसरण करते हैं और सत्य को जानने में, अनुमान कुछ काम नहीं दे सकता। वास्तव में, अल्लाह जोकुछ वे कर रहे हैं, भली-भाँति जानता है।

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وَمَا كَانَ هَٰذَا الْقُرْآنُ أَن يُفْتَرَىٰ مِن دُونِ اللَّهِ وَلَٰكِن تَصْدِيقَ الَّذِي بَيْنَ يَدَيْهِ وَتَفْصِيلَ الْكِتَابِ لَا رَيْبَ فِيهِ مِن رَّبِّ الْعَالَمِينَ ﴾ 37 ﴿

Transliteration

व मा का-न हाज़ल-क़ुरआनु अंय्युफ्तरा मिन् दूनिल्लाहि व लाकिन् तस्दीक़ल्लज़ी बै-न यदैहि व तफ्सीलल्-किताबि ला रै-ब फ़ीहि मिर्रब्बिल-आलमीन

हिंदी अनुवाद

और ये क़ुर्आन, ऐसा नहीं है कि अल्लाह के सिवा अपने मन से बना लिया जाये, परन्तु उन (पुस्तकों) की पुष्टि है, जो इससे पहले उतरी हैं और ये पुस्तक (क़ुर्आन) विवरण[1] है। इसमें कोई संदेह नहीं कि ये सम्पूर्ण विश्व के पालनहार की ओर से है। 1. अर्थात अल्लाह की पुस्तकों में जो शिक्षा दी गयी है उस का क़ुर्आन में सविस्तार वर्णन है।

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أَمْ يَقُولُونَ افْتَرَاهُ ۖ قُلْ فَأْتُوا بِسُورَةٍ مِّثْلِهِ وَادْعُوا مَنِ اسْتَطَعْتُم مِّن دُونِ اللَّهِ إِن كُنتُمْ صَادِقِينَ ﴾ 38 ﴿

Transliteration

अम् यक़ूलूनफ्तराहु, क़ुल् फ़अतू बिसूरतिम्-मिस्लिही वद्अु मनिस्त-तअ्तुम् मिन् दूनिल्लाहि इन् कुन्तुम् सादिक़ीन

हिंदी अनुवाद

क्या वे कहते हैं कि इस (क़ुर्आन) को उस (नबी) ने स्वयं बना लिया है? आप कह दें: इसीके समान एक सूरह ले आओ और अल्लाह के सिवा, जिसे (अपनी सहायता के लिए) बुला सकते हो बुला लो, यदि तुम सत्यवादि हो।

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بَلْ كَذَّبُوا بِمَا لَمْ يُحِيطُوا بِعِلْمِهِ وَلَمَّا يَأْتِهِمْ تَأْوِيلُهُ ۚ كَذَٰلِكَ كَذَّبَ الَّذِينَ مِن قَبْلِهِمْ ۖ فَانظُرْ كَيْفَ كَانَ عَاقِبَةُ الظَّالِمِينَ ﴾ 39 ﴿

Transliteration

बल् कज़्ज़बू बिमा लम् युहीतू बिअिल्मिही व लम्मा यअ्तिहिम् तअ्वीलुहू, कज़ालि-क कज़्ज़बल्लज़ी-न मिन् क़ब्लिहिम् फन्ज़ुर् कै-फ़ का-न आक़ि बतुज़्ज़ालिमीन

हिंदी अनुवाद

बल्कि उन्होंने उस (क़ुर्आन) को झुठला दिया, जो उनके ज्ञान के घेरे में नहीं[1] आया और न उसका परिणाम उनके सामने आया। इसी प्रकार, उन्होंने भी झुठलाया था, जो इनसे पहले थे। तो देखो कि अत्याचारियों का क्या परिणाम हुआ? 1. अर्थात बिना सोचे समझे इसे झुठलाने के लिये तैयार हो गये।

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وَمِنْهُم مَّن يُؤْمِنُ بِهِ وَمِنْهُم مَّن لَّا يُؤْمِنُ بِهِ ۚ وَرَبُّكَ أَعْلَمُ بِالْمُفْسِدِينَ ﴾ 40 ﴿

Transliteration

व मिन्हुम् मंय्युअ्मिनु बिहीं व मिन्हुम् मल्ला युअ्मिनु बिही, व रब्बु-क अअ्लमु बिल्मुफ्सिदीन *

हिंदी अनुवाद

और उनमें से कुछ ऐसे हैं, जो इस (क़ुर्आन) पर ईमान लाते हैं और कुछ ईमान नहीं लाते और आपका पालनहार उपद्रवकारियों को अधिक जानता है।

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وَإِن كَذَّبُوكَ فَقُل لِّي عَمَلِي وَلَكُمْ عَمَلُكُمْ ۖ أَنتُم بَرِيئُونَ مِمَّا أَعْمَلُ وَأَنَا بَرِيءٌ مِّمَّا تَعْمَلُونَ ﴾ 41 ﴿

Transliteration

व इन् कज़्ज़बू-क फ़क़ुल ली अ-मली व लकुम् अ-मलुकुम्, अन्तुम् बरीऊ-न मिम्मा अअ्मलु व अ-ना बरीउम्-मिम्मा तअ्मलून

हिंदी अनुवाद

और यदि वे आपको झुठलायें, तो आप कह दें: मेरे लिए मेरा कर्म है और तुम्हारे लिए तुम्हारा कर्म। तुम उससे निर्दोष हो, जो मैं करता हूँ तथा मैं उससे निर्दोष हूँ, जो तुम करते हो।

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وَمِنْهُم مَّن يَسْتَمِعُونَ إِلَيْكَ ۚ أَفَأَنتَ تُسْمِعُ الصُّمَّ وَلَوْ كَانُوا لَا يَعْقِلُونَ ﴾ 42 ﴿

Transliteration

व मिन्हुम् मंय्यस्तमिअू-न इलै-क, अ-फ़ अन्-त तुस्मिअुस्सुम्-म व लौ कानू ला यअ्किलून

हिंदी अनुवाद

इनमें से कुछ लोग, आपकी ओर कान लगाते हैं। तो क्या आप बहरों[1] को सुना सकते हैं, यद्यपि वे कुछभी न समझ सकते हों? 1. अर्थात जो दिल और अन्तरज्ञान के बहरे हैं।

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وَمِنْهُم مَّن يَنظُرُ إِلَيْكَ ۚ أَفَأَنتَ تَهْدِي الْعُمْيَ وَلَوْ كَانُوا لَا يُبْصِرُونَ ﴾ 43 ﴿

Transliteration

व मिन्हुम मंय्यन्ज़ु रू इलै-क, अ-फ़अन् त तह्दिल -अुम्-य व लौ कानू ला युब्सिरून

हिंदी अनुवाद

और उनमें से कुछ ऐसे हैं, जो आपकी ओर तकते हैं, तो क्या आप अंधे को राह दिखा देंगे, यद्यपि उन्हें कुछ सूझता न हो?

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إِنَّ اللَّهَ لَا يَظْلِمُ النَّاسَ شَيْئًا وَلَٰكِنَّ النَّاسَ أَنفُسَهُمْ يَظْلِمُونَ ﴾ 44 ﴿

Transliteration

इन्नल्ला-ह ला यज़्लिमुन्ना-स शैअंव्-व लाकिन्नन्-ना – स अन्फु-सहुम् यज़्लिमून

हिंदी अनुवाद

वास्तव में, अल्लाह, लोगों पर अत्याचार नहीं करता, परन्तु लोग स्वयं अपने ऊपर अत्याचार करते हैं[1]1. भावार्थ यह है कि लोग अल्लाह की दी हुयी समझ बूझ से काम न ले कर सत्य और वास्तविक्ता के ज्ञान की अर्हता खो देते हैं।

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وَيَوْمَ يَحْشُرُهُمْ كَأَن لَّمْ يَلْبَثُوا إِلَّا سَاعَةً مِّنَ النَّهَارِ يَتَعَارَفُونَ بَيْنَهُمْ ۚ قَدْ خَسِرَ الَّذِينَ كَذَّبُوا بِلِقَاءِ اللَّهِ وَمَا كَانُوا مُهْتَدِينَ ﴾ 45 ﴿

Transliteration

व यौ-म यह़्शुरूहुम् क-अल्लम् यल्बसू इल्ला सा- अतम् मिनन्नहारि य तआरफू-न बैनहुम्, क़द् ख़सिरल्लज़ी-न कज़्ज़बू बिलिक़ा-इल्लाहि व मा कानू मुह्तदीन

हिंदी अनुवाद

और जिस दिन अल्लाह उन्हें एकत्र करेगा, तो उन्हें लगेगा कि वे (संसार में) दिन के केवल कुछ क्षण रहे। वे आपस में परिचित होंगे। वास्तव में, वे क्षतिग्रस्त हो गये, जिन्होंने अल्लाह से मिलने को झुठला दिया और वे सीधी डगर पाने वाले न हूए।

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وَإِمَّا نُرِيَنَّكَ بَعْضَ الَّذِي نَعِدُهُمْ أَوْ نَتَوَفَّيَنَّكَ فَإِلَيْنَا مَرْجِعُهُمْ ثُمَّ اللَّهُ شَهِيدٌ عَلَىٰ مَا يَفْعَلُونَ ﴾ 46 ﴿

Transliteration

व इम्मा नुरियन्न-क बअ्ज़ल्लज़ी नअिदुहुम् औ न-तवफ़्फ़ यन्न-क फ़-इलैना मर्जिअुहुम् सुम्मल्लाहु शहीदुन् अला मा यफ़अलून

हिंदी अनुवाद

और यदि, हम आपको उस (यातना) में से कुछ दिखा दें, जिसका वचन उन्हें दे रहे हैं अथवा (उससे पहले) आपका समय पूरा कर दें, तोभी उन्हें हमारे पास ही फिरकर आना है। फिर अल्लाह उसपर साक्षी है, जो वे कर रहे हैं।

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وَلِكُلِّ أُمَّةٍ رَّسُولٌ ۖ فَإِذَا جَاءَ رَسُولُهُمْ قُضِيَ بَيْنَهُم بِالْقِسْطِ وَهُمْ لَا يُظْلَمُونَ ﴾ 47 ﴿

Transliteration

व लिकुल्लि उम्मतिर्रसूलुन, फ़-इज़ा जा-अ रसूलुहुम् क़ुज़ि-य बैनहुम् बिल्क़िस्ति व हुम् ला युज़्लमून

हिंदी अनुवाद

और प्रत्येक समुदाय के लिए एक रसूल है। फिर जब उनका रसूल आ गया, तो (हमारा नियम ये है कि) उनके बीच न्याय के साथ निर्णय कर दिया जाता है और उनपर अत्याचार नहीं किया जाता।

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وَيَقُولُونَ مَتَىٰ هَٰذَا الْوَعْدُ إِن كُنتُمْ صَادِقِينَ ﴾ 48 ﴿

Transliteration

व यक़ूलू-न मता हाज़ल-वअ्दु इन् कुन्तुम् सादिक़ीन

हिंदी अनुवाद

और वे कहते हैं कि हमपर यातना का वचन कब पूरा होगा, यदि तुम सत्यवादि हो?

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قُل لَّا أَمْلِكُ لِنَفْسِي ضَرًّا وَلَا نَفْعًا إِلَّا مَا شَاءَ اللَّهُ ۗ لِكُلِّ أُمَّةٍ أَجَلٌ ۚ إِذَا جَاءَ أَجَلُهُمْ فَلَا يَسْتَأْخِرُونَ سَاعَةً ۖ وَلَا يَسْتَقْدِمُونَ ﴾ 49 ﴿

Transliteration

क़ुल् ला अम्लिकु लिनफ़्सी ज़र्रव्-व ला नफ्अन् इल्ला मा शा-अल्लाहु, लिकुल्लि उम्मतिन् अ-जलुन्, इज़ा जा-अ अ-जलुहुम् फला यस्तअ्ख़िरू-न सा अ़तंव्-व ला यस्तक़्दिमून

हिंदी अनुवाद

आप कह दें कि मैं स्वयं अपने लाभ तथा हानि का अधिकार नहीं रखता। वही होता है, जो अल्लाह चाहता है। प्रत्येक समुदाय का एक समय निर्धारित है तथा जब उनका समय आ जायेगा, तो न एक क्षण पीछे रह सकते हैं और न आगे बढ़ सकते हैं।

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قُلْ أَرَأَيْتُمْ إِنْ أَتَاكُمْ عَذَابُهُ بَيَاتًا أَوْ نَهَارًا مَّاذَا يَسْتَعْجِلُ مِنْهُ الْمُجْرِمُونَ ﴾ 50 ﴿

Transliteration

क़ुल अ-रऐतुम् इन् अताकुम् अ़ज़ाबुहू बयातन् औ नहारम् माज़ा यस्तअ्जिलु मिन्हुल मुज्रिमून

हिंदी अनुवाद

(हे नबी!) कह दो कि तुम बताओ यदि अल्लाह की यातना तुमपर रात अथवा दिन में आ जाये, ( तो तुम क्या कर सकते हो?) ऐसी क्या बात है कि अपराधि उसके लिए जल्दी मचा रहे हैं?

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أَثُمَّ إِذَا مَا وَقَعَ آمَنتُم بِهِ ۚ آلْآنَ وَقَدْ كُنتُم بِهِ تَسْتَعْجِلُونَ ﴾ 51 ﴿

Transliteration

अ-सुम्-म इज़ा मा व-क़-अ आमन्तुम् बिही, आल्आ-न व क़द् कुन्तुम् बिही तस्तअ़जिलून

हिंदी अनुवाद

क्या जब वह आ जायेगी, उस समय तुम उसे मानोगे? अब, जबकि उसके शीघ्र आने की माँग कर रहे थे।

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ثُمَّ قِيلَ لِلَّذِينَ ظَلَمُوا ذُوقُوا عَذَابَ الْخُلْدِ هَلْ تُجْزَوْنَ إِلَّا بِمَا كُنتُمْ تَكْسِبُونَ ﴾ 52 ﴿

Transliteration

सुम्-म क़ी-ल लिल्लज़ी-न ज़-लमू ज़ूक़ू अ़ज़ाबल्-ख़ुल्दि हल तुज्ज़ौ-न इल्ला बिमा कुन्तुम् तक्सिबून

हिंदी अनुवाद

फिर अत्याचारियों से कहा जायेगा कि सदा की यातना चखो। तुम्हें उसी का प्रतिकार (बदला) दिया जा रहा है, जो तुम (संसार में) कमा रहे थे।

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وَيَسْتَنبِئُونَكَ أَحَقٌّ هُوَ ۖ قُلْ إِي وَرَبِّي إِنَّهُ لَحَقٌّ ۖ وَمَا أَنتُم بِمُعْجِزِينَ ﴾ 53 ﴿

Transliteration

व यस्तम्बिऊन-क अ-हक़्क़ुन् हु-व, क़ुल ई व रब्बी इन्नहू ल-हक़्क़ुन्, व मा अन्तुम् बिमुअ्जिज़ीन *

हिंदी अनुवाद

और वे आपसे पूछते हैं कि क्या ये बात वास्तव में सत्य है? आप कह दें कि मेरे पालनहार की शपथ! ये वास्तव में सत्य है और तुम अल्लाह को विवश नहीं कर सकते।

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وَلَوْ أَنَّ لِكُلِّ نَفْسٍ ظَلَمَتْ مَا فِي الْأَرْضِ لَافْتَدَتْ بِهِ ۗ وَأَسَرُّوا النَّدَامَةَ لَمَّا رَأَوُا الْعَذَابَ ۖ وَقُضِيَ بَيْنَهُم بِالْقِسْطِ ۚ وَهُمْ لَا يُظْلَمُونَ ﴾ 54 ﴿

Transliteration

व लौ अन्-न लिकुल्लि नफ्सिन् ज़-लमत् मा फ़िल्अर्ज़ि लफ़्त-दत् बिही, व अ-सर्रून्नदाम-त लम्मा र-अवुल्-अ़ज़ा-ब, व क़ुज़ि-य बैनहुम् बिल्क़िस्ति व हुम् ला युज़्लमून और (दुनिया में) जिस जिसने (हमा

हिंदी अनुवाद

और यदि प्रत्येक व्यक्ति के पास, जिसने अत्याचार किया है, जो कुछ धरती में है, सब आ जाये, तो वे अवश्य उसे अर्थदण्ड के रूप में देने को तैयार हो जायेगा और जब वे उस यातना को देखेंगे, तो दिल ही दिल में पछतायेंगे और उनके बीच, न्याय के साथ निर्णय कर दिया जायेगा और उनपर अत्याचार नहीं किया जायेगा।

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أَلَا إِنَّ لِلَّهِ مَا فِي السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضِ ۗ أَلَا إِنَّ وَعْدَ اللَّهِ حَقٌّ وَلَٰكِنَّ أَكْثَرَهُمْ لَا يَعْلَمُونَ ﴾ 55 ﴿

Transliteration

अला इन्-न लिल्लाहि मा फिस्समावाति वल्अर्ज़ि, अला इन्-न वअ्दल्लाहि हक़्कुंव्-व लाकिन्-न अक्स-रहुम् ला यअ्लमून

हिंदी अनुवाद

सुनो! अल्लाह ही का है, वो जो कुछ आकाशों तथा धरती में है। सुनो! उसका वचन सत्य है। परन्तु अधिक्तर लोग इसे नहीं जानते।

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هُوَ يُحْيِي وَيُمِيتُ وَإِلَيْهِ تُرْجَعُونَ ﴾ 56 ﴿

Transliteration

हु-व युह़्यी व युमीतु व इलैहि तुर्जअन

हिंदी अनुवाद

वही जीवन देता तथा वही मारता है और उसी की ओर तुमसब लौटाये जाओगे[1]1. प्रलय के दिन अपने कर्मों का फल भोगने के लिये।

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يَا أَيُّهَا النَّاسُ قَدْ جَاءَتْكُم مَّوْعِظَةٌ مِّن رَّبِّكُمْ وَشِفَاءٌ لِّمَا فِي الصُّدُورِ وَهُدًى وَرَحْمَةٌ لِّلْمُؤْمِنِينَ ﴾ 57 ﴿

Transliteration

या अय्युहन्नासु क़द् जाअत्कुम् मौअि-ज़तुम्- मिर्रब्बिकुम् व शिफाउल्लिमा फिस्सुदूरि, व हुदंव् व रह़्मतुल् लिल्मुअ्मिनीन

हिंदी अनुवाद

हे लोगो[1] तम्हारे पास, तुम्हारे पालनहार की ओर से, शिक्षा (क़ुर्आन) आ गयी है, जो अन्तरात्मा के सब रोगों का उपचार (स्वास्थ्य कर), मार्गदर्शन और दया है, उनके लिए, जो विश्वास रखते हों। 1. इस में क़ुर्आन के चार गुणों का वर्णन किया गया हैः 1. यह सत्य शिक्षा है। 2. द्विधा के सभी रोगों के लिये स्वास्थ्यकर है। 3. संमार्ग दर्शाता है। 4. ईमान वालों के लिये दया का उपदेश है।

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قُلْ بِفَضْلِ اللَّهِ وَبِرَحْمَتِهِ فَبِذَٰلِكَ فَلْيَفْرَحُوا هُوَ خَيْرٌ مِّمَّا يَجْمَعُونَ ﴾ 58 ﴿

Transliteration

क़ुल् बिफ़ज़्लिल्लाहि व बिरह् मतिही फ़बिज़ालि-क फल्यफ्रहू, हु-व खैरूम्-मिम्मा यज्मअून

हिंदी अनुवाद

आप कह दें कि ये (क़ुर्आन) अल्लाह की अनुग्रह और उसकी दया है। अतः लोगों को इससे प्रसन्न हो जाना चाहिए और ये उस (धन-धान्य) से उत्तम है, जो लोग एकत्र रहे हैं।

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قُلْ أَرَأَيْتُم مَّا أَنزَلَ اللَّهُ لَكُم مِّن رِّزْقٍ فَجَعَلْتُم مِّنْهُ حَرَامًا وَحَلَالًا قُلْ آللَّهُ أَذِنَ لَكُمْ ۖ أَمْ عَلَى اللَّهِ تَفْتَرُونَ ﴾ 59 ﴿

Transliteration

क़ुल् अ-रऐतुम् मा अन्ज़लल्लाहु लकुम् मिर्रिज़्क़िन् फ़-जअ़ल्तुम् मिन्हु हरामंव्-व हलालन्, क़ुल् आल्लाहु अज़ि-न लकुम् अम् अ़लल्लाहि तफ्तरून

हिंदी अनुवाद

(हे नबी!) उनसे कहोः क्या तुमने इसपर विचार किया है कि अल्लाह ने तुम्हारे लिए, जो जीविका उतारी है, तुमने उसमें से कुछ को ह़राम (अवैध) बना दिया है और कुछ को ह़लाल (वैध) , तो कहो कि क्या अल्लाह ने तुम्हें इसकी अनुमति दी है? अथवा तुम अल्लाह पर आरोप लगा रहे[1] हो? 1. आयत का भावार्थ यह है कि किसी चीज़ को वर्जित करने का अधिकार केवल अल्लाह को है। अपने विचार से किसी चीज़ को अवैध करना अल्लाह पर मिथ्या आरोप लगाना है।

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وَمَا ظَنُّ الَّذِينَ يَفْتَرُونَ عَلَى اللَّهِ الْكَذِبَ يَوْمَ الْقِيَامَةِ ۗ إِنَّ اللَّهَ لَذُو فَضْلٍ عَلَى النَّاسِ وَلَٰكِنَّ أَكْثَرَهُمْ لَا يَشْكُرُونَ ﴾ 60 ﴿

Transliteration

व मा जन्नुल्लज़ी-न यफ्तरू-न अलल्लाहिल-कज़ि-ब यौमल्-क़ियामति, इन्नल्ला-ह लज़ू फ़ज़्लिन् अलन्नासि व लाकिन-न अक्स-रहुम् ला यश्कुरून *

हिंदी अनुवाद

और जो लोग, अल्लाह पर मिथ्या आरोप लगा रहे हैं, उन्होंने प्रलय के दिन को क्या समझ रखा है? वास्तव में, अल्लाह लोगों के लिए दयाशील[1] है। परन्तु उनमें अधिक्तर कृतज्ञ नहीं होते। 1. इसी लिये प्रलय तक का अवसर दिया है।

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‏ وَمَا تَكُونُ فِي شَأْنٍ وَمَا تَتْلُو مِنْهُ مِن قُرْآنٍ وَلَا تَعْمَلُونَ مِنْ عَمَلٍ إِلَّا كُنَّا عَلَيْكُمْ شُهُودًا إِذْ تُفِيضُونَ فِيهِ ۚ وَمَا يَعْزُبُ عَن رَّبِّكَ مِن مِّثْقَالِ ذَرَّةٍ فِي الْأَرْضِ وَلَا فِي السَّمَاءِ وَلَا أَصْغَرَ مِن ذَٰلِكَ وَلَا أَكْبَرَ إِلَّا فِي كِتَابٍ مُّبِينٍ ‎ ﴾ 61 ﴿

Transliteration

व मा तकूनु फ़ी शअ्निंव्-व मा तत्लू मिन्हु मिन् क़ुरआनिंव्-व ला तअ्मलू-न मिन् अ-मलिन् इल्ला कुन्ना अलैकुम् शुहूदन् इज़् तुफ़ीज़ू-न फ़ीहि, व मा यअ्ज़ुबु अर्रब्बि-क मिम्-मिस्क़ालि ज़र्रतिन् फ़िल्अर्ज़ि व ला फिस्समा-इ व ला अस्ग़-र मिन् ज़ालि क व ला अक्ब-र इल्ला फ़ी किताबिम् मुबीन

हिंदी अनुवाद

(हे नबी!) आप जिस दशा में हों और क़ुर्आन में से, जो कुछ भी सुनाते हों तथा (हे मनुष्यो!) तुम लोग भी कोई कर्म नहीं करते हो, परन्तु हम तुम्हें देखते रहते हैं, जब तुम उसे करते हो और (हे नबी!) आपके पालनहार से धरती में कण-भर भी कोई चीज़ छुपी नहीं रहती और न आकाश में, न इससे कोई छोटी न बड़ी, परन्तु वह खुली पुस्तक में अंकित है।

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أَلَا إِنَّ أَوْلِيَاءَ اللَّهِ لَا خَوْفٌ عَلَيْهِمْ وَلَا هُمْ يَحْزَنُونَ ﴾ 62 ﴿

Transliteration

अला इन्-न औलिया-अल्लाहि ला ख़ौफुन् अलैहिम् व ला हुम् यह़्ज़नून

हिंदी अनुवाद

सुनो! जो अल्लाह के मित्र हैं, न उन्हें कोई भय होगा और न वे उदासीन होंगे।

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الَّذِينَ آمَنُوا وَكَانُوا يَتَّقُونَ ﴾ 63 ﴿

Transliteration

अल्लज़ी-न आमनू व कानू यत्तक़ून

हिंदी अनुवाद

जो ईमान लाये तथा अल्लाह से डरते रहे।

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لَهُمُ الْبُشْرَىٰ فِي الْحَيَاةِ الدُّنْيَا وَفِي الْآخِرَةِ ۚ لَا تَبْدِيلَ لِكَلِمَاتِ اللَّهِ ۚ ذَٰلِكَ هُوَ الْفَوْزُ الْعَظِيمُ ﴾ 64 ﴿

Transliteration

लहुमुल्बुश्रा फ़िल्हयातिद्दुन्या व फ़िल्-आख़िरति, ला तब्दी-ल लि-कलिमातिल्लाहि, ज़ालि-क हुवल् फ़ौज़ुल अज़ीम

हिंदी अनुवाद

उन्हीं के लिए सांसारिक जीवन में, शुभ सूचना है तथा प्रलोक में भी। अल्लाह की बातों में कोई परिवर्तन नहीं, यही बड़ी सफलता है।

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وَلَا يَحْزُنكَ قَوْلُهُمْ ۘ إِنَّ الْعِزَّةَ لِلَّهِ جَمِيعًا ۚ هُوَ السَّمِيعُ الْعَلِيمُ ﴾ 65 ﴿

Transliteration

व ला यह्ज़ुन्-क क़ौलुहुम्, इन्नल्-अिज़्ज़-त लिल्लाहि जमीअन्, हुवस्समीअुल-अलीम

हिंदी अनुवाद

तथा (हे नबी!) आपको उन (काफ़िरों) की बात उदासीन न करे। वास्तव में, सभी प्रभुत्व अल्लाह ही के लिए है और वह सब कुछ सुनने जानने-वाला है।

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أَلَا إِنَّ لِلَّهِ مَن فِي السَّمَاوَاتِ وَمَن فِي الْأَرْضِ ۗ وَمَا يَتَّبِعُ الَّذِينَ يَدْعُونَ مِن دُونِ اللَّهِ شُرَكَاءَ ۚ إِن يَتَّبِعُونَ إِلَّا الظَّنَّ وَإِنْ هُمْ إِلَّا يَخْرُصُونَ ﴾ 66 ﴿

Transliteration

अला इन्-न लिल्लाहि मन् फ़िस्समावाति व मन् फ़िलअर्जि, व मा यत्तबिअुल्लज़ी-न यद्अून मिन् दुनिल्लाहि शु-रका-अ, इंय्यत्तबिअू-न इल्लज़्ज़न्-न व इन् हुम् इल्ला यख़्रुसून

हिंदी अनुवाद

सुनो! वास्तव में, अल्लाह ही के अधिकार में है, जो आकाशों तथा धरती में है और जो अल्लाह के सिवा दूसरे साझियों को पुकारते हैं, वे केवल अनुमान के पीछे लगे हुए हैं और वे केवल आँकलन कर रहे हैं।

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هُوَ الَّذِي جَعَلَ لَكُمُ اللَّيْلَ لِتَسْكُنُوا فِيهِ وَالنَّهَارَ مُبْصِرًا ۚ إِنَّ فِي ذَٰلِكَ لَآيَاتٍ لِّقَوْمٍ يَسْمَعُونَ ﴾ 67 ﴿

Transliteration

हुवल्लज़ी ज-अ-ल लकुमुल्लै-ल लितस्कुनू फ़ीहि वन्नहा-र मुब्सिरन्, इन्-न फ़ी ज़ालि-क लआयातिल् लिक़ौमिंय्यस्मअून

हिंदी अनुवाद

वही है, जिसने तुम्हारे लिए रात बनाई है, ताकि उसमें सुख पाओ और दिन बनाया ताकि उसके प्रकाश में देखो। निःसंदेह इसमें (अल्लाह के व्यवस्थापक होने की) उनके लिए बड़ी निशानियाँ हैं, जो (सत्य को) सुनते हों।

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قَالُوا اتَّخَذَ اللَّهُ وَلَدًا ۗ سُبْحَانَهُ ۖ هُوَ الْغَنِيُّ ۖ لَهُ مَا فِي السَّمَاوَاتِ وَمَا فِي الْأَرْضِ ۚ إِنْ عِندَكُم مِّن سُلْطَانٍ بِهَٰذَا ۚ أَتَقُولُونَ عَلَى اللَّهِ مَا لَا تَعْلَمُونَ ﴾ 68 ﴿

Transliteration

क़ालुत्त-ख़ज़ल्लाहु व लदन् सुब्हानहू, हुवल्-ग़निय्यु, लहू मा फ़िस्समावाति व मा फ़िलअर्ज़ि, इन् अिन्दकुम् मिन् सुल्तानिम्-बिहाज़ा, अ तक़ूलू-न अ़लल्लाहि मा ला तअ्लमून

हिंदी अनुवाद

और उन्होंने कह दिया कि अल्लाह ने कोई पुत्र बना लिया है। वह पवित्र है। वह निस्पृह है। वही स्वामी है उसका, जो अकाशों में तथा धरती में है। क्या तुम्हारे पास इसका कोई प्रमाण है? क्या तुम अल्लाह पर ऐसी बात कह रहे हो, जिसका तुम ज्ञान नहीं रखते?

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قُلْ إِنَّ الَّذِينَ يَفْتَرُونَ عَلَى اللَّهِ الْكَذِبَ لَا يُفْلِحُونَ ﴾ 69 ﴿

Transliteration

क़ुल इन्नल्लज़ी न यफ्तरू-न अलल्लाहिल्-कज़ि-ब ला युफ्लिहून

हिंदी अनुवाद

(हे नबी!) आप कह दें: जो अल्लाह पर मिथ्या बातें बनाते हैं, वह सफल नहीं होंगे।

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مَتَاعٌ فِي الدُّنْيَا ثُمَّ إِلَيْنَا مَرْجِعُهُمْ ثُمَّ نُذِيقُهُمُ الْعَذَابَ الشَّدِيدَ بِمَا كَانُوا يَكْفُرُونَ ﴾ 70 ﴿

Transliteration

मताअुन् फ़िद्दुन्या सुम्-म इलैना मर्जिअुहुम् सुम्-म नुज़ीक़ुहुमुल् अ़ज़ाबश्शदी-द बिमा कानू यक्फुरून*

हिंदी अनुवाद

उनके लिए संसार ही का कुछ आनंद है, फिर हमारी ओर ही आना है। फिर हम उन्हें, उनके कुफ़्र (अविश्वास) करते रहने के कारण घोर यातना चखायेंगे।

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وَاتْلُ عَلَيْهِمْ نَبَأَ نُوحٍ إِذْ قَالَ لِقَوْمِهِ يَا قَوْمِ إِن كَانَ كَبُرَ عَلَيْكُم مَّقَامِي وَتَذْكِيرِي بِآيَاتِ اللَّهِ فَعَلَى اللَّهِ تَوَكَّلْتُ فَأَجْمِعُوا أَمْرَكُمْ وَشُرَكَاءَكُمْ ثُمَّ لَا يَكُنْ أَمْرُكُمْ عَلَيْكُمْ غُمَّةً ثُمَّ اقْضُوا إِلَيَّ وَلَا تُنظِرُونِ ﴾ 71 ﴿

Transliteration

वत्लु अलैहिम न-ब-अ नूहिन • इज़ क़ा-ल लिक़ौमिही या क़ौमि इन् का-न कबु-र अ़लैकुम् मक़ामी व तज़्कीरी बिआयातिल्लाहि फ़-अ़लल्लाहि तवक्कल्तु फ़-अज्मिअू अम्रकुम् व शु-रका-अकुम् सुम्-म ला यकुन् अम्रूकुम् अलैकुम् ग़ुम्म-तन् सुम्मक़्ज़ू इलय्-य वला तुन्ज़िरून

हिंदी अनुवाद

आप उन्हें नूह़ की कथा सुनायें, जब उसने अपनी जाति से कहाः हे मेरी जाति! यदि मेरा तुम्हारे बीच रहना और तुम्हें अल्लाह की आयतों (निशानियों) द्वारा मेरा शिक्षा देना, तुमपर भारी हो, तो अल्लाह हीपर मैंने भरोसा किया है। तुम मेरे विरुध्द जो करना चाहो, उसे निश्चित कर लो और अपने साझियों (देवी-देवताओं) को भी बुला लो। फिर तुम्हारी योजना तुमपर तनिक भी छुपी न रह जाये, फिर जो करना हो, उसे कर जाओ और मुझे कोई अवसर न दो।

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فَإِن تَوَلَّيْتُمْ فَمَا سَأَلْتُكُم مِّنْ أَجْرٍ ۖ إِنْ أَجْرِيَ إِلَّا عَلَى اللَّهِ ۖ وَأُمِرْتُ أَنْ أَكُونَ مِنَ الْمُسْلِمِينَ ﴾ 72 ﴿

Transliteration

फ़- इन् तवल्लैतुम् फ़मा सअल्तुकुम् मिन् अज्रिन्, इन् अज्रि-य इल्ला अ़लल्लाहि, व उमिरतु अन् अकू-न मिनल्-मुस्लिमीन

हिंदी अनुवाद

फिर यदि तुमने मुख फेरा, तो मैंने तुमसे किसी पारिश्रमिक की माँग नहीं की है। मेरा पारिश्रमिक तो अल्लाह के सिवा किसी के पास नहीं है और मुझे आदेश दिया गया है कि आज्ञाकारियों में रहूँ।

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فَكَذَّبُوهُ فَنَجَّيْنَاهُ وَمَن مَّعَهُ فِي الْفُلْكِ وَجَعَلْنَاهُمْ خَلَائِفَ وَأَغْرَقْنَا الَّذِينَ كَذَّبُوا بِآيَاتِنَا ۖ فَانظُرْ كَيْفَ كَانَ عَاقِبَةُ الْمُنذَرِينَ ﴾ 73 ﴿

Transliteration

फ़-कज़्ज़बूहु फ़-नज्जैनाहु व मम्-म अ़हू फ़िल्फुल्कि व जअ़ल्नाहुम् ख़लाइ-फ़ व अग़्रक़्नल्लज़ी-न कज़्ज़बू बिआयातिना, फ़न्ज़ुर् कै-फ़ का-न आ़कि-बतुल् मुन्ज़रीन

हिंदी अनुवाद

फिर भी उन्होंने उसे झुठला दिया, तो हमने उसे और जो नाव में उसके साथ (सवार) थे, बचा लिया और उन्हीं को उनका उत्तराधिकारी बना दिया और उन्हें जलमगन कर दिया, जिन्होंने हमारी निशानियों को झुठला दिया। अतः देखलो कि उनका परिणाम किया हुआ, जो सचेत किये गये थे।

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ثُمَّ بَعَثْنَا مِن بَعْدِهِ رُسُلًا إِلَىٰ قَوْمِهِمْ فَجَاءُوهُم بِالْبَيِّنَاتِ فَمَا كَانُوا لِيُؤْمِنُوا بِمَا كَذَّبُوا بِهِ مِن قَبْلُ ۚ كَذَٰلِكَ نَطْبَعُ عَلَىٰ قُلُوبِ الْمُعْتَدِينَ ﴾ 74 ﴿

Transliteration

सुम्-म बअ़स्-ना मिम्-बअ्दिही रूसुलन् इला क़ौमिहिम् फ़जाऊहुम् बिल्बय्यिनाति फ़मा कानू लियुअ्मिनू बिमा कज़्ज़बू बिही मिन् क़ब्लु, कज़ालि-क नत्बअु अ़ला क़ुलूबिल्-मुअ्तदीन

हिंदी अनुवाद

फिर हमने उस (नूह़) के पश्चात बहुत-से रसूलों को, उनकी जाति के पास भेजा, वे उनके पास खुली निशानियाँ (तर्क) लाये, तो वे ऐसे न थे कि जिसे पहले झुठला दिया था, उसपर ईमान लाते, इसी प्रकार, हम उल्लंघनकारियों के दिलों पर मुहर[1] लगा देते हैं। 1. अर्थात् जो बिना सोचे समझे सत्य को नकार देते हैं उन के सत्य को स्वीकार करने की स्वभाविक योग्यता खो जाती है।

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ثُمَّ بَعَثْنَا مِن بَعْدِهِم مُّوسَىٰ وَهَارُونَ إِلَىٰ فِرْعَوْنَ وَمَلَئِهِ بِآيَاتِنَا فَاسْتَكْبَرُوا وَكَانُوا قَوْمًا مُّجْرِمِينَ ﴾ 75 ﴿

Transliteration

सुम्-म ब अ़स्-ना मिम्बअ्दिहिम् मूसा व हारू-न इला फ़िरऔ-न व म-लइही बिआयातिना फ़स्तक्बरू व कानू क़ौमम्-मुज्रिमीन

हिंदी अनुवाद

फिर हमने उनके पश्चात मूसा और हारून को फ़िरऔन और उसके प्रमुखों के पास भेजा। तो उन्होंने अभिमान किया और वे थे ही अपराधीगण।

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فَلَمَّا جَاءَهُمُ الْحَقُّ مِنْ عِندِنَا قَالُوا إِنَّ هَٰذَا لَسِحْرٌ مُّبِينٌ ﴾ 76 ﴿

Transliteration

फ़-लम्मा जा-अहुमुल्-हक़्क़ु मिन् अिन्दिना क़ालू इन्- न हाज़ा लसिह्-रूम् मुबीन

हिंदी अनुवाद

फिर जब उनके पास हमारी ओर से सत्य आ गया, तो उन्होंने कह दिया कि वास्तव में ये तो खुला जादू है।

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قَالَ مُوسَىٰ أَتَقُولُونَ لِلْحَقِّ لَمَّا جَاءَكُمْ ۖ أَسِحْرٌ هَٰذَا وَلَا يُفْلِحُ السَّاحِرُونَ ﴾ 77 ﴿

Transliteration

क़ा-ल मूसा अ-तक़ूलू-न लिल्हक़्क़ि लम्मा जा-अकुम्, असिह्-रून् हाज़ा, व ला युफ्लिहुस्साहिरून

हिंदी अनुवाद

मूसा ने कहाः क्या तुम सत्य को, जब तुम्हारे पास आ गया, तो जादू कहने लगे? क्या ये जादू है? जबकि जादूगर (तांत्रिक) सफल नहीं होते!

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قَالُوا أَجِئْتَنَا لِتَلْفِتَنَا عَمَّا وَجَدْنَا عَلَيْهِ آبَاءَنَا وَتَكُونَ لَكُمَا الْكِبْرِيَاءُ فِي الْأَرْضِ وَمَا نَحْنُ لَكُمَا بِمُؤْمِنِينَ ﴾ 78 ﴿

Transliteration

क़ालू अजिअ्-तना लितल्फ़ि-तना अ़म्मा वजद्-ना अ़लैहि आबा-अना व तकू-न लकुमल्-किब्रिया-उ फ़िल्अर्ज़ि, व मा नह्नु लकुमा बिमुअ्मिनीन

हिंदी अनुवाद

उन्होंने कहाः क्या तुम इसलिए हमारे पास आये हो, ताकि हमें उस प्रथा से फेर दो, जिसपर हमने अपने पूर्वजों को पाया है और देश (मिस्र)में तुम दोनों की महिमा स्थापित हो जाये? हम, तुम दोनों का विश्वास करने वाले नहीं हैं।

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وَقَالَ فِرْعَوْنُ ائْتُونِي بِكُلِّ سَاحِرٍ عَلِيمٍ ﴾ 79 ﴿

Transliteration

व क़ा-ल फिरऔनुअ्तूनी बिकुल्लि साहिरिन् अ़लीम

हिंदी अनुवाद

और फ़िरऔन ने कहाः (देश में) जितने दक्ष जादूगर हैं, उन्हें मेरे पास लाओ।

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فَلَمَّا جَاءَ السَّحَرَةُ قَالَ لَهُم مُّوسَىٰ أَلْقُوا مَا أَنتُم مُّلْقُونَ ﴾ 80 ﴿

Transliteration

फ़-लम्मा जाअस्स-ह-रतु क़ा-ल लहुम् मूसा अल्क़ू मा अनतुम्-मुल्क़ून

हिंदी अनुवाद

फिर जब जादूगर आ गये, तो मूसा ने कहाः जो कुछ तुम्हें फेंकना है, उसे फेंक दो।

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فَلَمَّا أَلْقَوْا قَالَ مُوسَىٰ مَا جِئْتُم بِهِ السِّحْرُ ۖ إِنَّ اللَّهَ سَيُبْطِلُهُ ۖ إِنَّ اللَّهَ لَا يُصْلِحُ عَمَلَ الْمُفْسِدِينَ ﴾ 81 ﴿

Transliteration

फ़-लम्मा अल्क़ौ क़ा-ल मूसा मा जिअ्तुम् बिहिस् – सिहरू, इन्नल्ला-ह सयुब्तिलुहू, इन्नल्ला-ह ला युस्लिहु अ-मलल्-मुफ़्सिदीन

हिंदी अनुवाद

और जब उन्होंने फेंक दिया, तो मूसा नो कहाः तुम जो कुछ लाये हो, वह जादू है। निश्चय अल्लाह उसे अभिव्यर्थ कर देगा। वास्तव में, अल्लाह उपद्रवकारियों के कर्म को नहीं सुधारता।

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وَيُحِقُّ اللَّهُ الْحَقَّ بِكَلِمَاتِهِ وَلَوْ كَرِهَ الْمُجْرِمُونَ ﴾ 82 ﴿

Transliteration

व युहिक़्क़ुल्लाहुल्-हक़्-क़ बि-कलिमातिही व लौ करिहल्-मुज्रिमून *

हिंदी अनुवाद

और अल्लाह सत्य को, अपने आदेशों के अनुसार, सत्य कर दिखायेगा। यद्यपि अपराधियों को बुरा लगे।

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‏ فَمَا آمَنَ لِمُوسَىٰ إِلَّا ذُرِّيَّةٌ مِّن قَوْمِهِ عَلَىٰ خَوْفٍ مِّن فِرْعَوْنَ وَمَلَئِهِمْ أَن يَفْتِنَهُمْ ۚ وَإِنَّ فِرْعَوْنَ لَعَالٍ فِي الْأَرْضِ وَإِنَّهُ لَمِنَ الْمُسْرِفِينَ ﴾ 83 ﴿

Transliteration

फ़मा आम-न लिमूसा इल्ला ज़ुर्रिय्यतुम्-मिन् क़ौमिही अ़ला ख़ौफ़िम् मिन् फिरऔ-न व म-लइहिम् अंय्यफ्ति-नहुम, व इन्-न फ़िरऔ-न लआ़लिन् फ़िल्अर्ज़ि, व इन्नहू लमिनल् मुस्रिफ़ीन

हिंदी अनुवाद

तो मूसा पर, उसकी जाति के कुछ नवयुवकों के सिवा, कोई ईमान नहीं लाया, फ़िरऔन और अपने प्रमुखों के भय से कि उन्हें किसी यातना में न डाल दें। वास्तव में, फ़िर्औन का धरती में बड़ा प्रभुत्व था और वह वस्तुतः उल्लंघनकारियों में था।

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وَقَالَ مُوسَىٰ يَا قَوْمِ إِن كُنتُمْ آمَنتُم بِاللَّهِ فَعَلَيْهِ تَوَكَّلُوا إِن كُنتُم مُّسْلِمِينَ ﴾ 84 ﴿

Transliteration

व क़ा-ल मूसा या क़ौमि इन् कुन्तुम् आमन्तुम् बिल्लाहि फ़-अ़लैहि तवक्कलू इन् कुन्तुम् मुस्लिमीन

हिंदी अनुवाद

और मूसा ने (अपनी जाति, बनी इस्राईल से) कहाः हे मेरी जाति! जब तुम अल्लाह पर ईमान लाये हो, तो उसीपर निर्भर रहो, यदि तुम आज्ञाकारी हो।

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فَقَالُوا عَلَى اللَّهِ تَوَكَّلْنَا رَبَّنَا لَا تَجْعَلْنَا فِتْنَةً لِّلْقَوْمِ الظَّالِمِينَ ﴾ 85 ﴿

Transliteration

फ़क़ालू अ़लल्लाहि तवक्कल्ना, रब्बना ला तज्अल्ना फित्-न तल् लिल्फ़ौमिज़्ज़ालिमीन

हिंदी अनुवाद

तो उन्होंने कहाः हमने अल्लाह ही पर भरोसा किया है। हे हमारे पालनहार! हमें अत्याचारियों के लिए परीक्षा का साधन न बना।

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وَنَجِّنَا بِرَحْمَتِكَ مِنَ الْقَوْمِ الْكَافِرِينَ ﴾ 86 ﴿

Transliteration

व नज्जिना बिरह् मति-क मिनल् क़ौमिल् काफ़िरीन

हिंदी अनुवाद

और अपनी दया से हमें काफ़िरों से बचा ले।

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وَأَوْحَيْنَا إِلَىٰ مُوسَىٰ وَأَخِيهِ أَن تَبَوَّآ لِقَوْمِكُمَا بِمِصْرَ بُيُوتًا وَاجْعَلُوا بُيُوتَكُمْ قِبْلَةً وَأَقِيمُوا الصَّلَاةَ ۗ وَبَشِّرِ الْمُؤْمِنِينَ ﴾ 87 ﴿

Transliteration

व औहैना इला मूसा व अख़ीहि अन् तबव्वआ लिक़ौमिकुमा बिमिस्-र बुयूतंव्वज्अ़लू बुयू-तकुम क़िब्लतंव्-व अक़ीमुस्सला-त, व बश्शिरिल मुअ्मिनीन

हिंदी अनुवाद

और हमने मूसा तथा उसके भाई (हारून) की ओर प्रकाशना भेजी कि अपनी जाति के लिए मिस्र में कुछ घर बनाओ और अपने घरों को क़िब्ला[1]बना लो तथा नमाज़ की स्थापना करो और ईमान वालों को शुभ सूचना दो। 1. "क़िब्ला" उस दिशा को कहा जाता है जिस की ओर मुख कर के नमाज़ पढ़ी जाती है।

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وَقَالَ مُوسَىٰ رَبَّنَا إِنَّكَ آتَيْتَ فِرْعَوْنَ وَمَلَأَهُ زِينَةً وَأَمْوَالًا فِي الْحَيَاةِ الدُّنْيَا رَبَّنَا لِيُضِلُّوا عَن سَبِيلِكَ ۖ رَبَّنَا اطْمِسْ عَلَىٰ أَمْوَالِهِمْ وَاشْدُدْ عَلَىٰ قُلُوبِهِمْ فَلَا يُؤْمِنُوا حَتَّىٰ يَرَوُا الْعَذَابَ الْأَلِيمَ ﴾ 88 ﴿

Transliteration

व क़ा-ल मूसा रब्बना इन्न-क आतै-त फ़िरऔ-न व म-ल-अहू ज़ीनतंव्-व अम्वालन् फ़िल्हयातिद्दुन्या, रब्बना लियुज़िल्लू अन् सबीलि-क, रब्बनत्मिस् अ़ला अम्वालिहिम् वश्दुद् अला क़ुलूबिहिम् फला युअ्मिनू हत्ता-य-र-वुल् अ़ज़ाबल्-अलीम

हिंदी अनुवाद

और मूसा ने प्रार्थना कीः हे मेरे पारलनहार! तूने फ़िरऔन और उसके प्रमुखों को सांसारिक जीवन में शोभा तथा धन-धान्य प्रदान किया है। तो मेरे पालनहार! क्या इसलिए कि वे तेरी राह से विचलित करते रहें? हे मेरे पालनहार! उनके धनों को निरस्त कर दे और उनके दिल कड़े कर दे कि वे ईमान न लायें, जब तक दुःखदायी यातना न देख लें।

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قَالَ قَدْ أُجِيبَت دَّعْوَتُكُمَا فَاسْتَقِيمَا وَلَا تَتَّبِعَانِّ سَبِيلَ الَّذِينَ لَا يَعْلَمُونَ ﴾ 89 ﴿

Transliteration

क़ा-ल क़द् उजीबद्-दअ्वतुकुमा फ़स्तक़ीमा व ला तत्तबिआन्नि सबीलल्लज़ी-न ला यअ्लमून

हिंदी अनुवाद

अल्लाह ने कहाः तुम दोनों की प्रार्थना स्वीकार कर ली गयी। तो तुम दोनों अडिग रहो और उनकी राह का अनुसरण न करो, जो ज्ञान नहीं रखते।

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وَجَاوَزْنَا بِبَنِي إِسْرَائِيلَ الْبَحْرَ فَأَتْبَعَهُمْ فِرْعَوْنُ وَجُنُودُهُ بَغْيًا وَعَدْوًا ۖ حَتَّىٰ إِذَا أَدْرَكَهُ الْغَرَقُ قَالَ آمَنتُ أَنَّهُ لَا إِلَٰهَ إِلَّا الَّذِي آمَنَتْ بِهِ بَنُو إِسْرَائِيلَ وَأَنَا مِنَ الْمُسْلِمِينَ ﴾ 90 ﴿

Transliteration

व जावज़् ना, बि-बनी इस्राईलल्-बह्-रफ़अत्ब-अ़हुम् फ़िरऔनु व जुनूदुहू बग़्यंव्-व अद्-वन्, हत्ता इज़ा अद्र कहुल-ग़-रक़ु, क़ा-ल आमन्तु अन्नहू ला इला-ह इल्लल्लज़ी आ-मनत् बिही बनू इस्राई-ल व अ-ना मिनल्-मुस्लिमीन

हिंदी अनुवाद

और हमने बनी इस्राईल को सागर पार करा दिया, तो फ़िरऔन और उसकी सेना ने उनका पीछा किया, अत्याचार तथा शत्रुता के ध्येय से। यहाँ तक कि जब वह जलमगन होने लगा, तो बोलाः मैं ईमान ले आया और मान लिया कि उसके सिवा कोई पूज्य नहीं है, जिसपर बनी इस्राईल ईमान लाये हैं और मैं आज्ञाकारियों में हूँ।

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آلْآنَ وَقَدْ عَصَيْتَ قَبْلُ وَكُنتَ مِنَ الْمُفْسِدِينَ ﴾ 91 ﴿

Transliteration

आल्आ-न व क़द् असै-त क़ब्लु व कुन्-त मिनल्- मुफ्सिदीन

हिंदी अनुवाद

(अल्लाह ने कहाः) अब? जबकि इससे पूर्व अवज्ञा करता रहा और उपद्रवियों में से था?

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فَالْيَوْمَ نُنَجِّيكَ بِبَدَنِكَ لِتَكُونَ لِمَنْ خَلْفَكَ آيَةً ۚ وَإِنَّ كَثِيرًا مِّنَ النَّاسِ عَنْ آيَاتِنَا لَغَافِلُونَ ﴾ 92 ﴿

Transliteration

फ़ल्यौ-म नुनज्जी-क बि-ब-दनि-क लितकू-न लिमन् ख़ल्फ़-क आयतन्, व इन्-न कसीरम् मिनन्नासि अ़न् आयातिना लग़ाफ़िलून *

हिंदी अनुवाद

आज हम तेरे शव को बचा लेंगे, ताकि तू उनके लिए, जो तेरे पश्चात होंगे, एक (शिक्षाप्रद) निशानी[1] बन जाये और वास्तव में, बहुत-से लोग, हमारी निशानियों से अचेत रहते हैं। 1. बताया जाता है कि 1898 ई◦ में इस फ़िरऔन का मम्मी किया हुआ शव मिल गया है जो क़ाहिरा के विचित्रालय में रखा हुआ है।

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وَلَقَدْ بَوَّأْنَا بَنِي إِسْرَائِيلَ مُبَوَّأَ صِدْقٍ وَرَزَقْنَاهُم مِّنَ الطَّيِّبَاتِ فَمَا اخْتَلَفُوا حَتَّىٰ جَاءَهُمُ الْعِلْمُ ۚ إِنَّ رَبَّكَ يَقْضِي بَيْنَهُمْ يَوْمَ الْقِيَامَةِ فِيمَا كَانُوا فِيهِ يَخْتَلِفُونَ ﴾ 93 ﴿

Transliteration

व ल-क़द् बव्वअ्ना बनी इस्राई-ल मुबव्व-अ सिद्किंव्-व रज़क़्नाहुम् मिनत्तय्यिबाति, फ़मख़्त लफू हत्ता जा-अहुमुल्-अिल्मु, इन्-न रब्ब-क यक़्ज़ी बैनहुम् यौमल्-क़ियामति फीमा कानू फीहि यख़्तलिफून

हिंदी अनुवाद

और हमने बनी इस्राईल को अच्छा निवास स्थान[1] दिया और स्वच्छ जीविका प्रदान की। फिर उन्होंने परस्पर विभेद उस समय किया, जब उनके पास ज्ञान आ गया। निश्चय अल्लाह उनके बीच प्रलय के दिन उसका निर्णय कर देगा, जिसमें वे विभेद कर रहे थे। 1. इस से अभिप्राय मिस्र और शाम के नगर हें।

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فَإِن كُنتَ فِي شَكٍّ مِّمَّا أَنزَلْنَا إِلَيْكَ فَاسْأَلِ الَّذِينَ يَقْرَءُونَ الْكِتَابَ مِن قَبْلِكَ ۚ لَقَدْ جَاءَكَ الْحَقُّ مِن رَّبِّكَ فَلَا تَكُونَنَّ مِنَ الْمُمْتَرِينَ ﴾ 94 ﴿

Transliteration

फ़-इन् कुन्-त फी शक्किम् मिम्मा अन्ज़ल्ना इलै-क फ़स् अलिल्लज़ी-न यक़्रऊनल्-किता-ब मिन् क़ब्लि -क, ल-क़द् जा-अकल हक़्क़ु मिर्रब्बि-क फ़ला तकूनन्-न मिनल्-मुम्तरीन

हिंदी अनुवाद

फिर यदि आपको उसमें कुछ संदेह[1] हो, जो हमने आपकी ओर उतारा है, तो उनसे पूछ लें, जो आपसे पहले से पुस्तक (तौरात) पढ़ते हैं। आपके पास, आपके पालनहार की ओर से सत्य आ गया है। अतः आप, कदापि संदेह करने वालों में न हों। 1. आयत में संबोधित नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम को किया गया है। परन्तु वास्तव में उन को संबोधित किया गया है जिन को कुछ संदेह था। यह अर्बी की एक भाषा शैली है।

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وَلَا تَكُونَنَّ مِنَ الَّذِينَ كَذَّبُوا بِآيَاتِ اللَّهِ فَتَكُونَ مِنَ الْخَاسِرِينَ ﴾ 95 ﴿

Transliteration

व ला तकूनन्-न मिनल्लज़ी-न कज़्ज़बू बिआयातिल्लाहि फ़-तकू-न मिनल्ख़ासिरीन

हिंदी अनुवाद

और आप कदापि उनमें से न हों, जिन्होंने अल्लाह की आयतों को झुठला दिया, अन्यथा क्षतिग्रस्तों में हो जायेंगे।

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‏ إِنَّ الَّذِينَ حَقَّتْ عَلَيْهِمْ كَلِمَتُ رَبِّكَ لَا يُؤْمِنُونَ ﴾ 96 ﴿

Transliteration

इन्नल्लज़ी-न हक़्क़त् अ़लैहिम् कलि-मतु रब्बि-क ला युअ्मिनून

हिंदी अनुवाद

(हे नबी!) जिनपर आपके पालनहार का आदेश सिध्द हो गया है, वह ईमान नहीं लाएँगे।

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وَلَوْ جَاءَتْهُمْ كُلُّ آيَةٍ حَتَّىٰ يَرَوُا الْعَذَابَ الْأَلِيمَ ﴾ 97 ﴿

Transliteration

व लौ जाअत्हुम् कुल्लु आयतिन् हत्ता य-रवुल अ़ज़ाबल्-अलीम

हिंदी अनुवाद

यद्यपि उनके पास, सभी निशानियाँ आ जायें, जब तक दुःखदायी यातना नहीं देख लेंगे।

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فَلَوْلَا كَانَتْ قَرْيَةٌ آمَنَتْ فَنَفَعَهَا إِيمَانُهَا إِلَّا قَوْمَ يُونُسَ لَمَّا آمَنُوا كَشَفْنَا عَنْهُمْ عَذَابَ الْخِزْيِ فِي الْحَيَاةِ الدُّنْيَا وَمَتَّعْنَاهُمْ إِلَىٰ حِينٍ ﴾ 98 ﴿

Transliteration

फ़लौ ला कानत् क़र्यतुन् आम-नत् फ़-न-फ़-अ़हा ईमानुहा इल्ला क़ौ-म यूनु-स, लम्मा आमनू कशफ़्ना अन्हुम् अ़ज़ाबल्-ख़िज़्यि फ़िल्हयातिद्दुन्या व मत्तअ्नाहुम् इला हीन

हिंदी अनुवाद

फिर, ऐसा क्यों नहीं हुआ कि कोई बस्ती ईमान[1] लाये, फिर उसका ईमान उसे लाभ पहुँचाये, यूनुस की जाति के सिवा, जब वे ईमान लाये, तो हमने उनके सांसारिक जीवन में अपमानकारी यातना दूर कर[1] दी और उन्हें, एक निश्चित अवधि तक लाभान्वित होने का अवसर दे दिया। 1. अर्थात यातना का लक्षण देखने के पश्चात्। 2. यूनुस अलैहिस्सलाम का युग ईसा मसीह़ से आठ सौ वर्ष पहले बताया जाता है। भाष्यकारों ने लिखा है कि वह यातना की सूचना दे कर अल्लाह की अनुमति के बिना अपने नगर नीनवा से निकल गये। इस लिये जब यातना के लक्षण नागरिकों ने देखे और अल्लाह से क्षमा याचना करने लगे तो उन से यातना दूर कर दी गयी। (इब्ने कसीर)

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وَلَوْ شَاءَ رَبُّكَ لَآمَنَ مَن فِي الْأَرْضِ كُلُّهُمْ جَمِيعًا ۚ أَفَأَنتَ تُكْرِهُ النَّاسَ حَتَّىٰ يَكُونُوا مُؤْمِنِينَ ﴾ 99 ﴿

Transliteration

व लौ शा-अ रब्बु-क लआम-न मन् फ़िल्अर्ज़ि कुल्लुहुम् जमीअ़न्, अ-फ़अन् त तुक्रिहुन्ना-स हत्ता यकूनू मुअ्मिनीन

हिंदी अनुवाद

और यदि आपका पालनहार चाहता, तो जोभी धरती में हैं, सब ईमान ले आते, तो क्या आप, लोगों को बाध्य करेंगे, यहाँ तक कि ईमान ले आयें[1]? 1. इस आयत में यह बताया गया है कि सत्धर्म और ईमान ऐसा विषय है जिस में बल का प्रयोग नहीं किया जा सकता। यह अनहोनी बात है कि किसी को बलपूर्वक मुसलमान बना लिया जाये। (देखियेःसूरह बक़रह, आयतः 256)

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وَمَا كَانَ لِنَفْسٍ أَن تُؤْمِنَ إِلَّا بِإِذْنِ اللَّهِ ۚ وَيَجْعَلُ الرِّجْسَ عَلَى الَّذِينَ لَا يَعْقِلُونَ ﴾ 100 ﴿

Transliteration

व मा का-न लिनफ्सिन् अन् तुअ्मि-न इल्ला बि-इज़्निल्लाहि, व यज्अलुर्रिज्-स अलल्लज़ी-न ला यअ्क़िलून

हिंदी अनुवाद

किसी प्राणी के लिए ये संभव नहीं है कि अल्लाह की अनुमति[1] के बिना ईमान लाये और वह (अल्लाह) मलीनता उनपर डाल देता है, जो बुध्दि का प्रयोग नहीं करते। 1. अर्थात उस के स्वभाविक नियम के अनुसार जो सोच-विचार से काम लेता है वही ईमान लाता है।

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‏ قُلِ انظُرُوا مَاذَا فِي السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضِ ۚ وَمَا تُغْنِي الْآيَاتُ وَالنُّذُرُ عَن قَوْمٍ لَّا يُؤْمِنُونَ ﴾ 101 ﴿

Transliteration

क़ुलिन्ज़ुरू माज़ा फिस्समावाति वल्अर्ज़ि, व मा तुग़्निल् आयातु वन्नुज़ुरू अन् क़ौमिल् ला युअ्मिनून

हिंदी अनुवाद

(हे नबी!) उनसे कहो कि उसे देखो, जो आकाशो तथा धरती में है और निशानियाँ तथा चेतावनियाँ उन्हें क्या लाभ दे सकती हैं, जो ईमान (विश्वास) न रखते हों?

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فَهَلْ يَنتَظِرُونَ إِلَّا مِثْلَ أَيَّامِ الَّذِينَ خَلَوْا مِن قَبْلِهِمْ ۚ قُلْ فَانتَظِرُوا إِنِّي مَعَكُم مِّنَ الْمُنتَظِرِينَ ﴾ 102 ﴿

Transliteration

फ़-हल् यन्तज़िरून इल्ला मिस्-ल अय्यामिल्लज़ी-न ख़लौ मिन् क़ब्लिहिम्, क़ुल् फ़न्तज़िरू इन्नी म-अ़कुम् मिनल्-मुन्तज़िरीन

हिंदी अनुवाद

तो क्या, वे इस बात की प्रतीक्षा कर रहे हैं कि उनपर वैसे ही (बुरे) दिन आयें, जैसे उनसे पहले लोगों पर आ चुके हैं? आप कहिएः फिर तो तुम प्रतीक्षा करो। मैं (भी) तुम्हारे साथ प्रतीक्षा करने वालों में हूँ।

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‏ ثُمَّ نُنَجِّي رُسُلَنَا وَالَّذِينَ آمَنُوا ۚ كَذَٰلِكَ حَقًّا عَلَيْنَا نُنجِ الْمُؤْمِنِينَ ﴾ 103 ﴿

Transliteration

सुम्-म नुनज्जी रूसु-लना वल्लज़ी-न-आमनू कज़ालि-क, हक़्कन् अ़लैना नुन्जिल्-मुअ्मिनीन *

हिंदी अनुवाद

फिर हम अपने रसूलों को और जो ईमान लाये बचा लेते हैं। इसी प्रकार, हमने अपने ऊपर अनिवार्य कर लिया है कि ईमान वालों को बचा लेते हैं।

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قُلْ يَا أَيُّهَا النَّاسُ إِن كُنتُمْ فِي شَكٍّ مِّن دِينِي فَلَا أَعْبُدُ الَّذِينَ تَعْبُدُونَ مِن دُونِ اللَّهِ وَلَٰكِنْ أَعْبُدُ اللَّهَ الَّذِي يَتَوَفَّاكُمْ ۖ وَأُمِرْتُ أَنْ أَكُونَ مِنَ الْمُؤْمِنِينَ ﴾ 104 ﴿

Transliteration

क़ुल या अय्युहन्नासु इन् कुन्तुम् फी शक्किम् मिन् दीनी फला अअ्बुदुल्लज़ी-न तअ्बुदू-न मिन् दूनिल्लाहि व लाकिन् अअ्बुदुल्लाहल्लज़ी य-तवफ़्फाकुम्, व उमिर्तु अन् अकू-न मिनल्-मुअ्मिनीन

हिंदी अनुवाद

आप कह दें: हे लोगो! यदि तुम, मेरे धर्म के बारे में किसी संदेह में हो, तो (सुन लो) मैं उसकी इबादत (वंदना) कभी नहीं करूँगा, जिसकी इबादत (वंदना) अल्लाह के सिवा तुम करते हो। परन्तु, मैं उस अल्लाह की इबादत (वंदना) करता हूँ, जो तुम्हें मौत देता है और मुझे आदेश दिया गया है कि ईमान वालों में रहूँ।

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وَأَنْ أَقِمْ وَجْهَكَ لِلدِّينِ حَنِيفًا وَلَا تَكُونَنَّ مِنَ الْمُشْرِكِينَ ﴾ 105 ﴿

Transliteration

व अन् अक़िम् वज्ह-क लिद्दीनि हनीफन्, वला तकूनन्-न मिनल्-मुश्रिकीन

हिंदी अनुवाद

और ये कि अपने मुख को धर्म के लिए सीधा रखो, एकेश्वरवादी होकर और कदापि मिश्रणवादियों में न रहो।

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وَلَا تَدْعُ مِن دُونِ اللَّهِ مَا لَا يَنفَعُكَ وَلَا يَضُرُّكَ ۖ فَإِن فَعَلْتَ فَإِنَّكَ إِذًا مِّنَ الظَّالِمِينَ ﴾ 106 ﴿

Transliteration

व ला तद्अु मिन् दूनिल्लाहि मा ला यन्फ़अु-क व ला यज़ुर्रू-क, फ़-इन् फ़ अल्-त फ़-इन्न-क इज़म् मिनज़्ज़ालिमीन

हिंदी अनुवाद

और अल्लाह के सिवा उसे न पुकारें, जो आपको न लाभ पहुँचा सकता है और न हानि पहुँचा सकता है। फिर यदि, आप ऐसा करेंगे, तो अत्याचारियों में हो जायेंगे।

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وَإِن يَمْسَسْكَ اللَّهُ بِضُرٍّ فَلَا كَاشِفَ لَهُ إِلَّا هُوَ ۖ وَإِن يُرِدْكَ بِخَيْرٍ فَلَا رَادَّ لِفَضْلِهِ ۚ يُصِيبُ بِهِ مَن يَشَاءُ مِنْ عِبَادِهِ ۚ وَهُوَ الْغَفُورُ الرَّحِيمُ ﴾ 107 ﴿

Transliteration

व इंय्यम्सस्कल्लाहु बिज़ुर्रिन् फ़ला काशि-फ़ लहू इल्ला हु-व, व इंय्युरिद्-क बिख़ैरिन् फ़ला राद्-द लिफ़ज़्लिही, युसीबु बिही मंय्यशा-उ मिन् अिबादिही, व हुवल् ग़फूरुर्रहीम

हिंदी अनुवाद

और यदि अल्लाह आपको कोई दुःख पहुँचाना चाहे, तो उसके सिवा कोई उसे दूर करने वाला नहीं और यदि आपको कोई भलाई पहुँचाना चाहे, तो कोई उसकी भलाई को रोकने वाला नहीं। वह अपनी दया अपने भक्तों में से जिसपर चाहे, करता है तथा वह क्षमाशील दयावान् है।

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قُلْ يَا أَيُّهَا النَّاسُ قَدْ جَاءَكُمُ الْحَقُّ مِن رَّبِّكُمْ ۖ فَمَنِ اهْتَدَىٰ فَإِنَّمَا يَهْتَدِي لِنَفْسِهِ ۖ وَمَن ضَلَّ فَإِنَّمَا يَضِلُّ عَلَيْهَا ۖ وَمَا أَنَا عَلَيْكُم بِوَكِيلٍ ﴾ 108 ﴿

Transliteration

क़ुल या अय्यु हन्नासु क़द् जा-अकुमुल्-हक़्क़ु मिर्रब्बिकुम्, फ़-मनिह़्तदा फ़-इन्नमा यह़्तदी लिनफ्सिही, व मन् ज़ल्-ल फ़-इन्नमा यज़िल्लु अलैहा, व मा अ-ना अलैकुम् बि-वकील

हिंदी अनुवाद

(हे नबी!) कह दो कि हे लोगो! तुम्हारे पालनहार की ओर से तुम्हारे पास सत्य आ गया[1] है। अब जो सीधी डगर अपनाता हो, तो उसी के लिए लाभदायक है और जो कुपथ हो जाये, तो उसका कुपथ उसी के लिए नाशकारी है और मैं तुमपर अधिकारी नहीं हूँ[1]1. अर्थात मुह़म्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम क़ुर्आन ले कर आ गये हैं। 2. अर्थात मेरा कर्तव्य यह नहीं है कि तुम्हें बलपूर्वक सीधी डगर पर कर दूँ।

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وَاتَّبِعْ مَا يُوحَىٰ إِلَيْكَ وَاصْبِرْ حَتَّىٰ يَحْكُمَ اللَّهُ ۚ وَهُوَ خَيْرُ الْحَاكِمِينَ ﴾ 109 ﴿

Transliteration

वत्तबिअ् मा यूहा इलै-क वस्बिर् हत्ता यह़्कुमल्लाहु, व हु-व ख़ैरूल्-हाकिमीन *

हिंदी अनुवाद

आप उसी का अनुसरण करें, जो आपकी ओर प्रकाशना की जा रही है और धैर्य से काम लें, यहाँ तक कि अल्लाह निर्णय कर दे और वह सर्वोत्तम निर्णेता है।

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