X
Logo
कुरआन मजीद

Quran in Hindi

66. सूरह अत-तहरिम – 1-12

सूरह तहरीम के संक्षिप्त विषय

यह सूरह मदनी है, इस में 12 आयतें हैं।

  • इस का नाम इस की प्रथम आयत से लिया गया है। जिस में नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) की एक चूक पर सावधान किया गया है। जो आप से आप की अपनी पत्नियों से प्रेम के कारण हुई। और आप की पत्नियों की भी पकड़ की गई है। और उन्हें अपना सुधार करने की ओर ध्यान दिलाया गया है।
  • इस की आयत 6 से 8 तक में ईमान वालों को अपनी पत्नियों का सुधार करने से निश्चिन्त न होने और अपना दायित्व निभाने का निर्देश दिया गया है कि उन्हें प्रलोक के दण्ड से बचाने के लिये भरपूर प्रयास करें।
  • आयत 9 में काफिरों तथा मुनाफिकों से जिहाद करने का आदेश दिया गया है। जो सदा आप के तथा मुसलमान स्त्रियों के बारे में कोई न कोई उपद्रव मचाते थे।
  • आयत 10 में नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) की दो पत्नियों को चेतावनी दी गई है। और अन्त में दो सदाचारी स्त्रियों का उदाहरण प्रस्तुत किया गया है।

सूरह अत-तहरिम | Surah Tahrim in Hindi

بِسْمِ اللَّـهِ الرَّحْمَـٰنِ الرَّحِيمِ

बिस्मिल्लाह-हिर्रहमान-निर्रहीम

अल्लाह के नाम से, जो अत्यन्त कृपाशील तथा दयावान् है।

Play

يَا أَيُّهَا النَّبِيُّ لِمَ تُحَرِّمُ مَا أَحَلَّ اللَّهُ لَكَ ۖ تَبْتَغِي مَرْضَاتَ أَزْوَاجِكَ ۚ وَاللَّهُ غَفُورٌ رَّحِيمٌ ﴾ 1 ﴿

Transliteration

या अय्युहन्नबिय्यु लि-म तुहर्रिमु मा अ-हल्लल्लाहु ल-क तब्तग़ी मर्ज़ा-त अज़्वाजि-क, वल्लाहु ग़फ़ूरुर्-रहीम

हिंदी अनुवाद

हे नबी! क्यों ह़राम (अवैध) करते हैं आप उसे, जिसे ह़लाल (वैध) किया है अल्लाह ने आपके लिए? आप अपनी पत्नियों की प्रसन्नता[1] चाहते हैं? तथा अल्लाह अति क्षमी, दयावान् है। 1. ह़दीस में है कि आप (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) अस्र की नमाज़ के पश्चात् अपनी सब पत्नियों के यहाँ कुछ देर के लिये जाया करते थे। एक बार कई दिन अपनी पत्नी ज़ैनब (रज़ियल्लाहु अन्हा) के यहाँ अधिक देर तक रह गये। कारण यह था कि वह आप को मधु पिलाती थीं। आप की पत्नी आइशा तथा ह़फ़्सा (रज़ियल्लाहु अन्हुमा) ने योजना बनाई कि जब आप आयें तो जिस के पास जायें वह यह कहे कि आप के मुँह से मग़ाफ़ीर (एक दुर्गन्धित फूल) की गन्ध आ रही है। और उन्होंने यही किया। जिस पर आप ने शपथ ले ली कि अब मधु नहीं पिऊँगा। उसी पर यह आयत उतरी। (बुख़ारीः 4912) इस में यह संकेत भी है कि नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) को भी किसी ह़लाल को ह़राम करने अथवा ह़राम को ह़लाल करने का कोई अधिकार नहीं था।

Play

قَدْ فَرَضَ اللَّهُ لَكُمْ تَحِلَّةَ أَيْمَانِكُمْ ۚ وَاللَّهُ مَوْلَاكُمْ ۖ وَهُوَ الْعَلِيمُ الْحَكِيمُ ﴾ 2 ﴿

Transliteration

क़द् फ़-रज़ल्लाहु लकुम् तहिल्-ल-त ऐमानिकुम् वल्लाहु मौलाकुम् व हुवल् अ़लीमुल्-हकीम

हिंदी अनुवाद

नियम बना दिया है अल्लाह ने तुम्हारे लिए तुम्हारी शपथों से निकलने[1] का तथा अल्लाह संरक्षक है तुम्हारा और वही सर्वज्ञानी गुणी है। 1. अर्थात प्रयाश्चित दे कर उस को करने का जिस के न करने की शपथ ली हो। शपथ के प्रयाश्चित (कफ़्फ़ारा) के लिये देखियेः माइदा, आयतः81।

Play

وَإِذْ أَسَرَّ النَّبِيُّ إِلَىٰ بَعْضِ أَزْوَاجِهِ حَدِيثًا فَلَمَّا نَبَّأَتْ بِهِ وَأَظْهَرَهُ اللَّهُ عَلَيْهِ عَرَّفَ بَعْضَهُ وَأَعْرَضَ عَن بَعْضٍ ۖ فَلَمَّا نَبَّأَهَا بِهِ قَالَتْ مَنْ أَنبَأَكَ هَٰذَا ۖ قَالَ نَبَّأَنِيَ الْعَلِيمُ الْخَبِيرُ ﴾ 3 ﴿

Transliteration

व इज़् असर्रन्- नबिय्यु इला बअ्ज़ि अज़्वाजिही हदीसन् फ़-लम्मा नब्ब-अत् बिही व अज़्ह-र-हुल्लाहु अ़लैहि अ़र्र फ़ बअ् – ज़हू व अअ्र-ज़ अ़म्-बअ्ज़िन् फ़-लम्मा नब्ब – अहा बिही क़ालत् मन् अम्ब-अ-क हाज़ा, क़ा-ल नब्ब-अनि-य ल् अ़लीमुल् – ख़बीर

हिंदी अनुवाद

और जब नबी ने अपनी कुछ पत्नियों से एक[1] बात कही, तो उसने उसे बता दिया और अल्लाह ने उसे खोल दिया नबी पर, तो नबी ने कुछ से सूचित किया और कुछ को छोड़ दिया। फिर जब सूचित किया आपने पत्नि को उससे, तो उसने कहाः किसने सूचित किया आपको इस बात से? आपने कहाः मूझे सूचित किया है सब जानने और सबसे सूचित रहने वाले ने। 1. अर्थात मधु न पीने की बात।

Play

إِن تَتُوبَا إِلَى اللَّهِ فَقَدْ صَغَتْ قُلُوبُكُمَا ۖ وَإِن تَظَاهَرَا عَلَيْهِ فَإِنَّ اللَّهَ هُوَ مَوْلَاهُ وَجِبْرِيلُ وَصَالِحُ الْمُؤْمِنِينَ ۖ وَالْمَلَائِكَةُ بَعْدَ ذَٰلِكَ ظَهِيرٌ ﴾ 4 ﴿

Transliteration

इन् ततूबा इलल्लाहि फ़-क़द् स ग़त् क़ुलूबुकुमा व इन् तज़ा-हरा अ़लैहि फ़-इन्नल्ला-ह हु-व मौलाहु व जिब्रीलु व सालिहुल्-मु अ्मिनी-न वल्मलाइ-कतु बअ्-द ज़ालि-क ज़हीर

हिंदी अनुवाद

यदि तुम[1] दोनों (हे नबी की पत्नियो!) क्षमा माँग लो अल्लाह से (तो तुम्हारे लिए उत्तम है), क्योंकि तुम दोनों के दिल कुछ झुक गये हैं और यदि तुम दोनों एक-दूसरे की सहायता करोगी आपके विरूध्द, तो निःसंदेह अल्लाह आपका सहायक है तथा जिब्रील और सदाचारी ईमान वाले और फ़रिश्ते (भी) इनके अतिरिक्त सहायक हैं। 1. दोनों से अभिप्राय, आदरणीय आइशा तथा आदरणीय ह़फ़्सा हैं।

Play

عَسَىٰ رَبُّهُ إِن طَلَّقَكُنَّ أَن يُبْدِلَهُ أَزْوَاجًا خَيْرًا مِّنكُنَّ مُسْلِمَاتٍ مُّؤْمِنَاتٍ قَانِتَاتٍ تَائِبَاتٍ عَابِدَاتٍ سَائِحَاتٍ ثَيِّبَاتٍ وَأَبْكَارًا ﴾ 5 ﴿

Transliteration

अ़सा रब्बुहू इन् तल्ल-क़कुन्-न अंय्युब्दि लहू अज़्वाजन् ख़ैरम्-मिन्कुन्-न मुस्लिमातिम्-मुअ्मिनातिन् क़ानितातिन् ता-इबातिन् आबिदातिन् सा-इहातिन् सय्यिबातिंव्-व अब्कारा

हिंदी अनुवाद

कुछ दूर नहीं कि आपका पालनहार, यदि आप तलाक़ दे दें तुम सभी को, तो बदले में दे आपको पत्नियाँ तुमसे उत्तम, इस्लाम वालियाँ, इबादत करने वालियाँ, आज्ञा पालन करने वालियाँ, क्षमा माँगने वालियाँ, व्रत रखने वालियाँ, विधवायें तथा कुमारियाँ।

Play

يَا أَيُّهَا الَّذِينَ آمَنُوا قُوا أَنفُسَكُمْ وَأَهْلِيكُمْ نَارًا وَقُودُهَا النَّاسُ وَالْحِجَارَةُ عَلَيْهَا مَلَائِكَةٌ غِلَاظٌ شِدَادٌ لَّا يَعْصُونَ اللَّهَ مَا أَمَرَهُمْ وَيَفْعَلُونَ مَا يُؤْمَرُونَ ‎ ﴾ 6 ﴿

Transliteration

या अय्युहल्लज़ी-न आमनू क़ू अन्फ़ु-सकुम् व अह्लीकुम् नारंव्-व क़ूदुहन्नासु वल्हिजा-रतु अ़लैहा मलाइ-कतुन् ग़िलाज़ुन् शिदादुल् ला यअ्सूनल्ला-ह मा अ-म-रहुम् व यफ़् अलू-न मा युअ्मरून।

हिंदी अनुवाद

हे लोगो जो ईमान लाये हो! बचाओ[1] अपने आपको तथा अपने परिजनों को उस अग्नि से, जिसका ईंधन मनुष्य तथा पत्थर होंगे। जिसपर फ़रिश्ते नियुक्त हैं कड़े दिल, कड़े स्वभाव वाले। वे अवज्ञा नहीं करते अल्लाह के आदेश की तथा वही करते हैं, जिसका आदेश उन्हें दिया जाये। 1. अर्थात तुम्हारा कर्तव्य है कि अपने परिजनों को इस्लाम की शिक्षा दो ताकि वह इस्लामी जीवन व्यतीत करें। और नरक का ईंधन बनने से बच जायें। ह़दीस में है कि जब बच्चा सात वर्ष का हो जाये तो उसे नमाज़ पढ़ने का आदेश दो। और जब दस वर्ष का हो जाये तो उसे नमाज़ के लिये (यदि ज़रूरत पड़े तो) मारो। (तिर्मिज़ीः 407) पत्थर से अभिप्राय वह मूर्तियाँ हैं जिन्हें देवता और पूज्य बनाया गया था।

Play

‏ يَا أَيُّهَا الَّذِينَ كَفَرُوا لَا تَعْتَذِرُوا الْيَوْمَ ۖ إِنَّمَا تُجْزَوْنَ مَا كُنتُمْ تَعْمَلُونَ ‎ ﴾ 7 ﴿

Transliteration

या अय्युहल्लज़ी-न क-फ़रू ला तअ्तस्ज़िरुल्-यौ-म, इन्नमा तुज्ज़ौ-न मा कुन्तुम् तअ्मलून

हिंदी अनुवाद

हे काफ़िरो! बहाना न बनाओ आज, तुम्हें उसी का बदला दिया जा रहा है, जो तुम करते रहे।

Play

يَا أَيُّهَا الَّذِينَ آمَنُوا تُوبُوا إِلَى اللَّهِ تَوْبَةً نَّصُوحًا عَسَىٰ رَبُّكُمْ أَن يُكَفِّرَ عَنكُمْ سَيِّئَاتِكُمْ وَيُدْخِلَكُمْ جَنَّاتٍ تَجْرِي مِن تَحْتِهَا الْأَنْهَارُ يَوْمَ لَا يُخْزِي اللَّهُ النَّبِيَّ وَالَّذِينَ آمَنُوا مَعَهُ ۖ نُورُهُمْ يَسْعَىٰ بَيْنَ أَيْدِيهِمْ وَبِأَيْمَانِهِمْ يَقُولُونَ رَبَّنَا أَتْمِمْ لَنَا نُورَنَا وَاغْفِرْ لَنَا ۖ إِنَّكَ عَلَىٰ كُلِّ شَيْءٍ قَدِيرٌ ﴾ 8 ﴿

Transliteration

या अय्युहल्लज़ी-न आमनू तूबू इलल्लाहि तौ-बतन्-नसूहन्, अ़सा रब्बुकुम् अंय्युकफ़्फ़ि-र अ़न्कुम् सय्यिआतिकुम् व युद्ख़ि-लकुम् जन्नातिन् तज्री मिन् तह्तिहल्-अन्हारु यौ-म ला युख़िज़ल्लाहुन्-नबिय्-य वल्लज़ी-न आमनू म-अ़हू नूरुहुम् यस्आ बै-न ऐदीहिम् व बि-ऐमानिहिम् यकूलू-न रब्बना अत्मिम् लना नू-रना वग़्फिर् लना इन्न-क अ़ला कुल्लि शैइन् क़दीर

हिंदी अनुवाद

हे ईमान वालो! अल्लाह के आगे सच्ची[1] तौबा करो। संभव है कि तुम्हारा पालनहार दूर कर दे तुम्हारी बुराईयाँ तुमसे तथा प्रवेश करा दे तुम्हें ऐसे स्वर्गों में, बहती हैं जिनमें नहरें। जिस दिन वह अपमानित नहीं करेगा नबी को और न उन्हें, जो ईमान लाये हैं उनके साथ। उनका प्रकाश[2] दौड़ रहा होगा, उनके आगे तथा उनके दायें, वे प्रार्थना कर रहे होंगेः हे हमारे पालनहार! पूर्ण कर दे हमारे लिए हमारा प्रकाश तथा क्षमा कर दे हमें। वास्तव में, तू जो चाहे, कर सकता है। 1. सच्ची तौबा का अर्थ यह है कि पाप को त्याग दे। और उस पर लज्जित हो तथा भविष्य में पाप न करने का संकल्प ले। और यदि किसी का कुछ लिया है तो उसे भरे और अत्याचार किया है तो क्षमा माँग ले। 2. (देखियेः सूरह ह़दीद, आयतः12)।

Play

يَا أَيُّهَا النَّبِيُّ جَاهِدِ الْكُفَّارَ وَالْمُنَافِقِينَ وَاغْلُظْ عَلَيْهِمْ ۚ وَمَأْوَاهُمْ جَهَنَّمُ ۖ وَبِئْسَ الْمَصِيرُ ‎ ﴾ 9 ﴿

Transliteration

या अय्युहन्नबिय्यु जाहिदिल्- कुफ़्फ़ा-र वल्-मुनाफ़िक़ी-न वग्लुज़् अ़लैहिम्, व मअ्वाहुम् जहन्नमु, व बिअ्सल्-मसीर

हिंदी अनुवाद

हे नबी! आप जिहाद करें काफ़िरों और मुनाफ़िक़ों से और उनपर कड़ाई करें।[1] उनका स्थान नरक है और वह बुरा स्थान है। 1. अर्थात जो काफ़िर इस्लाम के प्रचार से रोकते हैं, और जो मुनाफ़िक़ उपद्रव फैलाते हैं उन से कड़ा संघर्ष करें।

Play

ضَرَبَ اللَّهُ مَثَلًا لِّلَّذِينَ كَفَرُوا امْرَأَتَ نُوحٍ وَامْرَأَتَ لُوطٍ ۖ كَانَتَا تَحْتَ عَبْدَيْنِ مِنْ عِبَادِنَا صَالِحَيْنِ فَخَانَتَاهُمَا فَلَمْ يُغْنِيَا عَنْهُمَا مِنَ اللَّهِ شَيْئًا وَقِيلَ ادْخُلَا النَّارَ مَعَ الدَّاخِلِينَ ﴾ 10 ﴿

Transliteration

ज़-रबल्लाहु म-सलल्-लिल्लज़ी-न क-फ़रुम्-र-अ-त नूहिंव्-वम्-र-अ-त लूतिन्, का-नता तह्-त अ़ब्दैनि मिन् अिबादिना सालिहैनि फ़-ख़ानताहुमा फ़-लम् युग्निया अ़न्हुमा मिनल्लाहि शैअंव्-व क़ीलद्ख़ुलन्ना-र मअद्-दाख़िलीन

हिंदी अनुवाद

अल्लाह ने उदाहरण दिया है उनके लिए, जो काफ़िर हो गये नूह़ की पत्नी तथा लूत की पत्नी का। जो दोनों विवाह में थीं दो भक्तों के, हमारे सदाचारी भक्तों में से। फिर दोनों ने विश्वासघात[1] किया उनसे। तो दोनों उनके, अल्लाह के यहाँ कुछ काम नहीं आये तथा (दोनों स्त्रियों से) कहा गया कि प्रवेश कर जाओ नरक में प्रवेश करने वालों के साथ। 1. विश्वासघात का अर्थ यह है कि आदरणीय नूह़ (अलैहिस्सलाम) की पत्नी ने ईमान तथा धर्म में उन का साथ नहीं दिया। आयत का भावार्थ यह है कि अल्लाह के यहाँ कर्म काम आयेगा। सम्बंध नहीं काम आयेंगे।

Play

وَضَرَبَ اللَّهُ مَثَلًا لِّلَّذِينَ آمَنُوا امْرَأَتَ فِرْعَوْنَ إِذْ قَالَتْ رَبِّ ابْنِ لِي عِندَكَ بَيْتًا فِي الْجَنَّةِ وَنَجِّنِي مِن فِرْعَوْنَ وَعَمَلِهِ وَنَجِّنِي مِنَ الْقَوْمِ الظَّالِمِينَ ﴾ 11 ﴿

Transliteration

व ज़- रबल्लाहु म-सलल्-लिल्लज़ी-न आमनुम्-र-अ-त फिर्औ-नo इज़् क़ालत् रब्बिनि ली इन्द-क बैतन् फिल्-जन्नति व नज्जिनी मिन् फिर्औ-न व अ़-मलिही व नज्जिनी मिनल् कौमिज़्ज़ालिमीन

हिंदी अनुवाद

तथा उदाहरण[1] दिया है अल्लाह ने उनके लिए, जो ईमान लाये, फ़िरऔन की पत्नी का। जब उसने प्रार्थना कीः हे मेरे पालनहार! बना दे मेरे लिए अपने पास एक घर स्वर्ग में तथा मुझे मुक्त कर दे फ़िरऔन तथा उसके कर्म से और मुझे मुक्त कर दे अत्याचारी जाति से। 1. ह़दीस में है कि पुरुषों में से बहुत पूर्ण हुये। पर स्त्रियों में इमरान की पुत्री मर्यम और फ़िरऔन की पत्नी आसिया ही पूर्ण हूईं। और आइशा (रज़ियल्लाहु अन्हा) की प्रधानता नारियों पर वही है जो सरीद (एक प्रकार का खाना) की सब खानों पर है। (सह़ीह़ बुख़ारीः 3411, सह़ीह़ मुस्लिमः 2431)

Play

وَمَرْيَمَ ابْنَتَ عِمْرَانَ الَّتِي أَحْصَنَتْ فَرْجَهَا فَنَفَخْنَا فِيهِ مِن رُّوحِنَا وَصَدَّقَتْ بِكَلِمَاتِ رَبِّهَا وَكُتُبِهِ وَكَانَتْ مِنَ الْقَانِتِينَ ﴾ 12 ﴿

Transliteration

व मर्य-मब्न-त अिम्रानल्लती अह्-सनत् फ़र्-जहा फ़-नफ़ख़्ना फ़ीहि मिर्-रूहिना व सद्द-क़त् बि-कलिमाति-रब्बिहा व कुतुबिही व कानत् मिनल्-क़ानितीन

हिंदी अनुवाद

तथा मर्यम, इमरान की पुत्री का, जिसने रक्षा की अपने सतीत्व की, तो फूँक दी हमने उसमें अपनी ओर से रूह़ (आत्मा) तथा उस (मर्यम) ने सच माना अपने पालनहार की बातों और उसकी पुस्तकों को और वह इबादत करने वालों में से थी।

Play