61. सूरह अस-सफ्फ – 1-14

सूरह सफ़्फ़ के संक्षिप्त विषय

यह सूरह मनी है, इस में 14 आयतें हैं।

  • इस सूरह की आयत 4 में ((सफ़्फ़)) शब्द आया है जिस का अर्थ पंक्ति है। उसी से यह नाम लिया गया है। और प्रथम आयत में आकाशों तथा धरती की प्रत्येक चीज़ के अल्लाह की तस्बीह (पवित्रता का गुण गान करने) की चर्चा की गई है। फिर मुसलमानों पर जो अपनी बात के अनुसार कर्म नहीं करते और वचन भंग करते हैं उन की निन्दा है। तथा उन की सराहना है जो मिल कर अल्लाह की राह में संघर्ष करते और अपना वचन पूरा करते हैं।
  • आयत 5 और 6 में मुसलमानों को सावधान किया गया है कि यहूदियों की नीति पर न चलें जिन्हों ने मूसा (अलैहिस्सलाम) को दुख दिया। और कुरीति अपनाई जिस से उन के दिल टेढ़े हो गये। फिर उन्होंने अपने सभी रसूलों का इन्कार किया जो खुली निशानियाँ लाये।
  • इस में इस्लाम के विरोधियों को सावधान करते हुये बताया गया है कि अल्लाह अपना प्रकाश पूरा करेगा और उस का धर्म सभी धर्मों पर प्रभुत्वशाली होगा। काफिरों और मुश्रिकों को कितना ही बुरा क्यों न लगे।
  • मुसलमानों को ईमान की माँग पूरी करने तथा जिहाद करने का आदेश देते हुये परलोक में उस के प्रतिफल, तथा संसार में सहायता और विजय की शुभ सूचना दी गई है।
  • ईसा (अलैहिस्सलाम) के साथियों का उदाहरण दे कर अल्लाह के धर्म की सहायता करने का आमंत्रण दिया गया है।

सूरह अस-सफ्फ | Surah Saff in Hindi

بِسْمِ اللَّـهِ الرَّحْمَـٰنِ الرَّحِيمِ

बिस्मिल्लाह-हिर्रहमान-निर्रहीम

अल्लाह के नाम से, जो अत्यन्त कृपाशील तथा दयावान् है।

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سَبَّحَ لِلَّهِ مَا فِي السَّمَاوَاتِ وَمَا فِي الْأَرْضِ ۖ وَهُوَ الْعَزِيزُ الْحَكِيمُ ﴾ 1 ﴿

Transliteration

सब्-ब-ह लिल्लाहि म फिस् समावाति वमा फिल् अर्ज़ी व हुवल अ़ज़ीज़ुल् हकीम◌

हिंदी अनुवाद

अल्लाह की पवित्रता का गान करती है, जो वस्तु आकाशों तथा धरती में है और वह प्रभुत्वशाली, गुणी है।

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‏ يَا أَيُّهَا الَّذِينَ آمَنُوا لِمَ تَقُولُونَ مَا لَا تَفْعَلُونَ ‎ ﴾ 2 ﴿

Transliteration

या अय्युहल् लज़ीना आमनू लिमा तक़ुलूना मा ला तफ़्अलून◌

हिंदी अनुवाद

हे ईमान वालो! तुम वह बात क्यों कहते हो जो करते नहीं?

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كَبُرَ مَقْتًا عِندَ اللَّهِ أَن تَقُولُوا مَا لَا تَفْعَلُونَ ﴾ 3 ﴿

Transliteration

कबुरा मक़्तन अि़न्दल्लाहि अन् तकूलू, मा ला तफ़्अलून◌

हिंदी अनुवाद

अत्यंत अप्रिय है अल्लाह को तुम्हारी वह बात कहना, जिसे तुम (स्वयं) करते नहीं।

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إِنَّ اللَّهَ يُحِبُّ الَّذِينَ يُقَاتِلُونَ فِي سَبِيلِهِ صَفًّا كَأَنَّهُم بُنْيَانٌ مَّرْصُوصٌ ﴾ 4 ﴿

Transliteration

इन्नल् लाहा युहिब्बुल् लज़ीना युक़ातिलूना फ़ी सबीलिही सफ्फन क अन् नहुम बुन्यानुम् मर्सू़स़◌

हिंदी अनुवाद

निःसंदेह अल्लाह प्रेम करता है उनसे, जो युध्द करते हैं उसकी राह में पंक्तिबंद होकर, जैसे कि वह सीसा पिलाई दीवार हों।

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وَإِذْ قَالَ مُوسَىٰ لِقَوْمِهِ يَا قَوْمِ لِمَ تُؤْذُونَنِي وَقَد تَّعْلَمُونَ أَنِّي رَسُولُ اللَّهِ إِلَيْكُمْ ۖ فَلَمَّا زَاغُوا أَزَاغَ اللَّهُ قُلُوبَهُمْ ۚ وَاللَّهُ لَا يَهْدِي الْقَوْمَ الْفَاسِقِينَ ﴾ 5 ﴿

Transliteration

व इज़ क़ा-ल मूसा लिक़ौमिही या क़ौमी लिमा तुअ्ज़ू-ननी व क़त् तअ्लमूना अन्नी रसूलुल्लाहि इलैकुम, फ़-लम्मा ज़ागू़ अज़ाग़ल् लाहु क़ुलू-बहुम्, वल्लाहु ला यह्दिल् क़ौमल् फ़ासिक़ीन◌

हिंदी अनुवाद

तथा याद करो जब कहा मूसा ने अपनी जाति सेः हे मेरे समुदाय! तुम क्यों दुःख देते हो मुझे जबकि तुम जानते हो कि मैं अल्लाह का रसूल हूँ तुम्हारी ओर? फिर जब वह टेढ़े ही रह गये, तो टेढ़े कर दिये अल्लाह ने उनके दिल और अल्लाह संमार्ग नहीं दिखाता उल्लंघनकारियों को।

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وَإِذْ قَالَ عِيسَى ابْنُ مَرْيَمَ يَا بَنِي إِسْرَائِيلَ إِنِّي رَسُولُ اللَّهِ إِلَيْكُم مُّصَدِّقًا لِّمَا بَيْنَ يَدَيَّ مِنَ التَّوْرَاةِ وَمُبَشِّرًا بِرَسُولٍ يَأْتِي مِن بَعْدِي اسْمُهُ أَحْمَدُ ۖ فَلَمَّا جَاءَهُم بِالْبَيِّنَاتِ قَالُوا هَٰذَا سِحْرٌ مُّبِينٌ ﴾ 6 ﴿

Transliteration

व इज़् क़ा-ल अ़ी-सब्नु मर्यमा या-बनी इस्राईला इन्नी रसूलुल्लाहि इलैकुम मुस़द्दीक़ल लिमा बय्ना य-दय्या मिनत् तौराति व मुबश्शिरम् बि-रसूलिइं याती मिम् बअ्दिस्-मुहू अहमद, फ़-लम्मा जाआहुम् बिल बय्यिनाती क़ालू हाज़ा सिह्-रुम मुबीन◌

हिंदी अनुवाद

तथा याद करो जब कहा मर्यम के पुत्र ईसा नेः हे इस्राईल की संतान! मैं तुम्हारी ओर रसूल हूँ और पुष्टि करने वाला हूँ उस तौरात की जो मुझसे पूर्व आयी है तथा शुभ सूचना देने वाला हूँ एक रसूल की, जो आयेगा मेरे पश्चात्, जिसका नाम अह़्मद है। फिर जब वह आ गये उनके पास खुले प्रमाणों को लेकर, तो उन्होंने कह दिया कि ये तो खुला जादू है।

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وَمَنْ أَظْلَمُ مِمَّنِ افْتَرَىٰ عَلَى اللَّهِ الْكَذِبَ وَهُوَ يُدْعَىٰ إِلَى الْإِسْلَامِ ۚ وَاللَّهُ لَا يَهْدِي الْقَوْمَ الظَّالِمِينَ ﴾ 7 ﴿

Transliteration

व मन् अज़्लमु मिम्मनिफ़्-तरा अ़लल्लाहिल् कज़िबा व हुवा युद्आ़ इलल् इस्लाम, वल्लाहु ला यह्दिल् कौमज़् ज़ालिमीन◌

हिंदी अनुवाद

और उससे अधिक अत्याचारी कौन होगा, जो झूठ घड़े अल्लाह पर, जबकि वह बुलाया जा रहा हो इस्लाम की ओर और अल्लाह मार्गदर्शन नहीं देता अत्याचारी जाति को।

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يُرِيدُونَ لِيُطْفِئُوا نُورَ اللَّهِ بِأَفْوَاهِهِمْ وَاللَّهُ مُتِمُّ نُورِهِ وَلَوْ كَرِهَ الْكَافِرُونَ ﴾ 8 ﴿

Transliteration

युरिदूना लियुत्फ़िऊ नूरल्लाहि बि-अफ़्वाहिहिम्, वल्लाहु मु-तिम्मु नूरिही व-लौ क-रि-हल् काफ़िरून◌

हिंदी अनुवाद

वे चाहते हैं कि बुझा दें अल्लाह के प्रकाश को अपने मुखों से तथा अल्लाह पूरा करने वाला है अपने प्रकाश को, यद्यपि बुरा लगे काफ़िरों को।

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هُوَ الَّذِي أَرْسَلَ رَسُولَهُ بِالْهُدَىٰ وَدِينِ الْحَقِّ لِيُظْهِرَهُ عَلَى الدِّينِ كُلِّهِ وَلَوْ كَرِهَ الْمُشْرِكُونَ ﴾ 9 ﴿

Transliteration

हुबल् लज़ी अर्-सला रसू-लहू बिल हुदा व दीनिल् हक़्क़ी लि युज्हिरहू अ़लद् दीनि कुल्लिही व लौ करिहल् मुश्-रिकून◌

हिंदी अनुवाद

वही है, जिसने भेजा है अपने रसूल को संमार्ग तथा सत्धर्म के साथ ताकि प्रभावित कर दे उसे प्रत्येक धर्म पर, चाहे बुरा लगे मुश्रिकों को।

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يَا أَيُّهَا الَّذِينَ آمَنُوا هَلْ أَدُلُّكُمْ عَلَىٰ تِجَارَةٍ تُنجِيكُم مِّنْ عَذَابٍ أَلِيمٍ ﴾ 10 ﴿

Transliteration

या अय्युहल् लज़ीना आमनू हल् अदुल्लुकुम् अ़ला तिजारतिन तुन्जीकुम् मिन् अज़ाबिन अलीम◌

हिंदी अनुवाद

हे ईमान वालो! क्या मैं बता दूँ तुम्हें ऐसा व्यापार, जो बचा ले तुम्हें दुःखदायी यातना से?

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تُؤْمِنُونَ بِاللَّهِ وَرَسُولِهِ وَتُجَاهِدُونَ فِي سَبِيلِ اللَّهِ بِأَمْوَالِكُمْ وَأَنفُسِكُمْ ۚ ذَٰلِكُمْ خَيْرٌ لَّكُمْ إِن كُنتُمْ تَعْلَمُونَ ﴾ 11 ﴿

Transliteration

तुअ्मिनूना बिल्लाहि व रसूलिही व तुजाहिदूना फ़ी सबीलिल्लाहि बि-अम्वालिकुम व अन्फुसिकुम, जालिकुम् खैरुल् लकुम् इन् कुन्तुम् तअ्लमूना◌

हिंदी अनुवाद

तुम ईमान लाओ अल्लाह तथा उसके रसूल पर और जिहाद करो अल्लाह की राह में अपने धनों और प्राणों से, यही तुम्हारे लिए उत्तम है, यदि तुम जानो।

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‏ يَغْفِرْ لَكُمْ ذُنُوبَكُمْ وَيُدْخِلْكُمْ جَنَّاتٍ تَجْرِي مِن تَحْتِهَا الْأَنْهَارُ وَمَسَاكِنَ طَيِّبَةً فِي جَنَّاتِ عَدْنٍ ۚ ذَٰلِكَ الْفَوْزُ الْعَظِيمُ ﴾ 12 ﴿

Transliteration

यग्फिर् लकुम् ज़ुनूबकुम व युद्खिल्कुम जन्नातिन तज्री मिन् तह्तिहल् अन्हारु व मसाकिना तय्यबतन फ़ी जन्नाति अ़दन्, ज़ालिकल् फौजुल अ़ज़ीम◌

हिंदी अनुवाद

वह क्षमा कर देगा तुम्हारे पाप और प्रवेश देगा तुम्हें ऐसे स्वर्गों में, बहती हैं जिनमें नहरें तथा स्वच्छ घरों में स्थायी स्वर्गों में। यही बड़ी सफलता है।

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وَأُخْرَىٰ تُحِبُّونَهَا ۖ نَصْرٌ مِّنَ اللَّهِ وَفَتْحٌ قَرِيبٌ ۗ وَبَشِّرِ الْمُؤْمِنِينَ ﴾ 13 ﴿

Transliteration

व उख़रा तुहिब्बू-नहा, नस्रुम मिनाल्लाहि व फत्हून् क़रीब, व बश्शिरिल मुअ्मिनीन◌

हिंदी अनुवाद

और एक अन्य (प्रदान) जिससे तुम प्रेम करते हो। वह अल्लाह की सहायता तथा शीघ्र विजय है तथा शुभ सूचना सुना दो ईमान वालों को।

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يَا أَيُّهَا الَّذِينَ آمَنُوا كُونُوا أَنصَارَ اللَّهِ كَمَا قَالَ عِيسَى ابْنُ مَرْيَمَ لِلْحَوَارِيِّينَ مَنْ أَنصَارِي إِلَى اللَّهِ ۖ قَالَ الْحَوَارِيُّونَ نَحْنُ أَنصَارُ اللَّهِ ۖ فَآمَنَت طَّائِفَةٌ مِّن بَنِي إِسْرَائِيلَ وَكَفَرَت طَّائِفَةٌ ۖ فَأَيَّدْنَا الَّذِينَ آمَنُوا عَلَىٰ عَدُوِّهِمْ فَأَصْبَحُوا ظَاهِرِينَ ‎ ﴾ 14 ﴿

Transliteration

या अय्युहल् लज़ीना आ मनू कूनू अन्सा़रल्लाहि कमा क़ा-ल अ़ी-सब्नु मर्यमा लिल्-हवारीयीना मन् अंसा़री इ-लल्लाह, क़ा-लल् हवारीयूना नह्नु अन्स़ारुल् लाही फ़ आमनत् त़ाअिफ़तुम् मिम् बनी इस्राईला व क-फ़-रत् त़ाअिफ़त, फ़ अय्यद् नल् लज़ीना आ मनू अ़ला अ़दूविहिम् फ़ अस्ब़हू ज़ाहिरीन◌

हिंदी अनुवाद

हे ईमान वालो! तुम बन जाओ अल्लाह (के धर्म) के सहायक, जैसे मर्यम के पुत्र ईसा ने ह़वारियों से कहा था कि कौन मेरा सहायक है अल्लाह (के धर्म के प्रचार में)? तो ह़वारियों ने कहाः हम हैं अल्लाह के (धर्म के) सहायक। तो ईमान लाया इस्राईलियों का एक समूह और कुफ़्र किया दूसरे समूह ने। तो हमने समर्थन दिया उनको, जो ईमान लाये, उनके शत्रु के विरुध्द, तो वही विजयी रहे।

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