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कुरआन मजीद

Quran in Hindi

16. सूरह अन नहल – 1-128

सूरह नहल के संक्षिप्त विषय

यह सूरह मक्की है. इस में 128 आयतें हैं।

  • नहल का अर्थ मधु मक्खी है। जिस में अल्लाह के पालनहार होने की निशानी है। इस सूरह की आयत 68 से यह नाम लिया गया है।
  • इस में शिर्क का खण्डन तथा तौहीद के सत्य होने को प्रमाणित किया गया है। और नबी को न मानने पर दुष्परिणाम की चेतावनी दी गई है।
  • विरोधियों के संदेह दूर कर के अल्लाह के उपकारों की चर्चा की गई है और प्रलय के दिन मुश्रिकों तथा काफिरों की दुर दशा को बताया गया है।
  • बंदो का अधिकार देने तथा बुराईयों से बचने और पवित्र जीवन व्यतीत करने की प्रेरणा दी गई है।
  • शैतान के संशय से शरण माँगने का निर्देश दिया गया है और मक्का वासियों के लिये एक कृतध्न बस्ती का उदाहरण देकर उन्हें कृतज्ञ होने का निर्देश दिया गया है।
  • यह निर्देश दिया गया है कि शिर्क के कारण अल्लाह की वैध की हुई चीज़ो को वर्जित न करो और इब्राहीम (अलैहिस्सलाम) के बारे में बताया गया है कि वह एकेश्वरवादी और कृतज्ञ थे, और मुश्श्रिक नहीं थे।
  • यह बताया गया है कि सब्त (शनिवार) मनाने का आदेश केवल यहूद को उन के विभेद करने के कारण दिया गया था।
  • और अन्त में नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) तथा ईमान वालों को कुछ निर्देश दिये गये हैं।

सूरह अन नहल | Surah Nahl in Hindi

بِسْمِ اللَّـهِ الرَّحْمَـٰنِ الرَّحِيمِ

बिस्मिल्लाह-हिर्रहमान-निर्रहीम

अल्लाह के नाम से, जो अत्यन्त कृपाशील तथा दयावान् है।

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أَتَىٰ أَمْرُ اللَّهِ فَلَا تَسْتَعْجِلُوهُ ۚ سُبْحَانَهُ وَتَعَالَىٰ عَمَّا يُشْرِكُونَ ‎ ﴾ 1 ﴿

Transliteration

अता अम्रुल्लाहि फ़ला तस्तअ्जिलूहु, सुब्हानहू व तआ़ला अ़म्मा युश्रिकून

हिंदी अनुवाद

अल्लाह का आदेश आ गया है। अतः (हे काफ़िरो!) उसके शीघ्र आने की माँग न करो। वह (अल्लाह) पवित्र तथा उस शिर्क (मिश्रणवाद) से ऊँचा है, जो वे कर रहे हैं।

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يُنَزِّلُ الْمَلَائِكَةَ بِالرُّوحِ مِنْ أَمْرِهِ عَلَىٰ مَن يَشَاءُ مِنْ عِبَادِهِ أَنْ أَنذِرُوا أَنَّهُ لَا إِلَٰهَ إِلَّا أَنَا فَاتَّقُونِ ﴾ 2 ﴿

Transliteration

युनज़्ज़िलुल्-मलाइ-क-त बिर्रूहि मिन् अमरिही अ़ला मंय्यशा-उ मिन् अिबादिही अन् अन्ज़िरू अन्नहू ला इला-ह इल्ला अ-ना फ़त्तक़ून

हिंदी अनुवाद

वह फ़रिश्तों को वह़्यी के साथ, अपने आदेश से, अपने जिस भक्त पर चाहता है, उतारता है कि (लोगों को) सावधान करो कि मेरे सिवा कोई पूज्य नहीं है, अतः मुझसे ही डरो।

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خَلَقَ السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضَ بِالْحَقِّ ۚ تَعَالَىٰ عَمَّا يُشْرِكُونَ ﴾ 3 ﴿

Transliteration

ख़-लक़स्समावाति वल्अर्ज़ बिल्हक़्क़ि, तआ़ला अ़म्मा युश्रिकून

हिंदी अनुवाद

उसने आकाशों तथा धरती की उत्पत्ति सत्य के साथ की है, वह उनके शिर्क से बहुत ऊँचा है।

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خَلَقَ الْإِنسَانَ مِن نُّطْفَةٍ فَإِذَا هُوَ خَصِيمٌ مُّبِينٌ ﴾ 4 ﴿

Transliteration

ख़-लक़ल्-इन्सा-न मिन् नुत्फ़तिन् फ़-इज़ा हु-व ख़सीमुम्-मुबीन

हिंदी अनुवाद

उसने मनुष्य की उत्पत्ति वीर्य से की है, फिर वह अकस्मात् खुला झगड़ालू बन गया।

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وَالْأَنْعَامَ خَلَقَهَا ۗ لَكُمْ فِيهَا دِفْءٌ وَمَنَافِعُ وَمِنْهَا تَأْكُلُونَ ‎ ﴾ 5 ﴿

Transliteration

वल-अन्आ़-म ख़-ल-क़हा, लकुम् फ़ीहा दिफ़उंव्-व मनाफ़िअु व मिन्हा तअ्कुलून

हिंदी अनुवाद

तथा चौपायों की उत्पत्ति की, जिनमें तुम्हारे लिए गर्मी[1] और बहुत-से लाभ हैं और उनमें से कुछको खाते हो। 1. अर्थात उन की ऊन तथा खाल से गर्म वस्त्र बनाते हो।

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‏ وَلَكُمْ فِيهَا جَمَالٌ حِينَ تُرِيحُونَ وَحِينَ تَسْرَحُونَ ﴾ 6 ﴿

Transliteration

व लकुम् फ़ीहा जमालुन् ही-न तुरीहू-न व ही-न तस्-रहून

हिंदी अनुवाद

तथा उनमें तुम्हारे लिए एक शोभा है, जिस समय संध्या को चराकर लाते हो और जब प्रातः चराने ले जाते हो।

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وَتَحْمِلُ أَثْقَالَكُمْ إِلَىٰ بَلَدٍ لَّمْ تَكُونُوا بَالِغِيهِ إِلَّا بِشِقِّ الْأَنفُسِ ۚ إِنَّ رَبَّكُمْ لَرَءُوفٌ رَّحِيمٌ ﴾ 7 ﴿

Transliteration

व तह़्मिलु अस्क़ा-लकुम् इला ब-लदिल्-लम् तकूनू बालिग़ीहि इल्ला बिशिक़्क़िल्-अन्फुसि, इन्-न रब्बकुम् ल-रऊफुर्-रहीम

हिंदी अनुवाद

और वे तुम्हारे बोझ, उन नगरों तक लादकर ले जाते हैं, जिनतक तुम बिना कड़े परिश्रम के नहीं पहुँच सकते। वास्तव में, तुम्हारा पालनहार अति करुणामय, दयावान् है।

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‏ وَالْخَيْلَ وَالْبِغَالَ وَالْحَمِيرَ لِتَرْكَبُوهَا وَزِينَةً ۚ وَيَخْلُقُ مَا لَا تَعْلَمُونَ ﴾ 8 ﴿

Transliteration

वल्ख़ै-ल वल्बिग़ा-ल वल्हमी-र लितर्कबूहा व ज़ी-नतन्, व यख़्लुक़ु मा ला तअ्लमून*

हिंदी अनुवाद

तथा घोड़े, खच्चर और गधे पैदा किये, ताकि उनपर सवारी करो और (वे) शोभा (बनें) और (अल्लाह) ऐसी चीज़ों की उत्पत्ति करेगा, जिन्हें (अभी) तुम नहीं जानते हो[1]1. अर्थात सवारी के साधन इत्यादि। और आज हम उन में से बहुत सी चीज़ों को अपनी आँखों से देख रहे हैं, जिन की ओर अल्लाह ने आज से चौदह सौ वर्ष पहले इस आयत के अन्दर संकेत किया था। जैसे कार, रेल और विमान आदि।

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‏ وَعَلَى اللَّهِ قَصْدُ السَّبِيلِ وَمِنْهَا جَائِرٌ ۚ وَلَوْ شَاءَ لَهَدَاكُمْ أَجْمَعِينَ ﴾ 9 ﴿

Transliteration

व अ़लल्लाहि क़स्दुस्सबीलि व मिन्हा जा-इरून्, व लौ शा-अ ल-हदाकुम् अज्मईन

हिंदी अनुवाद

और अल्लाह पर, सीधी राह बताना है और उनमें से कुछ[1] टेढ़े हैं तथा यदि अल्लाह चाहता, तो तुमसभी को सीधी राह दिखा देता। 1. अर्थात जो इस्लाम के विरुध्द हैं।

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‏ هُوَ الَّذِي أَنزَلَ مِنَ السَّمَاءِ مَاءً ۖ لَّكُم مِّنْهُ شَرَابٌ وَمِنْهُ شَجَرٌ فِيهِ تُسِيمُونَ ﴾ 10 ﴿

Transliteration

हुवल्लज़ी अन्ज़-ल मिनस्समा-इ माअल्लकुम् मिन्हु शराबुंव्-व मिन्हु श-जरून् फ़ीहि तुसीमून

हिंदी अनुवाद

वही है, जिसने आकाश से जल बरसाया, जिसमें से कुछ तुम पीते हो तथा कुछसे वृक्ष उपजते हैं, जिसमें तुम (पशुओं को) चराते हो।

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يُنبِتُ لَكُم بِهِ الزَّرْعَ وَالزَّيْتُونَ وَالنَّخِيلَ وَالْأَعْنَابَ وَمِن كُلِّ الثَّمَرَاتِ ۗ إِنَّ فِي ذَٰلِكَ لَآيَةً لِّقَوْمٍ يَتَفَكَّرُونَ ﴾ 11 ﴿

Transliteration

युम्बितु लकुम् बिहिज़्ज़र्-अ वज़्ज़ैतू-न वन्नख़ी-ल वल्-अअ्ना-ब व मिन् कुल्लिस्स-मराति, इन्-न फ़ी ज़ालि- क ल-आ-यतल्-लिक़ौमिंय्य तफ़क्करून

हिंदी अनुवाद

और तुम्हारे लिए उससे खेती उपजाता है और ज़ैतून, खजूर, अंगूर और प्रत्येक प्रकार के फल। वास्तव में इस, में एक बड़ी निशानी है, उन लोगों के लिए, जो सोच-विचार करते हैं।

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وَسَخَّرَ لَكُمُ اللَّيْلَ وَالنَّهَارَ وَالشَّمْسَ وَالْقَمَرَ ۖ وَالنُّجُومُ مُسَخَّرَاتٌ بِأَمْرِهِ ۗ إِنَّ فِي ذَٰلِكَ لَآيَاتٍ لِّقَوْمٍ يَعْقِلُونَ ﴾ 12 ﴿

Transliteration

व सख़्ख़-र लकुमुल-लै-ल वन्नहा-र, वश्शम्-स वल्क़-म-र, वन्नुजूमु मुसख़्ख़रातुम्-बिअ्मरिही, इन्-न फ़ी ज़ालि-क लआयातिल्-लिक़ौमिंय्यअ्क़िलून

हिंदी अनुवाद

और उसने तुम्हारे लिए रात्रि तथा दिवस को सेवा में लगा रखा है तथा सूर्य और चाँद को और (हाँ!) सितारे उसके आदेश के अधीन हैं। वास्तव में, इसमें कई निशानियाँ (लक्षण) हैं, उन लोगों के लिए, जो समझ-बूझ रखते हैं।

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وَمَا ذَرَأَ لَكُمْ فِي الْأَرْضِ مُخْتَلِفًا أَلْوَانُهُ ۗ إِنَّ فِي ذَٰلِكَ لَآيَةً لِّقَوْمٍ يَذَّكَّرُونَ ﴾ 13 ﴿

Transliteration

व मा ज़-र अ लकुम् फ़िल्अर्ज़ि मुख़्तलिफ़न् अल्वानुहू, इन्-न फ़ी ज़ालि-क लआ यतल् लिक़ौमिंय्यज़्ज़क्करून

हिंदी अनुवाद

तथा जो तुम्हारे लिए धरती में विभिन्न रंगों की चीजें उत्पन्न की हैं, वास्तव में, इसमें एक बड़ी निशानी लक्षण) है, उन लोगों के लिए, जो शिक्षा ग्रहण करते हैं।

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وَهُوَ الَّذِي سَخَّرَ الْبَحْرَ لِتَأْكُلُوا مِنْهُ لَحْمًا طَرِيًّا وَتَسْتَخْرِجُوا مِنْهُ حِلْيَةً تَلْبَسُونَهَا وَتَرَى الْفُلْكَ مَوَاخِرَ فِيهِ وَلِتَبْتَغُوا مِن فَضْلِهِ وَلَعَلَّكُمْ تَشْكُرُونَ ﴾ 14 ﴿

Transliteration

व हुवल्लज़ी सख़्ख़रल्-बह्-र लितअ्कुलू मिन्हु लह़्मन् तरिय्यंव्-व तस्तख़्रिजू मिन्हु हिल्य-तन् तल्बसूनहा, व तरल्फुल्-क मवाख़ि-र फीहि व लितब्तग़ू मिन् फ़ज़्लिही व लअ़ल्लकुम् तश्कुरून

हिंदी अनुवाद

और वही है, जिसने सागर को वश में कर रखा है, ताकि तुम उससे ताज़ा[1]मांस खाओ और उससे अलंकार[2] निकालो, जिसे पहनते हो तथा तुम नौकाओं को देखते हो कि सागर में (जल को) फाड़ती हुई चलती हैं और इसलिए ताकि तुम उस अल्लाह के अनुग्रह[3] की खोज करो और ताकि कृतज्ञ बनो। 1. अर्थात मछलियाँ। 2. अलंकार अर्थात मोती और मूँगा निकालो। 3. अर्थात सागरों में व्यापारिक यात्रा कर के अपनी जीविका की खोज करो।

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وَأَلْقَىٰ فِي الْأَرْضِ رَوَاسِيَ أَن تَمِيدَ بِكُمْ وَأَنْهَارًا وَسُبُلًا لَّعَلَّكُمْ تَهْتَدُونَ ﴾ 15 ﴿

Transliteration

व अल्क़ा फ़िलअर्ज़ि रवासि-य अन् तमी-द बिकुम् व अन्हारंव्-व सुबुलल्-लअ़ल्लकुम् तह़्तदून

हिंदी अनुवाद

और उसने धरती में पर्वत गाड़ दिये, ताकि तुम्हें लेकर डोलने न लगे तथा नदियाँ और राहें, ताकि तुम राह पाओ।

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وَعَلَامَاتٍ ۚ وَبِالنَّجْمِ هُمْ يَهْتَدُونَ ﴾ 16 ﴿

Transliteration

व अ़लामातिन्, व बिन्नज्मि हुम् यह्-तदून

हिंदी अनुवाद

तथा बहुत-से चिन्ह (बना दिये) और वे सितारों से (भी) राह[1] पाते हैं। 1. अर्थात रात्रि में।

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أَفَمَن يَخْلُقُ كَمَن لَّا يَخْلُقُ ۗ أَفَلَا تَذَكَّرُونَ ﴾ 17 ﴿

Transliteration

अ फ़मंय्यख़्लुक़ु कमल्-ला यख़्लुक़ु, अ फ़ला तज़क्करून

हिंदी अनुवाद

तो क्या, जो उत्पत्ति करता है, उसके समान है, जो उत्पत्ति नहीं करता? क्या तुम शिक्षा ग्रहण नहीं करते[1]? 1. और उस की उत्पत्ति को उस का साझी और पूज्य बनाते हो।

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وَإِن تَعُدُّوا نِعْمَةَ اللَّهِ لَا تُحْصُوهَا ۗ إِنَّ اللَّهَ لَغَفُورٌ رَّحِيمٌ ﴾ 18 ﴿

Transliteration

व इन् तअुद्दू निअ्-मतल्लाहि ला तुह्सूहा, इन्नल्ला-ह ल-ग़फूरुर्रहीम

हिंदी अनुवाद

और यदि तुम अल्लाह के पुरस्कारों की गणना करना चाहो, तो कभी नहीं कर सकते। वास्तव में, अल्लाह बड़ा क्षमा तथा दया करने वाला है।

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وَاللَّهُ يَعْلَمُ مَا تُسِرُّونَ وَمَا تُعْلِنُونَ ﴾ 19 ﴿

Transliteration

वल्लाहु यअ्लमु मा तुसिर्रु-न व मा तुअ्लिनून

हिंदी अनुवाद

तथा अल्लाह जानता है, जो तुम छुपाते हो और जो तुम व्यक्त करते हो।

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وَالَّذِينَ يَدْعُونَ مِن دُونِ اللَّهِ لَا يَخْلُقُونَ شَيْئًا وَهُمْ يُخْلَقُونَ ﴾ 20 ﴿

Transliteration

वल्लज़ी-न यद्अू न मिन् दूनिल्लाहि ला यख़्लुक़ू-न शैअंव्-व हुम् युख़्लक़ून

हिंदी अनुवाद

और जिन्हें वे अल्लाह के सिवा पुकारते हैं, वे किसी चीज़ की उत्पत्ति नहीं कर सकते। जबकि वे स्वयं उत्पन्न किये जाते हैं।

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أَمْوَاتٌ غَيْرُ أَحْيَاءٍ ۖ وَمَا يَشْعُرُونَ أَيَّانَ يُبْعَثُونَ ﴾ 21 ﴿

Transliteration

अम्वातुन ग़ैरू अह़्याइन्, वमा-यश्अुरू-न, अय्या-न युब्अ़सून *

हिंदी अनुवाद

वे निर्जीव प्राणहीन हैं और (ये भी) नहीं जानते कि कब पुनः जीवित किये जायेंगे।

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إِلَٰهُكُمْ إِلَٰهٌ وَاحِدٌ ۚ فَالَّذِينَ لَا يُؤْمِنُونَ بِالْآخِرَةِ قُلُوبُهُم مُّنكِرَةٌ وَهُم مُّسْتَكْبِرُونَ ﴾ 22 ﴿

Transliteration

इलाहुकुम् इलाहुंव्वाहिदुन्, फ़ल्लज़ी-न ला युअ्मिनू-न बिल्आख़िरति क़ुलूबुहुम् मुन्कि-रतुंव्-व हुम् मुस्तक्बिरून

हिंदी अनुवाद

तुम्हारा पूज्य बस एक है, फिर जो लोग परलोक पर ईमान नहीं लाते, उनके दिल निवर्ती (विरोधी) हैं और वे अभिमानी हैं।

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لَا جَرَمَ أَنَّ اللَّهَ يَعْلَمُ مَا يُسِرُّونَ وَمَا يُعْلِنُونَ ۚ إِنَّهُ لَا يُحِبُّ الْمُسْتَكْبِرِينَ ﴾ 23 ﴿

Transliteration

ला ज-र-म अन्नल्ला-ह यअ्लमु मा युसिर्रु-न व मा युअ्लिनू-न, इन्नहू ला युहिब्बुल-मुस्तक्बिरीन

हिंदी अनुवाद

जो कुछ वे छुपाते तथा व्यक्त करते हैं, निश्चय अल्लाह उसे जानता है। वास्तव में, वह अभिमानियों से प्रेम नहीं करता।

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وَإِذَا قِيلَ لَهُم مَّاذَا أَنزَلَ رَبُّكُمْ ۙ قَالُوا أَسَاطِيرُ الْأَوَّلِينَ ﴾ 24 ﴿

Transliteration

व इज़ा क़ी-ल लहुम् माज़ा अन्ज़-ल रब्बुकुम्, क़ालू असातीरूल्- अव्वलीन

हिंदी अनुवाद

और जब उनसे पूछा जाये कि तुम्हारे पालनहार ने क्या उतारा है[1]? तो कहते हैं कि पूर्वजों की कल्पित कथाएँ हैं। 1. अर्थात मुह़म्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम पर। तो यह जानते हुये कि अल्लाह ने क़ुर्आन उतारा है, झूठ बोलते हैं और स्वयं को तथा दूसरों को धोखा देते हैं।

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لِيَحْمِلُوا أَوْزَارَهُمْ كَامِلَةً يَوْمَ الْقِيَامَةِ ۙ وَمِنْ أَوْزَارِ الَّذِينَ يُضِلُّونَهُم بِغَيْرِ عِلْمٍ ۗ أَلَا سَاءَ مَا يَزِرُونَ ﴾ 25 ﴿

Transliteration

लियह़्मिलू औज़ारहुम् कामि-लतंय्-यौमल-क़ियामति, व मिन् औज़ारिल्लज़ी-न युज़िल्लू-नहुम् बिग़ैरि अिल्मिन्, अला सा-अ मा यज़िरून *

हिंदी अनुवाद

ताकि वे अपने (पापों का) पूरा बोझ प्रलय के दिन उठायें तथा कुछ उन लोगों का बोझ (भी), जिन्हें बिना ज्ञान के कुपथ कर रहे थे, सावधान! वे कितना बुरा बोझ उठायेंगे!

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قَدْ مَكَرَ الَّذِينَ مِن قَبْلِهِمْ فَأَتَى اللَّهُ بُنْيَانَهُم مِّنَ الْقَوَاعِدِ فَخَرَّ عَلَيْهِمُ السَّقْفُ مِن فَوْقِهِمْ وَأَتَاهُمُ الْعَذَابُ مِنْ حَيْثُ لَا يَشْعُرُونَ ﴾ 26 ﴿

Transliteration

क़द् म-करल्लज़ी-न मिन् क़ब्लिहिम् फ़-अतल्लाहु बुन्या-नहुम् मिनल्-क़वाअिदि फ़-ख़र्-र अ़लैहिमुस्सक़्फु मिन् फ़ौक़िहिम् व अताहुमुल्-अ़ज़ाबु मिन् हैसु ला यश्अुरून

हिंदी अनुवाद

इनसे पहले के लोग भी षड्यंत्र रचते रहे, तो अल्लाह ने उनके षड्यंत्र के भवन का उनमूलन कर दिया, फिर ऊपर से उनपर छत गिर पड़ी और उनपर ऐसी दिशा से यातना आ गई, जिसे वे सोच भी नहीं रहे थे।

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ثُمَّ يَوْمَ الْقِيَامَةِ يُخْزِيهِمْ وَيَقُولُ أَيْنَ شُرَكَائِيَ الَّذِينَ كُنتُمْ تُشَاقُّونَ فِيهِمْ ۚ قَالَ الَّذِينَ أُوتُوا الْعِلْمَ إِنَّ الْخِزْيَ الْيَوْمَ وَالسُّوءَ عَلَى الْكَافِرِينَ ﴾ 27 ﴿

Transliteration

सुम्-म यौमल क़ियामति युख़्ज़ीहिम् व यक़ूलु ऐ-न शु-रकाइ-यल्लज़ी-न कुन्तुम् तुशाक़्क़ू-न फ़ीहिम्, क़ालल्लज़ी-न ऊतुल-अिल्-म इन्नल् ख़िज़्यल् यौ-म वस्सू-अ अ़लल्-काफ़िरीन

हिंदी अनुवाद

फिर प्रलय के दिन उन्हें अपमानित करेगा और कहेगा कि मेरे वह साझी कहाँ हैं, जिनके लिए तुम झगड़ रहे थे? वे कहेंगेः जिन्हें ज्ञान दिया गया है कि वास्तव में, आज अपमान तथा बुराई (यातना) काफ़िरों के लिए है।

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الَّذِينَ تَتَوَفَّاهُمُ الْمَلَائِكَةُ ظَالِمِي أَنفُسِهِمْ ۖ فَأَلْقَوُا السَّلَمَ مَا كُنَّا نَعْمَلُ مِن سُوءٍ ۚ بَلَىٰ إِنَّ اللَّهَ عَلِيمٌ بِمَا كُنتُمْ تَعْمَلُونَ ﴾ 28 ﴿

Transliteration

अल्लज़ी-न त तवफ़्फ़ाहुमुल् मलाइ-कतु ज़ालिमी अन्फुसिहिम्, फ़-अल्क़वुस्स-ल-म मा कुन्ना नअ्-मलु मिन् सूइन्, बला इन्नल्ला-ह अ़लीमुम्-बिमा कुन्तुम् तअ्मलून

हिंदी अनुवाद

जिनके प्राण फ़रिश्ते निकालते हैं, इस दशा में कि वे अपने ऊपर अत्याचार करने वाले हैं, तो वे आज्ञाकारी बन जाते[1] हैं, (कहते हैं कि) हम कोई बुराई (शिर्क) नहीं कर रहे थे। क्यों नहीं? वास्तव में, अल्लाह तुम्हारे कर्मों से भली-भाँति अवगत है। 1. अर्थात मरण का समय अल्लाह को मान लेते हैं।

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فَادْخُلُوا أَبْوَابَ جَهَنَّمَ خَالِدِينَ فِيهَا ۖ فَلَبِئْسَ مَثْوَى الْمُتَكَبِّرِينَ ﴾ 29 ﴿

Transliteration

फ़द्ख़ुलू अब्वा-ब जहन्न-म ख़ालिदी-न फ़ीहा, फ़ लबिअ्-स मस्वल् मु-तकब्बिरीन

हिंदी अनुवाद

तो नरक के द्वारों में प्रवेश कर जाओ, उसमें सदावासी रहोगे, अतः क्या ही बुरा है अभिमानों का निवास स्थान!

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وَقِيلَ لِلَّذِينَ اتَّقَوْا مَاذَا أَنزَلَ رَبُّكُمْ ۚ قَالُوا خَيْرًا ۗ لِّلَّذِينَ أَحْسَنُوا فِي هَٰذِهِ الدُّنْيَا حَسَنَةٌ ۚ وَلَدَارُ الْآخِرَةِ خَيْرٌ ۚ وَلَنِعْمَ دَارُ الْمُتَّقِينَ ﴾ 30 ﴿

Transliteration

व क़ी-ल लिल्लज़ीनत्तक़ौ माज़ा-अन्ज़-ल रब्बुकुम, क़ालू ख़ैरन्, लिल्लज़ी-न अह़्सनू फ़ी हाज़िहिद्दुन्या ह-स-नतुन्, व लदारूल् आख़िरति ख़ैरून्, व लनिअ्-म दारूल्-मुत्तक़ीन

हिंदी अनुवाद

और उनसे पूछा गया, जो अपने पालनहार से डरे कि तुम्हारे पालनहार ने क्या उतारा है? तो उन्होंने कहाः अच्छी चीज़ उतारी है। उनके लिए जिन्होंने इस लोक में सदाचार किये, बड़ी भलाई है और वास्तव में, परलोक का घर (स्वर्ग) अति उत्तम है और आज्ञाकारियों का आवास कितना अच्छा है!

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جَنَّاتُ عَدْنٍ يَدْخُلُونَهَا تَجْرِي مِن تَحْتِهَا الْأَنْهَارُ ۖ لَهُمْ فِيهَا مَا يَشَاءُونَ ۚ كَذَٰلِكَ يَجْزِي اللَّهُ الْمُتَّقِينَ ﴾ 31 ﴿

Transliteration

जन्नातु अद्-निंय्यद्ख़ुलूनहा तज्री मिन् तह़्तिहल् – अन्हारू लहुम् फ़ीहा मा यशाऊ-न, कज़ालि-क यज्ज़िल्लाहुल मुत्तक़ीन

हिंदी अनुवाद

सदा रहने के स्वर्ग जिसमें प्रवेश करेंगे, जिनमें नहरें बहती होंगी, उनके लिए उसमें जो चाहेंगे (मिलेगा)। इसी प्रकार, अल्लाह आज्ञाकारियों को प्रतिफल (बदला) देता है।

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الَّذِينَ تَتَوَفَّاهُمُ الْمَلَائِكَةُ طَيِّبِينَ ۙ يَقُولُونَ سَلَامٌ عَلَيْكُمُ ادْخُلُوا الْجَنَّةَ بِمَا كُنتُمْ تَعْمَلُونَ ﴾ 32 ﴿

Transliteration

अल्लज़ी-न त-तवफ़्फ़ाहुमुल् मलाइ कतु तय्यिबी-न यक़ूलू न सलामुन् अ़लैकुमुद्ख़ुलुल्-जन्न-त बिमा कुन्तुम् तअ्मलून

हिंदी अनुवाद

जिनके प्राण फ़रिश्ते इस दशा में निकालते हैं कि वे स्वच्छ-पवित्र हैं, तो कहते हैं: "तुमपर शान्ति हो।" तुम अपने सुकर्मों के बदले स्वर्ग में प्रवेश कर जाओ।

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هَلْ يَنظُرُونَ إِلَّا أَن تَأْتِيَهُمُ الْمَلَائِكَةُ أَوْ يَأْتِيَ أَمْرُ رَبِّكَ ۚ كَذَٰلِكَ فَعَلَ الَّذِينَ مِن قَبْلِهِمْ ۚ وَمَا ظَلَمَهُمُ اللَّهُ وَلَٰكِن كَانُوا أَنفُسَهُمْ يَظْلِمُونَ ﴾ 33 ﴿

Transliteration

हल् यन्ज़ुरू-न इल्ला अन् तअ्ति-यहुमुल्-मलाइ-कतु औ यअ्ति-य अम्रू रब्बु-क, कज़ालि-क फ़-अ़लल्लज़ी-न मिन् क़ब्लिहिम्, व मा ज़-ल-महुमुल्लाहु व लाकिन् कानू अन्फु-सहुम् यज़्लिमून

हिंदी अनुवाद

क्या वे इसकी प्रतीक्षा कर रहे हैं कि उनके पास फ़रिश्ते[1] आ जायें अथवा आपके पालनहार का आदेश[2]आ पहुँचे? ऐसे ही, उनसे पूर्व के लोगों ने किया और अल्लाह ने उनपर अत्याचार नहीं किया, परन्तु वे स्वयं अपने ऊपर अत्याचार कर रहे थे। 1. अर्थात प्राण निकालने के लिये। 2. अर्थात अल्लाह की यातना या प्रलय।

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فَأَصَابَهُمْ سَيِّئَاتُ مَا عَمِلُوا وَحَاقَ بِهِم مَّا كَانُوا بِهِ يَسْتَهْزِئُونَ ﴾ 34 ﴿

Transliteration

फ़-असाबहुम् सय्यिआतु मा अ़मिलू व हा-क़ बिहिम् मा कानू बिही यस्तह्ज़िऊन *

हिंदी अनुवाद

तो उनके कुकर्मों की बुराईयाँ[1] उनपर आ पड़ीं और उन्हें उसी (यातना) ने घेर लिया, जिसका वे परिहास कर रहे थे।

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وَقَالَ الَّذِينَ أَشْرَكُوا لَوْ شَاءَ اللَّهُ مَا عَبَدْنَا مِن دُونِهِ مِن شَيْءٍ نَّحْنُ وَلَا آبَاؤُنَا وَلَا حَرَّمْنَا مِن دُونِهِ مِن شَيْءٍ ۚ كَذَٰلِكَ فَعَلَ الَّذِينَ مِن قَبْلِهِمْ ۚ فَهَلْ عَلَى الرُّسُلِ إِلَّا الْبَلَاغُ الْمُبِينُ ﴾ 35 ﴿

Transliteration

व क़ालल्लज़ी-न अश्रकू लौ शाअल्लाहु मा अ़बद्-ना मिन् दूनिही मिन् शैइन् नह़्नू व ला आबाउना व ला हर्रम्-ना मिन् दूनिही मिन् शैइन्, कज़ालि-क फ़-अ़लल्लज़ी-न मिन् क़ब्लिहिम् फ़-हल् अ़लर्रूसुलि इल्लल् बलाग़ुल-मुबीन

हिंदी अनुवाद

और कहा, जिन लोगों ने शिर्क (मिश्रणवाद) कियाः यदि अल्लाह चाहता, तो हम उसके सिवा किसी चीज़ की इबादत (वंदना) न करते, न हम और न हमारे बाप-दादा और न उसके आदेश के बिना किसी चीज़ को ह़राम (वर्जित) करते। ऐसे ही, इनसे पूर्व वाले लोगों ने किया। तो रसूलों पर केवल खुले रूप से उपदेश पहुँचा देना है।

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وَلَقَدْ بَعَثْنَا فِي كُلِّ أُمَّةٍ رَّسُولًا أَنِ اعْبُدُوا اللَّهَ وَاجْتَنِبُوا الطَّاغُوتَ ۖ فَمِنْهُم مَّنْ هَدَى اللَّهُ وَمِنْهُم مَّنْ حَقَّتْ عَلَيْهِ الضَّلَالَةُ ۚ فَسِيرُوا فِي الْأَرْضِ فَانظُرُوا كَيْفَ كَانَ عَاقِبَةُ الْمُكَذِّبِينَ ﴾ 36 ﴿

Transliteration

व ल-क़द् बअ़स्-ना फ़ी कुल्लि उम्मतिर्रसूलन् अनिअ्बुदुल्ला-ह वज्तनिबुत्ताग़ू-त, फ़मिन्हुम् मन् हदल्लाहु व मिन्हुम् मन् हक़्क़त् अ़लैहिज़्ज़लालतु, फ़सीरू फ़िल्अर्ज़ि फ़न्ज़ुरू कै-फ़ का-न आक़ि-बतुल्-मुकज़्ज़िबीन

हिंदी अनुवाद

और हमने प्रत्येक समुदाय में एक रसूल भेजा कि अल्लाह की इबादत (वंदना) करो और ताग़ूत (असुर- अल्लाह के सिवा पूज्यों) से बचो, तो उनमें से कुछ को, अल्लाह ने सुपथ दिखा दिया और कुछ पर कुपथ सिध्द हो गया। तो धरती में चलो-फिरो, फिर देखो कि झुठलाने वालों का अन्त कैसा रहा?

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إِن تَحْرِصْ عَلَىٰ هُدَاهُمْ فَإِنَّ اللَّهَ لَا يَهْدِي مَن يُضِلُّ ۖ وَمَا لَهُم مِّن نَّاصِرِينَ ﴾ 37 ﴿

Transliteration

इन तह्-रिस् अ़ला हुदाहुम् फ़-इन्नल्ला-ह ला यह्दी मंय्युज़िल्लु व मा लहुम् मिन्-नासिरीन

हिंदी अनुवाद

(हे नबी!) आप ऐसे लोगों को सुपथ दिखाने पर लोलुप हों, तो भी अल्लाह उसे सुपथ नहीं दिखायेगा, जिसे कुपथ कर दे और न उनका कोई सहायक होगा।

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وَأَقْسَمُوا بِاللَّهِ جَهْدَ أَيْمَانِهِمْ ۙ لَا يَبْعَثُ اللَّهُ مَن يَمُوتُ ۚ بَلَىٰ وَعْدًا عَلَيْهِ حَقًّا وَلَٰكِنَّ أَكْثَرَ النَّاسِ لَا يَعْلَمُونَ ﴾ 38 ﴿

Transliteration

व अक़्समू बिल्लाहि जह्-द ऐमानिहिम्, ला यब्अ़सुल्लाहु मंय्यमूतु, बला वअ्दन् अ़लैहि हक़्क़ंव्-व लाकिन्-न अक्सरन्नासि ला यअ्लमून

हिंदी अनुवाद

और उन (काफ़िरों) ने अल्लाह की भरपूर शपथ ली कि अल्लाह उसे पुनः जीवित नहीं करेगा, जो मर जाता है। क्यों नहीं? ये तो अल्लाह का अपने ऊपर सत्य वचन है, परन्तु अधिक्तर लोग नहीं जानते।

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لِيُبَيِّنَ لَهُمُ الَّذِي يَخْتَلِفُونَ فِيهِ وَلِيَعْلَمَ الَّذِينَ كَفَرُوا أَنَّهُمْ كَانُوا كَاذِبِينَ ﴾ 39 ﴿

Transliteration

लियुबय्यि न लहुमुल्लज़ी यख़्तलिफू-न फ़ीहि व लियअ्-लमल्लज़ी-न क-फरू अन्नहुम् कानू काज़िबीन

हिंदी अनुवाद

(ऐसा करना इसलिए आवश्यक है) ताकि अल्लाह उस तथ्य को उजागर कर दे, जिसमें[1] वे विभेद कर रहे थे और ताकि काफ़िर जान लें कि वही झूठे थे। 1. अर्थात पुनरोज्जीन आदि के विषय में।

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إِنَّمَا قَوْلُنَا لِشَيْءٍ إِذَا أَرَدْنَاهُ أَن نَّقُولَ لَهُ كُن فَيَكُونُ ﴾ 40 ﴿

Transliteration

इन्नमा क़ौलुना लिशैइन् इज़ा अरद्-ना हु अन्-नक़ू-ल लहू कुन् फ़-यकून *

हिंदी अनुवाद

हमारा कथन, जब हम किसी चीज़ को अस्तित्व प्रदान करने का निश्चय करें, तो इसके सिवा कुछ नहीं होता कि उसे आदेश दें कि "हो जा" और वह हो जाती है।

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وَالَّذِينَ هَاجَرُوا فِي اللَّهِ مِن بَعْدِ مَا ظُلِمُوا لَنُبَوِّئَنَّهُمْ فِي الدُّنْيَا حَسَنَةً ۖ وَلَأَجْرُ الْآخِرَةِ أَكْبَرُ ۚ لَوْ كَانُوا يَعْلَمُونَ ﴾ 41 ﴿

Transliteration

वल्लज़ी-न हाजरू फ़िल्लाहि मिम्-बअ्दि मा ज़ुलिमू लनुबव्विअन्नहुम् फ़िद्दुन्या ह-स-नतन्, व लअज्रुल-आख़िरति अक्बरू • लौ कानू यअ्लमून

हिंदी अनुवाद

तथा जो लोग अल्लाह के लिए हिजरत (प्रस्थान) कर गये, अत्याचार सहने के पश्चात्, तो हम उन्हें संसार में अच्छा निवास्-स्थान देंगे और परलोक का प्रतिफल तो बहुत बड़ा है, यदि वे[1] जानते। 1. इन से अभिप्रेत नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के वह अनुयायी हैं, जिन को मक्का के मुश्रिकों ने अत्याचार कर के निकाल दिया। और ह़ब्शा और फिर मदीना हिजरत कर गये।

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الَّذِينَ صَبَرُوا وَعَلَىٰ رَبِّهِمْ يَتَوَكَّلُونَ ﴾ 42 ﴿

Transliteration

अल्लज़ी-न स-बरू व अ़ला रब्बिहिम् य-तवक्कलून

हिंदी अनुवाद

जिन लोगों ने धैर्य धारण किया तथा अपने पालनहार पर ही वे भरोसा करते हैं।

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وَمَا أَرْسَلْنَا مِن قَبْلِكَ إِلَّا رِجَالًا نُّوحِي إِلَيْهِمْ ۚ فَاسْأَلُوا أَهْلَ الذِّكْرِ إِن كُنتُمْ لَا تَعْلَمُونَ ﴾ 43 ﴿

Transliteration

व मा अर्सल्ना मिन् क़ब्लि-क इल्ला रिजालन् नूही इलैहिम् फस्अलू अह् लज़्ज़िक्-रि इन कुन्तुम् ला तअ्लमून

हिंदी अनुवाद

और (हे नबी!) हमने आपसे पहले जो भी रसूल भेजे, वे सभी मानव-पुरुष थे। जिनकी ओर हम वह़्यी (प्रकाशना) करते रहे। तो तुम ज्ञानियों से पूछ लो, यदि (स्वयं) नहीं[1]जानते। 1. मक्का के मुश्रिकों ने कहा कि यदि अल्लाह को कोई रसूल भेजना होता तो किसी फ़रिश्ते को भेजता। उसी पर यह आयत उतरी। ज्ञानियों से अभिप्राय वह अह्ले किताब हैं जिन्हें आकाशीय पुस्तकों का ज्ञान हो।

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بِالْبَيِّنَاتِ وَالزُّبُرِ ۗ وَأَنزَلْنَا إِلَيْكَ الذِّكْرَ لِتُبَيِّنَ لِلنَّاسِ مَا نُزِّلَ إِلَيْهِمْ وَلَعَلَّهُمْ يَتَفَكَّرُونَ ﴾ 44 ﴿

Transliteration

बिल्-बय्यिनाति वज़्ज़ुबुरि, व अन्ज़ल्ना इलैकज़्ज़िक्र लितुबय्यि-न लिन्नासि मा नुज़्ज़ि-ल इलैहिम् व लअ़ल्लहुम् य तफ़क्करून •

हिंदी अनुवाद

प्रत्यक्ष (खुले) प्रमाणों तथा पुस्तकों के साथ (उन्हें भेजा) और आपकी ओर ये शिक्षा (क़ुर्आन) अवतरित की, ताकि आप उसे सर्वमानव के लिए उजागर कर दें, जो कुछ उनकी ओर उतारा गया है, ताकि वे सोच-विचार करें।

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أَفَأَمِنَ الَّذِينَ مَكَرُوا السَّيِّئَاتِ أَن يَخْسِفَ اللَّهُ بِهِمُ الْأَرْضَ أَوْ يَأْتِيَهُمُ الْعَذَابُ مِنْ حَيْثُ لَا يَشْعُرُونَ ﴾ 45 ﴿

Transliteration

अ-फ-अमिनल्लज़ी-न म-करूस्सय्यिआति अंय्यख़्सिफ़ल्लाहु बिहिमुल-अर्-ज़ औ यअ्ति-यहुमुल्-अ़ज़ाबु मिन हैसु ला यश्अुरून

हिंदी अनुवाद

तो क्या वे निर्भय हो गये हैं, जिन्होंने बुरे षड्यंत्र रचे हैं कि अल्लाह उन्हें धरती में धंसा दे? अथवा उनपर यातना ऐसी दिशा से आ जाये, जिसे वे सोचते भी न हों?

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أَوْ يَأْخُذَهُمْ فِي تَقَلُّبِهِمْ فَمَا هُم بِمُعْجِزِينَ ﴾ 46 ﴿

Transliteration

औ यअ्ख़ु-ज़हुम् फी तक़ल्लुबिहिम् फ़मा हुम् बिमुअ्जिज़ीन

हिंदी अनुवाद

या उन्हें चलते-फिरते पकड़ ले, तो वे (अल्लाह को) विवश करने वाले नहीं हैं।

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أَوْ يَأْخُذَهُمْ عَلَىٰ تَخَوُّفٍ فَإِنَّ رَبَّكُمْ لَرَءُوفٌ رَّحِيمٌ ﴾ 47 ﴿

Transliteration

औ यअ्ख़ु-ज़हुम् अला तख़व्वुफ़िन्, फ़-इन्-न रब्बकुम् ल-रऊफुर्रहीम

हिंदी अनुवाद

अथवा उन्हें भय की दशा में पकड़[1] ले? निश्चय तुम्हारा पालनहार अति करुणामय दयावान् है। 1. अर्थात जब कि पहले से उन्हें आपदा का भय हो।

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أَوَلَمْ يَرَوْا إِلَىٰ مَا خَلَقَ اللَّهُ مِن شَيْءٍ يَتَفَيَّأُ ظِلَالُهُ عَنِ الْيَمِينِ وَالشَّمَائِلِ سُجَّدًا لِّلَّهِ وَهُمْ دَاخِرُونَ ﴾ 48 ﴿

Transliteration

अ-व लम् यरौ इला मा ख़-लक़ल्लाहु मिन् शैइंय्-य तफ़य्यउ ज़िलालुहू अ़निल्-यमीनि वश्शमाइलि सुज्जदल्-लिल्लाहि व हुम् दाख़िरून

हिंदी अनुवाद

क्या अल्लाह की उत्पन्न की हुई किसी चीज़ को उन्होंने नहीं देखा? जिसकी छाया दायें तथा बायें झुकती है, अल्लाह को सज्दा करते हुए? और वे सर्व विनयशील हैं।

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وَلِلَّهِ يَسْجُدُ مَا فِي السَّمَاوَاتِ وَمَا فِي الْأَرْضِ مِن دَابَّةٍ وَالْمَلَائِكَةُ وَهُمْ لَا يَسْتَكْبِرُونَ ﴾ 49 ﴿

Transliteration

व लिल्लाहि यस्जुदू मा फ़िस्समावाति व मा फिल्अर्ज़ि मिन् दाब्बतिंव्-वल्-मलाइ-कतु व हुम् ला यस्तक्बिरून

हिंदी अनुवाद

तथा अल्लाह ही को सज्दा करते हैं, जो आकाशों में तथा धरती में चर (जीव) तथा फ़रिश्ते हैं और वे अहंकार नहीं करते।

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يَخَافُونَ رَبَّهُم مِّن فَوْقِهِمْ وَيَفْعَلُونَ مَا يُؤْمَرُونَ ۩ ﴾ 50 ﴿

Transliteration

यख़ाफू-न रब्बहुम् मिन् फौक़िहिम् व यफ्अलू-न मा युअ्मरून *सज़्दा*

हिंदी अनुवाद

वे[1] अपने पालनहार से डरते हैं, जो उनके ऊपर है और वही करते हैं, जो आदेश दिये जाते हैं। 1. अर्थात फ़रिश्ते।

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وَقَالَ اللَّهُ لَا تَتَّخِذُوا إِلَٰهَيْنِ اثْنَيْنِ ۖ إِنَّمَا هُوَ إِلَٰهٌ وَاحِدٌ ۖ فَإِيَّايَ فَارْهَبُونِ ﴾ 51 ﴿

Transliteration

व क़ालल्लाहु ला तत्तख़िज़ू इलाहैनिस्-नैनि, इन्नमा हु-व इलाहुंव्-वाहिदुन, फ़-इय्या-य फ़र्हबून

हिंदी अनुवाद

और अल्लाह ने कहाः दो पूज्य न बनाओ, वही अकेला पूज्य है। अतः तुम मुझी से डरो।

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وَلَهُ مَا فِي السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضِ وَلَهُ الدِّينُ وَاصِبًا ۚ أَفَغَيْرَ اللَّهِ تَتَّقُونَ ﴾ 52 ﴿

Transliteration

व लहू मा फ़िस्समावाति वलअर्ज़ि व लहुद्दीनु वासिबन् अ-फ़ग़ैरल्लाहि तत्तक़ून

हिंदी अनुवाद

और उसी का है, जो कुछ आकाशों तथा धरती में है और उसी की वंदना स्थायी है, तो क्या तुम अल्लाह के सिवा दूसरे से डरते हो?

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وَمَا بِكُم مِّن نِّعْمَةٍ فَمِنَ اللَّهِ ۖ ثُمَّ إِذَا مَسَّكُمُ الضُّرُّ فَإِلَيْهِ تَجْأَرُونَ ﴾ 53 ﴿

Transliteration

व मा बिकुम् मिन् निअ्मतिन् फमिनल्लाहि सुम्-म इज़ा मस्सकुमुज़्-ज़ुर्रू फ़-इलैहि तज् अरून

हिंदी अनुवाद

तुम्हें, जोभी सुख-सुविधा प्राप्त है, वह अल्लाह ही की ओर से है। फिर जब तुम्हें दुःख पहुँचता है, तो उसी को पुकारते हो।

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ثُمَّ إِذَا كَشَفَ الضُّرَّ عَنكُمْ إِذَا فَرِيقٌ مِّنكُم بِرَبِّهِمْ يُشْرِكُونَ ﴾ 54 ﴿

Transliteration

सुम्-म इज़ा क-शफ़ज़्ज़ुर्-र अन्कुम् इज़ा फ़रीक़ुम्-मिन्कुम् बिरब्बिहिम् युश्रिकून

हिंदी अनुवाद

फिर जब तुमसे दुःख दूर कर देता है, तो तुम्हारा एक समुदाय अपने पालनहार का साझी बनाने लगता है।

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لِيَكْفُرُوا بِمَا آتَيْنَاهُمْ ۚ فَتَمَتَّعُوا ۖ فَسَوْفَ تَعْلَمُونَ ﴾ 55 ﴿

Transliteration

लियक्फुरु बिमा आतैनाहुम्, फ़-तमत्तअू, फ़सौ-फ़ तअ्लमून

हिंदी अनुवाद

ताकि हमने उन्हें, जो कुछ प्रदान किया है, उसके प्रति कृतघ्न हों, तो आनन्द ले लो, तुम्हें शीघ्र ही ज्ञान हो जायेगा।

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وَيَجْعَلُونَ لِمَا لَا يَعْلَمُونَ نَصِيبًا مِّمَّا رَزَقْنَاهُمْ ۗ تَاللَّهِ لَتُسْأَلُنَّ عَمَّا كُنتُمْ تَفْتَرُونَ ﴾ 56 ﴿

Transliteration

व यज्अलू-न लिमा ला यअ्लमू-न नसीबम् मिम्मा रज़क़्नाहुम्, तल्लाहि लतुस् अलुन्-न अ़म्मा कुन्तुम् तफ़्तरून

हिंदी अनुवाद

और वे जिन्हें जानते[1] तक नहीं, उनका एक भाग, उसमें से बनाते हैं, जो जीविका हमने उन्हें दी है। तो अल्लाह की शपथ! तुमसे अवश्य पूछा जायेगा, उसके विषय में, जो तुम झूठी बातें बना रहे थे? 1. अर्थात अपने देवी-देवताओं की वास्तविक्ता को नहीं जानते।

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وَيَجْعَلُونَ لِلَّهِ الْبَنَاتِ سُبْحَانَهُ ۙ وَلَهُم مَّا يَشْتَهُونَ ﴾ 57 ﴿

Transliteration

व यज्अ़लू-न लिल्लाहिल्-बनाति सुब्हानहू, व लहुम् मा यश्तहून

हिंदी अनुवाद

और वे अल्लाह के लिए पुत्रियाँ बनाते[1] हैं, वह पवित्र है! और उनके लिए वह है, जो वे स्वयं चाहते हों? 1. अरब के मुश्रिकों के पूज्यों में देवताओं से अधिक देवियाँ थीं। जिन के संबन्ध में उन का विचार था कि यह अल्लाह की पुत्रियाँ हैं। इसी प्रकार फ़रिश्तों को भी वे अल्लाह की पुत्रियाँ कहते थे, जिस का यहाँ खण्डन किया गया है। 2. अर्थात पुत्र।

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وَإِذَا بُشِّرَ أَحَدُهُم بِالْأُنثَىٰ ظَلَّ وَجْهُهُ مُسْوَدًّا وَهُوَ كَظِيمٌ ﴾ 58 ﴿

Transliteration

व इज़ा बुश्शि-र अ-हदुहुम् बिल्उन्सा ज़ल्-ल वज्हुहू मुस्वद्दंव्-व हु-व कज़ीम

हिंदी अनुवाद

और जब उनमें से किसी को पुत्री (के जन्म) की शुभसूचना दी जाये, तो उसका मुख काला हो जाता है और वह शोकपूर्ण हो जाता है।

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‏ يَتَوَارَىٰ مِنَ الْقَوْمِ مِن سُوءِ مَا بُشِّرَ بِهِ ۚ أَيُمْسِكُهُ عَلَىٰ هُونٍ أَمْ يَدُسُّهُ فِي التُّرَابِ ۗ أَلَا سَاءَ مَا يَحْكُمُونَ ﴾ 59 ﴿

Transliteration

य-तवारा मिनल्-क़ौमि मिन् सू-इ मा बुश्शि-र बिही, अयुम्सिकुहू अला हूनिन् अम् यदुस्सुहू फित्तुराबि, अला सा-अ मा यह्कुमून

हिंदी अनुवाद

और लोगों से छुपा फिरता है, उस बुरी सूचना के कारण, जो उसे दी गयी है। (सोचता है कि) क्या[1] उसे अपमान के साथ रोक ले अथवा भूमि में गाड़ दे? देखो! वे कितना बुरा निर्णय करते हैं। 1. अर्थात जीवित रहने दे। इस्लाम से पूर्व अरब समाज के कुछ क़बीलों में पुत्रियों के जन्म को लज्जा की चीज़ समझा जाता था। जिस का चित्रण इस आयत में किया गया है।

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لِلَّذِينَ لَا يُؤْمِنُونَ بِالْآخِرَةِ مَثَلُ السَّوْءِ ۖ وَلِلَّهِ الْمَثَلُ الْأَعْلَىٰ ۚ وَهُوَ الْعَزِيزُ الْحَكِيمُ ﴾ 60 ﴿

Transliteration

लिल्लज़ी-न ला युअ्मिनू-न बिल्आख़िरति म- सलुस्सौइ, व लिल्लाहिल् म-सलुल्-अअ्ला, व हुवल् अ़ज़ीज़ुल हकीम *

हिंदी अनुवाद

उन्हीं के लिए जो आख़िरत (परलोक) पर ईमान नहीं रखते अपगुण है और अल्लाह के लिए सदगुण हैं तथा वह प्रभुत्वशाली, तत्वदर्शी है।

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وَلَوْ يُؤَاخِذُ اللَّهُ النَّاسَ بِظُلْمِهِم مَّا تَرَكَ عَلَيْهَا مِن دَابَّةٍ وَلَٰكِن يُؤَخِّرُهُمْ إِلَىٰ أَجَلٍ مُّسَمًّى ۖ فَإِذَا جَاءَ أَجَلُهُمْ لَا يَسْتَأْخِرُونَ سَاعَةً ۖ وَلَا يَسْتَقْدِمُونَ ﴾ 61 ﴿

Transliteration

व लौ युआख़िज़ुल्लाहुन्ना-स बिज़ुल्मिहिम् मा त-र-क अ़लैहा मिन् दाब्बतिंव्-व लाकिंय्युअख़्ख़िरूहुम् इला अ-जलिम् मुसम्मन्, फ़-इज़ा जा-अ अ-जलुहुम् ला यस्तअ्ख़िरू-न सा-अतंव्-व ला यस्तक़्दिमून

हिंदी अनुवाद

और यदि अल्लाह, लोगों को उनके अत्याचार[1] पर (तत्क्षण) धरने लगे, तो धरती में किसी जीव को न छोड़े। परन्तु वह एक निर्धारित अवधि तक निलम्बित करता[2]है और जब उनकी अवधि आ जायेगी, तो एक क्षण न पीछे होंगे, न पहले। 1. अर्थात शिर्क और पापाचारों पर। 2. अर्थात अवसर देता है।

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وَيَجْعَلُونَ لِلَّهِ مَا يَكْرَهُونَ وَتَصِفُ أَلْسِنَتُهُمُ الْكَذِبَ أَنَّ لَهُمُ الْحُسْنَىٰ ۖ لَا جَرَمَ أَنَّ لَهُمُ النَّارَ وَأَنَّهُم مُّفْرَطُونَ ﴾ 62 ﴿

Transliteration

व यज्अ़लू-न लिल्लाहि मा यक्रहू-न व तसिफु अल्सिनतुहुमुल्-कज़िब अन्न लहुमुल्-हुस्-ना, ला ज-र-म अन्-न लहुमुन्ना-र व अन्नहुम् मुफ्-रतून

हिंदी अनुवाद

वह अल्लाह के लिए उसे[1] बनाते हैं, जिसे स्वयं अप्रिय समझते हैं तथा उनकी ज़ुबानें झूठ बोलती हैं कि उन्हीं के लिए भलाई है। निश्चय उन्हीं के लिए नरक है और वही सबसे पहले (नरक में) झोंके जायेंगे। 1. अर्थात पुत्रियाँ।

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تَاللَّهِ لَقَدْ أَرْسَلْنَا إِلَىٰ أُمَمٍ مِّن قَبْلِكَ فَزَيَّنَ لَهُمُ الشَّيْطَانُ أَعْمَالَهُمْ فَهُوَ وَلِيُّهُمُ الْيَوْمَ وَلَهُمْ عَذَابٌ أَلِيمٌ ﴾ 63 ﴿

Transliteration

तल्लाहि ल-क़द् अर्सल्ना इला उ-ममिम् मिन् क़ब्लि-क फ़-ज़य्य-न लहुमुश्शैतानु अअ्मालहुम् फहु-व वलिय्युहुमुल्-यौ-म व लहुम् अज़ाबुन् अलीम

हिंदी अनुवाद

अल्लाह की शपथ! (हे नबी!) आपसे पहले हमने बहुत-से समुदायों की ओर रसूल भेजे। तो उनके लिए शैतान ने उनके कुकर्मों को सुसज्जित बना दिया। अतः वही आज उनका सहायक है और उन्हीं के लिए दुःखदायी यातना है।

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وَمَا أَنزَلْنَا عَلَيْكَ الْكِتَابَ إِلَّا لِتُبَيِّنَ لَهُمُ الَّذِي اخْتَلَفُوا فِيهِ ۙ وَهُدًى وَرَحْمَةً لِّقَوْمٍ يُؤْمِنُونَ ﴾ 64 ﴿

Transliteration

व मा अन्ज़ल्ना अ़लैकल्-किता-ब इल्ला लितुबय्यि-न लहुमुल्लज़िख़्त-लफू फ़ीहि, व हुदंव्-व रह़्म-तल् लिक़ौमिंय्युअ्मिनून

हिंदी अनुवाद

और हमने आपपर ये पुस्तक (क़ुर्आन) इसी लिए उतारी है, ताकि आप उनके लिए उसे उजागर कर दें, जिसमें वे विभेद कर रहे हैं तथा मार्गदर्शन और दया है, उन लोगों के लिए, जो ईमान (विश्वास) रखते हैं।

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وَاللَّهُ أَنزَلَ مِنَ السَّمَاءِ مَاءً فَأَحْيَا بِهِ الْأَرْضَ بَعْدَ مَوْتِهَا ۚ إِنَّ فِي ذَٰلِكَ لَآيَةً لِّقَوْمٍ يَسْمَعُونَ ﴾ 65 ﴿

Transliteration

वल्लाहु अन्ज़-ल मिनस्समा इ मा-अन् फ़-अह़्या बिहिल्अर्-ज़ बअ्-द मौतिहा, इन्-न फ़ी ज़ालि-क लआ-यतल् लिकौमिंय्यस्मअून *

हिंदी अनुवाद

और अल्लाह ने ही आकाश से जल बरसाया, फिर उसने निर्जीव धरती को जीवित कर दिया। निश्चय इसमें उन लोगों के लिए एक निशानी है, जो सुनते हैं।

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وَإِنَّ لَكُمْ فِي الْأَنْعَامِ لَعِبْرَةً ۖ نُّسْقِيكُم مِّمَّا فِي بُطُونِهِ مِن بَيْنِ فَرْثٍ وَدَمٍ لَّبَنًا خَالِصًا سَائِغًا لِّلشَّارِبِينَ ﴾ 66 ﴿

Transliteration

व इन्-न लकुम् फ़िल्-अन्आमि लअिब्र-तन्, नुस्क़ी कुम् मिम्मा फ़ी बुतूनिही मिम्-बैनि फ़रसिंव्-व दमिल्-ल-बनन् खालिसन् साइग़ल्-लिश्शारिबीन

हिंदी अनुवाद

तथा वास्तव में, तुम्हारे लिए पशुओं में एक शिक्षा है। हम तुम्हें उससे, जो उसके भीतर है, गोबर तथा रक्त के बीच से शुध्द दूध पिलाते हैं, जो पीने वालों के लिए रुचिकर होता है।

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وَمِن ثَمَرَاتِ النَّخِيلِ وَالْأَعْنَابِ تَتَّخِذُونَ مِنْهُ سَكَرًا وَرِزْقًا حَسَنًا ۗ إِنَّ فِي ذَٰلِكَ لَآيَةً لِّقَوْمٍ يَعْقِلُونَ ﴾ 67 ﴿

Transliteration

व मिन् स-मरातिन्नख़ीलि वल्अअ्नाबि तत्तख़िज़ू-न मिन्हु स-करंव्-व रिज़्क़न् ह-सनन्, इन्-न फ़ी ज़ालि- क लआ-यतल् लिक़ौमिंय्यअ्क़िलून

हिंदी अनुवाद

तथा खजूरों और अंगूरों के फलों से, जिससे तुम मदिरा बना लेते हो तथा उत्तम जीविका भी, वास्तव में, इसमें एक निशानी (लक्षण) है, उन लोगों के लिए, जो समझ-बूझ रखते हैं।

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وَأَوْحَىٰ رَبُّكَ إِلَى النَّحْلِ أَنِ اتَّخِذِي مِنَ الْجِبَالِ بُيُوتًا وَمِنَ الشَّجَرِ وَمِمَّا يَعْرِشُونَ ﴾ 68 ﴿

Transliteration

व औहा रब्बु-क इलन्नह़्लि अनित्तख़िज़ी मिनल्-जिबालि बुयूतंव्-व मिनश्श-जरि व मिम्मा यअ्-रिशून

हिंदी अनुवाद

और हमने मधुमक्खी को प्रेरणा दी कि पर्वतों में घर (छत्ते) बना तथा वृक्षों में और लोगों की बनायी छतों में।

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‏ ثُمَّ كُلِي مِن كُلِّ الثَّمَرَاتِ فَاسْلُكِي سُبُلَ رَبِّكِ ذُلُلًا ۚ يَخْرُجُ مِن بُطُونِهَا شَرَابٌ مُّخْتَلِفٌ أَلْوَانُهُ فِيهِ شِفَاءٌ لِّلنَّاسِ ۗ إِنَّ فِي ذَٰلِكَ لَآيَةً لِّقَوْمٍ يَتَفَكَّرُونَ ﴾ 69 ﴿

Transliteration

सुम्-म कुली मिन् कुल्लिस्स-मराति फ़स्लुकी सुबु-ल रब्बिकि जुलुलन्, यख़्रुजु मिम्-बुतू निहा शराबुम्-मुख़्तलिफुन् अल्वानुहू फ़ीहि शिफ़ाउल्-लिन्नासि, इन्-न फ़ी ज़ालि-क लआ-यतल् लिक़ौमिंय्य-तफ़क्करून

हिंदी अनुवाद

फिर प्रत्येक फलों का रस चूस और अपने पालनहार की सरल राहों पर चलती रह। उसके भीतर से एक पेय निकलता है, जो विभिन्न रंगों का होता है, जिसमें लोगों के लिए आरोग्य है। वास्तव में, इसमें एक निशानी (लक्षण) है, उन लोगों के लिए, जो सोच-विचार करते हैं।

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وَاللَّهُ خَلَقَكُمْ ثُمَّ يَتَوَفَّاكُمْ ۚ وَمِنكُم مَّن يُرَدُّ إِلَىٰ أَرْذَلِ الْعُمُرِ لِكَيْ لَا يَعْلَمَ بَعْدَ عِلْمٍ شَيْئًا ۚ إِنَّ اللَّهَ عَلِيمٌ قَدِيرٌ ﴾ 70 ﴿

Transliteration

वल्लाहु ख़-ल-क़कुम् सुम्-म य-तवफ़्फ़ाकुम्, व मिन्कुम् मंय्युरद्दु इला अरज़लिल्-अुमुरि लिकै ला यअ्ल-म बअ्-द अिल्मिन् शैअन्, इन्नल्ला-ह अ़लीमुन् क़दीर *

हिंदी अनुवाद

और अल्लाह ही ने तुम्हारी उत्पत्ति की है, फिर तुम्हें मौत देता है और तुममें से कुछको अबोध आयु तक पहुँचा दिया जाता है, ताकि जानने के पश्चात् कुछ न जाने। वास्तव में, अल्लाह सर्वज्ञ, सर्व सामर्थ्यवान्[1] है। 1. अर्थात वह पुनः जीवित भी कर सकता है।

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وَاللَّهُ فَضَّلَ بَعْضَكُمْ عَلَىٰ بَعْضٍ فِي الرِّزْقِ ۚ فَمَا الَّذِينَ فُضِّلُوا بِرَادِّي رِزْقِهِمْ عَلَىٰ مَا مَلَكَتْ أَيْمَانُهُمْ فَهُمْ فِيهِ سَوَاءٌ ۚ أَفَبِنِعْمَةِ اللَّهِ يَجْحَدُونَ ﴾ 71 ﴿

Transliteration

वल्लाहु फ़ज़्ज़-ल बअ्ज़कुम् अ़ला बअ्ज़िन् फ़िर्रिज़्क़ि, फ़-मल्लज़ी-न फुज़्ज़िलू बिराद्दी रिज़्क़िहिम् अ़ला मा म-लकत् ऐमानुहुम् फ़हुम् फीहि सवाउन्, अ-फ़बिनिअ्-मतिल्लाहि यज्हदून

हिंदी अनुवाद

और अल्लाह ने तुममें से कुछ को, कुछ पर जीविका में प्रधानता दी है, तो जिन्हें प्रधानता दी गयी है, वे अपनी जीविका अपने दासों की ओर फेरने वाले नहीं कि वे उसमें बराबर हो जायें, तो क्या वे अल्लाह के उपकारों को नहीं मानते हैं[1]? 1. आयत का भावार्थ यह है कि जब वह स्वयं अपने दासों को अपने बराबर करने के लिये तैयार नहीं हैं तो फिर अल्लाह की उत्पत्ति और उस के दासों को कैसे पूजा-अर्चना में उस के बराबर करते हैं? क्या यह अल्लाह के उपकारों का इन्कार नहीं है?

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وَاللَّهُ جَعَلَ لَكُم مِّنْ أَنفُسِكُمْ أَزْوَاجًا وَجَعَلَ لَكُم مِّنْ أَزْوَاجِكُم بَنِينَ وَحَفَدَةً وَرَزَقَكُم مِّنَ الطَّيِّبَاتِ ۚ أَفَبِالْبَاطِلِ يُؤْمِنُونَ وَبِنِعْمَتِ اللَّهِ هُمْ يَكْفُرُونَ ﴾ 72 ﴿

Transliteration

वल्लाहु ज-अ़-ल लकुम् मिन् अन्फुसिकुम् अज़्वाजंव्-व ज-अ-ल लकुम् मिन् अज़्वाजिकुम् बनी-न व ह-फ-दतंव्-व र-ज़-क़ कुम् मिनत्तय्यिबाति, अ-फ़बिल्बातिलि युअ्मिनू-न व बिनिअ्-मतिल्लाहि हुम् यक्फुरून

हिंदी अनुवाद

और अल्लाह ने तुम्हारे लिए तुम्हीं में से पत्नियाँ बनायीं और तुम्हारे लिए तुम्हारी पत्नियों से पुत्र तथा पौत्र बनाये और तुम्हें स्वच्छ चीज़ों से जीविका प्रदान की। तो क्या वे असत्य पर विश्वास रखते हैं और अल्लाह के पुरस्कारों के प्रति अविश्वास रखते हैं?

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وَيَعْبُدُونَ مِن دُونِ اللَّهِ مَا لَا يَمْلِكُ لَهُمْ رِزْقًا مِّنَ السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضِ شَيْئًا وَلَا يَسْتَطِيعُونَ ‎ ﴾ 73 ﴿

Transliteration

व यअ्बुदू-न मिन् दूनिल्लाहि मा ला यम्लिकु लहुम रिज़्क़म्-मिनस्समावाति वल्अर्ज़ि शैअंव्-व ला यस्ततीअून

हिंदी अनुवाद

और अल्लाह के सिवा उनकी वंदना करते हैं, जो उनके लिए आकाशों तथा धरती से कुछ भी जीविका देने का अधिकार नहीं रखते और न इसका सामर्थ्य रखते हैं।

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فَلَا تَضْرِبُوا لِلَّهِ الْأَمْثَالَ ۚ إِنَّ اللَّهَ يَعْلَمُ وَأَنتُمْ لَا تَعْلَمُونَ ﴾ 74 ﴿

Transliteration

फ़ला तज़्रिबू लिल्लाहिल्-अम्सा-ल, इन्नल्ला-ह यअ़लमु व अन्तुम् ला तअ्लमून

हिंदी अनुवाद

और अल्लाह के लिए उदाहरण न दो। वास्तव में, अल्लाह जानता है और तुम नहीं जानते[1]. 1. क्यों कि उस के समान कोई नहीं।

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ضَرَبَ اللَّهُ مَثَلًا عَبْدًا مَّمْلُوكًا لَّا يَقْدِرُ عَلَىٰ شَيْءٍ وَمَن رَّزَقْنَاهُ مِنَّا رِزْقًا حَسَنًا فَهُوَ يُنفِقُ مِنْهُ سِرًّا وَجَهْرًا ۖ هَلْ يَسْتَوُونَ ۚ الْحَمْدُ لِلَّهِ ۚ بَلْ أَكْثَرُهُمْ لَا يَعْلَمُونَ ﴾ 75 ﴿

Transliteration

ज़-रबल्लाहु म-सलन् अ़ब्दम्- मम्लूकल्-ला यक़्दिरू अ़ला शैइंव्-व मर्रज़क़्नाहु मिन्ना रिज़्क़न् ह-सनन् फ़हु-व युन्फ़िक़ु मिन्हु सिर्रंव्-व जहरन्, हल् यस्तवू-न, अल्हम्दु लिल्लाहि, बल् अक्सरूहुम् ला यअ्लमून

हिंदी अनुवाद

अल्लाह ने एक उदाहरण[1] दिया है; एक प्राधीन दास है, जो किसी चीज़ का अधिकार नहीं रखता और दूसरा (स्वाधीन) व्यक्ति है, जिसे हमने अपनी ओर से उत्तम जीविका प्रदान की है और वह उसमें छुपे और खुले व्यय करता है। क्या वे दोनों समान हो जायेंगे? सब प्रशंसा अल्लाह[1] के लिए है। बल्कि अधिक्तर लोग (ये बात) नहीं जानते। 1. आयत का भावार्थ यह है कि जैसे पराधीन दास और धनी स्वतंत्र व्यक्ति को तुम बराबर नहीं समझते, ऐसे मुझे और इन मूर्तियों को कैसे बराबर समझ रहे हो जो एक मक्खी भी पैदा नहीं कर सकतीं। और यदि मक्खी उन का चढ़ावा ले भागे तो वह छीन भी नहीं सकतीं? इस से बड़ा अत्याचार क्या हो सकता है? 2. अर्थात अल्लाह के सिवा तुम्हारे पूज्यों में से कोई प्रशंसा के लायक़ नहीं है।

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وَضَرَبَ اللَّهُ مَثَلًا رَّجُلَيْنِ أَحَدُهُمَا أَبْكَمُ لَا يَقْدِرُ عَلَىٰ شَيْءٍ وَهُوَ كَلٌّ عَلَىٰ مَوْلَاهُ أَيْنَمَا يُوَجِّههُّ لَا يَأْتِ بِخَيْرٍ ۖ هَلْ يَسْتَوِي هُوَ وَمَن يَأْمُرُ بِالْعَدْلِ ۙ وَهُوَ عَلَىٰ صِرَاطٍ مُّسْتَقِيمٍ ﴾ 76 ﴿

Transliteration

व ज़-रबल्लाहु म-सलर्रजुलैनि अ-हदुहुमा अब्कमु ला यक़्दिरू अ़ला शैइंव्-व हु-व कल्लुन् अ़ला मौलाहु, ऐ-नमा युवज्जिह्हु ला यअ्ति बिख़ैरिन्, हल् यस्तवी हु-व, व मंय्यअ्मुरू बिल-अ़द्लि, व हु-व अ़ला सिरातिम्-मुस्तक़ीम*

हिंदी अनुवाद

तथा अल्लाह ने दो व्यक्तियों का उदाहरण दिया है; दोनों में से एक गूँगा है, वह किसी चीज़ का अधिकार नहीं रखता, वह अपने स्वामी पर बोझ है, वह उसे जहाँ भेजता है, कोई भलाई नहीं लाता। तो क्या वह और जो न्याय का आदेश देता हो और स्वयं सीधी[1] राह पर हो, बराबर हो जायेंगे? 1. यह दूसरा उदाहरण है जो मूर्तियों का दिया है। जो गूँगी-बहरी होती हैं।

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وَلِلَّهِ غَيْبُ السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضِ ۚ وَمَا أَمْرُ السَّاعَةِ إِلَّا كَلَمْحِ الْبَصَرِ أَوْ هُوَ أَقْرَبُ ۚ إِنَّ اللَّهَ عَلَىٰ كُلِّ شَيْءٍ قَدِيرٌ ﴾ 77 ﴿

Transliteration

व लिल्लाहि ग़ैबुस्समावाति वल्अर्ज़ि व मा अम्रूस्सा-अ़ति इल्ला क-लम्हिल्-ब-सरि औ हु-व अक़्रबु, इन्नल्ला-ह अ़ला कुल्लि शैइन् क़दीर

हिंदी अनुवाद

और अल्लाह ही को आकाशों तथा धरती के परोक्ष[1] का ज्ञान है और प्रलय (क़्यामत) का विषय तो बस पलक झपकने जैसा[2] होगा अथवा उससे भी अधिक शीघ्र। वास्तव में, अल्लाह जो चाहे, कर सकता है। 1. अर्थात गुप्त तथ्यों का। 2. अर्थात पल भर में आयेगी

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وَاللَّهُ أَخْرَجَكُم مِّن بُطُونِ أُمَّهَاتِكُمْ لَا تَعْلَمُونَ شَيْئًا وَجَعَلَ لَكُمُ السَّمْعَ وَالْأَبْصَارَ وَالْأَفْئِدَةَ ۙ لَعَلَّكُمْ تَشْكُرُونَ ﴾ 78 ﴿

Transliteration

वल्लाहु अख़्र-जकुम् मिम्-बुतूनि उम्महातिकुम् ला तअ्लमू-न शैअंव्-व ज-अ-ल लकुमुस्सम्-अ़ वल्अब्सा-र वल्-अफ्इ-द-त, लअल्लकुम् तश्कुरून

हिंदी अनुवाद

और अल्लाह ही ने तुम्हें तुम्हारी माताओं के गर्भों से निकाला, इस दशा में कि तुम कुछ नहीं जानते थे और तुम्हारे कान और आँख तथा दिल बनाये, ताकि तुम (उसका) उपकार मानो।

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أَلَمْ يَرَوْا إِلَى الطَّيْرِ مُسَخَّرَاتٍ فِي جَوِّ السَّمَاءِ مَا يُمْسِكُهُنَّ إِلَّا اللَّهُ ۗ إِنَّ فِي ذَٰلِكَ لَآيَاتٍ لِّقَوْمٍ يُؤْمِنُونَ ﴾ 79 ﴿

Transliteration

अलम् यरौ इलत्तैरि मुसख़्ख़रातिन् फ़ी जव्विस्समा-इ, मा युम्सिकुहुन्-न इल्लल्लाहु, इन्-न फ़ी ज़ालि-क लआयातिल्-लिकौमिंय्युअ्मिनून

हिंदी अनुवाद

क्या वे पक्षियों को नहीं देखते कि वे अंतरिक्ष में कैसे वशीभूत हैं? उन्हें अल्लाह ही थामता[1] है। वास्तव में, इसमें बहुत-सी निशानियाँ हैं, उन लोगों के लिए, जो ईमान लाते हैं। 1. अर्थात पक्षियों को यह क्षमता अल्लाह ही ने दी है।

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وَاللَّهُ جَعَلَ لَكُم مِّن بُيُوتِكُمْ سَكَنًا وَجَعَلَ لَكُم مِّن جُلُودِ الْأَنْعَامِ بُيُوتًا تَسْتَخِفُّونَهَا يَوْمَ ظَعْنِكُمْ وَيَوْمَ إِقَامَتِكُمْ ۙ وَمِنْ أَصْوَافِهَا وَأَوْبَارِهَا وَأَشْعَارِهَا أَثَاثًا وَمَتَاعًا إِلَىٰ حِينٍ ﴾ 80 ﴿

Transliteration

वल्लाहु ज-अ-ल लकुम् मिम्-बुयूतिकुम् स-कनंव्-व ज-अ-ल लकुम् मिन् जुलूदिल्-अन्आ़मि बुयूतन् तस्तख़िफ्फूनहा यौ-म ज़अ्निकुम् व यौ-म इक़ामतिकुम्, व मिन् अस्वाफ़िहा व औबारिहा व अश्आ़रिहा असासंव्-व मताअ़न् इला हीन

हिंदी अनुवाद

और अल्लाह ही ने तुम्हारे घरों को निवास स्थान बनाया और पशुओं की खालों से तुम्हारे लिए ऐसे घर[1] बनाये, जिन्हें तुम अपनी यात्रा तथा अपने विराम के दिन हल्का (अल्पभार) पाते हो और उनकी ऊन और रोम तथा बालों से उपक्रण और लाभ के सामान, जीवन की निश्चित अवधि तक के लिए (बनाये)। 1. अर्थात चमड़ों के खेमे।

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وَاللَّهُ جَعَلَ لَكُم مِّمَّا خَلَقَ ظِلَالًا وَجَعَلَ لَكُم مِّنَ الْجِبَالِ أَكْنَانًا وَجَعَلَ لَكُمْ سَرَابِيلَ تَقِيكُمُ الْحَرَّ وَسَرَابِيلَ تَقِيكُم بَأْسَكُمْ ۚ كَذَٰلِكَ يُتِمُّ نِعْمَتَهُ عَلَيْكُمْ لَعَلَّكُمْ تُسْلِمُونَ ﴾ 81 ﴿

Transliteration

वल्लाहु ज-अ-ल लकुम् मिम्मा ख़-ल-क़ ज़िलालंव्-व ज-अ-ल लकुम् मिनल् जिबालि अक्नानंव्-व ज-अ़-ल लकुम् सराबी-ल तक़ीकुमुल्हर्-र व सराबी-ल तक़ीकुम् बअ्सकुम्, कज़ालि-क युतिम्मु निअ्-मतहू अ़लैकुम् लअ़ल्लकुम् तुस्लिमून

हिंदी अनुवाद

और अल्लाह ही ने तुम्हार लिए उस चीज़ में से, जो उत्पन्न की है, छाया बनायी है और तुम्हारे लिए पर्वतों में गुफाएँ बनायी हैं और तुम्हारे लिए ऐसे वस्त्र बनाये हैं, जो तुम्हे धूप से बचायें[1]। इसी प्रकार, वह तुमपर अपना उपकार पूरा करता है, ताकि तुम आज्ञाकारी बनो। 1. अर्थात कवच आदि।

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فَإِن تَوَلَّوْا فَإِنَّمَا عَلَيْكَ الْبَلَاغُ الْمُبِينُ ﴾ 82 ﴿

Transliteration

फ-इन् तवल्लौ फ़-इन्नमा अ़लैकल्-बलाग़ुल-मुबीन

हिंदी अनुवाद

फिर यदि वे विमुख हों, तो आपपर बस प्रत्यक्ष (खुला) उपदेश पहुँचा देना है।

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يَعْرِفُونَ نِعْمَتَ اللَّهِ ثُمَّ يُنكِرُونَهَا وَأَكْثَرُهُمُ الْكَافِرُونَ ﴾ 83 ﴿

Transliteration

यअ्-रिफू-न निअ्-मतल्लाहि सुम्-म युन्किरूनहा व अक्सरूहुमुल् काफिरून *

हिंदी अनुवाद

वे अल्लाह के उपकार पहचानते हैं, फिर उसका इन्कार करते हैं और उनमें अधिक्तर कृतघ्न हैं।

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وَيَوْمَ نَبْعَثُ مِن كُلِّ أُمَّةٍ شَهِيدًا ثُمَّ لَا يُؤْذَنُ لِلَّذِينَ كَفَرُوا وَلَا هُمْ يُسْتَعْتَبُونَ ﴾ 84 ﴿

Transliteration

व यौ-म नब्असु मिन् कुल्लि उम्मतिन् शहीदन् सुम्-म ला युअ्ज़नु लिल्लज़ी-न क-फ़रू व ला हुम् युस्तअ्तबून

हिंदी अनुवाद

और जिस[1] दिन, हम प्रत्येक समुदाय से एक साक्षी (गवाह) खड़ा[2] करेंगे, फिर काफ़िरों को बात करने की अनुमति नहीं दी जायेगी और न उनसे क्षमा याचना की माँग की जायेगी। 1. अर्थात प्रलय के दिन। 2. (देखियेः सूरह निसा, आयतः41)

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وَإِذَا رَأَى الَّذِينَ ظَلَمُوا الْعَذَابَ فَلَا يُخَفَّفُ عَنْهُمْ وَلَا هُمْ يُنظَرُونَ ﴾ 85 ﴿

Transliteration

व इज़ा रअल्लजी-न ज़-लमुल्-अ़ज़ा-ब फ़ला युखफ़्फ़फु अ़न्हुम् व ला हुम् युन्ज़रून

हिंदी अनुवाद

और जब अत्याचारी यातना देखेंगे, उनकी यातना कुछ कम नहीं की जायेगी और न उन्हें अवकाश दिया[1] जायेगा। 1. अर्थात तौबा करने का।

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وَإِذَا رَأَى الَّذِينَ أَشْرَكُوا شُرَكَاءَهُمْ قَالُوا رَبَّنَا هَٰؤُلَاءِ شُرَكَاؤُنَا الَّذِينَ كُنَّا نَدْعُو مِن دُونِكَ ۖ فَأَلْقَوْا إِلَيْهِمُ الْقَوْلَ إِنَّكُمْ لَكَاذِبُونَ ﴾ 86 ﴿

Transliteration

व इज़ा रअल्लज़ी-न अश्रकू शु-रका-अहुम् क़ालू रब्बना हाउला-इ शु-रकाउनल्लज़ी-न कुन्ना नद्अू मिन् दूनि-क, फ़अल्क़ौ इलैहिमुल्क़ौ-ल इन्नकुम् लकाज़िबून•

हिंदी अनुवाद

और जब मुश्रिक अपने (बनाये हुए) साझियों को देखेंगे, तो कहेंगेः हे हमारे पालनहार! यही हमारे साझी हैं, जिन्हें हम, तुझे छोड़कर पुकार रहे थे। तो वे (पूज्य) बोलेंगे कि निश्चय तुम सब मिथ्यावादी (झूठे) हो।

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وَأَلْقَوْا إِلَى اللَّهِ يَوْمَئِذٍ السَّلَمَ ۖ وَضَلَّ عَنْهُم مَّا كَانُوا يَفْتَرُونَ ﴾ 87 ﴿

Transliteration

व अल्क़ौ इलल्लाहि यौमइज़ि निस्स-ल-म व ज़ल्-ल अ़न्हुम् मा कानू यफ़्तरून

हिंदी अनुवाद

उस दिन, वे अल्लाह के आगे झुक जायेंगे और उनसे खो जायेँगी, जो मिथ्या बातें वे बनाते थे।

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الَّذِينَ كَفَرُوا وَصَدُّوا عَن سَبِيلِ اللَّهِ زِدْنَاهُمْ عَذَابًا فَوْقَ الْعَذَابِ بِمَا كَانُوا يُفْسِدُونَ ﴾ 88 ﴿

Transliteration

अल्लज़ी-न क-फरू व सद्दू अन् सबीलिल्लाहि ज़िद्-ना हुम् अ़ज़ाबन् फ़ौक़ल्-अ़ज़ाबि बिमा कानू युफ्सिदून

हिंदी अनुवाद

जो लोग काफिर हो गये और (दूसरों को भी) अल्लाह की डगर (इस्लाम) से रोक दिये, उन्हें हम यातना पर यातना देंगे, उस उपद्रव के बदले, जो वे कर रहे थे।

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وَيَوْمَ نَبْعَثُ فِي كُلِّ أُمَّةٍ شَهِيدًا عَلَيْهِم مِّنْ أَنفُسِهِمْ ۖ وَجِئْنَا بِكَ شَهِيدًا عَلَىٰ هَٰؤُلَاءِ ۚ وَنَزَّلْنَا عَلَيْكَ الْكِتَابَ تِبْيَانًا لِّكُلِّ شَيْءٍ وَهُدًى وَرَحْمَةً وَبُشْرَىٰ لِلْمُسْلِمِينَ ﴾ 89 ﴿

Transliteration

व यौ-म नब्असु फ़ी कुल्लि उम्मतिन् शहीदन् अ़लैहिम् मिन् अन्फुसिहिम् व जिअ्ना बि-क शहीदन् अ़ला हाउला-इ, व नज़्ज़ल्ना अ़लैकल्-किता-ब तिब्यानल्-लिकुल्लि शैइंव्-व हुदंव्-व रह़्मतंव्-व बुश्रा लिल्मुस्लिमीन *

हिंदी अनुवाद

और जिस दिन, हम प्रत्येक समुदाय से एक साक्षी उनके विरुध्द उन्हीं में से खड़ा कर देंगे और (हे नबी!) हम आपको उनपर साक्षी (गवाह) बनायेंगे[1] और हमने आपपर ये पुस्तक (क़ुर्आन) अवतरित की है, जो प्रत्येक विषय का खुला विवरण है, मार्गदर्शन दया तथा शुभ सूचना है आज्ञाकारियों के लिए। 1. (देखियेः सूरह बक़रा, आयतः143)

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إِنَّ اللَّهَ يَأْمُرُ بِالْعَدْلِ وَالْإِحْسَانِ وَإِيتَاءِ ذِي الْقُرْبَىٰ وَيَنْهَىٰ عَنِ الْفَحْشَاءِ وَالْمُنكَرِ وَالْبَغْيِ ۚ يَعِظُكُمْ لَعَلَّكُمْ تَذَكَّرُونَ ﴾ 90 ﴿

Transliteration

इन्नल्ला-ह यअ्मुरू बिल-अ़द्लि वल्-इह़्सानि व ईता-इ ज़िल्क़ुरबा व यन्हा अनिल्-फ़ह्शा-इ वल्मुन्करि वल्बग़्यि, यअिज़ुकुम् लअ़ल्लकुम् तज़क्करून

हिंदी अनुवाद

वस्तुतः, अल्लाह तुम्हें न्याय, उपकार और समीपवर्तियों को देने का आदेश दे रहा है और निर्लज्जा, बुराई और विद्रोह से रोक रहा है और तुम्हें सिखा रहा है, ताकि तुम शिक्षा ग्रहण करो।

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وَأَوْفُوا بِعَهْدِ اللَّهِ إِذَا عَاهَدتُّمْ وَلَا تَنقُضُوا الْأَيْمَانَ بَعْدَ تَوْكِيدِهَا وَقَدْ جَعَلْتُمُ اللَّهَ عَلَيْكُمْ كَفِيلًا ۚ إِنَّ اللَّهَ يَعْلَمُ مَا تَفْعَلُونَ ﴾ 91 ﴿

Transliteration

व औफू बि-अ़ह़्दिल्लाहि इज़ा आ़हत्तुम् व ला तन्क़ुज़ुल् -ऐमा-न बअ्-द तौकीदिहा व क़द् जअ़ल्तुमुल्ला-ह अ़लैकुम् कफ़ीलन्, इन्नल्ला-ह यअ्लमु मा तफ़्अलून

हिंदी अनुवाद

और जब अल्लाह से कोई वचन करो, तो उसे पूरा करो और अपनी शपथों को सुदृढ़ करने के पश्चात् भंग न करो, जब तुमने अल्लाह को अपने ऊपर गवाह बनाया है। निश्चय अल्लाह जो कुछ तुम करते हो, उसे जानता है।

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وَلَا تَكُونُوا كَالَّتِي نَقَضَتْ غَزْلَهَا مِن بَعْدِ قُوَّةٍ أَنكَاثًا تَتَّخِذُونَ أَيْمَانَكُمْ دَخَلًا بَيْنَكُمْ أَن تَكُونَ أُمَّةٌ هِيَ أَرْبَىٰ مِنْ أُمَّةٍ ۚ إِنَّمَا يَبْلُوكُمُ اللَّهُ بِهِ ۚ وَلَيُبَيِّنَنَّ لَكُمْ يَوْمَ الْقِيَامَةِ مَا كُنتُمْ فِيهِ تَخْتَلِفُونَ ﴾ 92 ﴿

Transliteration

व ला तकूनू कल्लती न-क़ज़त् ग़ज़्लहा मिम्-बअ्दि क़ुव्वतिन् अन्कासन्, तत्तख़िज़ू-न ऐमानकुम् द-ख़लम्-बैनकुम् अन् तकू-न उम्मतुन् हि-य अरबा मिन् उम्मतिन्, इन्नमा यब्लूकुमुल्लाहु बिही, व लयुबय्यिनन्-न लकुम् यौमल्-क़ियामति मा कुन्तुम फ़ीहि तख़्तलिफून

हिंदी अनुवाद

और तुम्हारी दशा उस स्त्री जैसी न हो जाये, जिसने अपना सूत कातने के पश्चात् उधेड़ दिया। तुम अपनी शपथों को आपस में विश्वासघात का साधन बनाते हो, ताकि एक समुदाय दूसरे समुदाय से अधिक लाभ प्राप्त करे। अल्लाह इस[1] (वचन) के द्वारा तुम्हारी परीक्षा ले रहा है और प्रलय के दिन तुम्हारे लिए अवश्य उसे उजागर कर देगा, जिसमें तुम विभेद कर रहे थे। 1. अर्थात किसी समुदाय से समझौता कर के विश्वासघात न किया जाये कि दूसरे समुदाय से अधिक लाभ मिलने पर समझौता तोड़ दिया जाये।

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وَلَوْ شَاءَ اللَّهُ لَجَعَلَكُمْ أُمَّةً وَاحِدَةً وَلَٰكِن يُضِلُّ مَن يَشَاءُ وَيَهْدِي مَن يَشَاءُ ۚ وَلَتُسْأَلُنَّ عَمَّا كُنتُمْ تَعْمَلُونَ ﴾ 93 ﴿

Transliteration

व लौ शा-अल्लाहु ल-ज-अ़-लकुम् उम्मतंव्-वाहि -दतंव्-व लाकिंय्-युज़िल्लू मंय्यशा-उ, व यह्दी मंय्यशा-उ, व लतुस्अलुन्-न अ़म्मा कुन्तुम् तअ्मलून

हिंदी अनुवाद

और यदि अल्लाह चाहता, तो तुम्हें एक समुदाय बना देता। परन्तु वह जिसे चाहता है, कुपथ कर देता है और जिसे चाहता है, सुपथ दर्शा देता है और तुमसे उसके बारे में अवश्य पूछा जायेगा, जो तुम कर रहे थे।

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وَلَا تَتَّخِذُوا أَيْمَانَكُمْ دَخَلًا بَيْنَكُمْ فَتَزِلَّ قَدَمٌ بَعْدَ ثُبُوتِهَا وَتَذُوقُوا السُّوءَ بِمَا صَدَدتُّمْ عَن سَبِيلِ اللَّهِ ۖ وَلَكُمْ عَذَابٌ عَظِيمٌ ﴾ 94 ﴿

Transliteration

व ला तत्तख़िज़ू ऐमानकुम् द-ख़लम् बैनकुम् फ़-तज़िल्-ल क़-दमुम्-बअ्-द सुबूतिहा व तज़ूक़ुस्सू अ बिमा सदत्तुम् अ़न् सबीलिल्लाहि, व लकुम् अ़ज़ाबुन अज़ीम

हिंदी अनुवाद

और अपनी शपथों को आपस में विश्वासघात का साधन न बनाओ, ऐसा न हो कि कोई पग अपने स्थिर (दृढ़) होने के पश्चात् (ईमान से) फिसल[1] जाये और तुम उसके बदले बुरा परिणाम चखो कि तुमने अल्लाह की राह से रोका है और तुम्हारे लिए बड़ी यातना हो। 1. अर्थात ऐसा न हो कि कोई व्यक्ति इस्लाम की सत्यता को स्वीकार करने के पश्चात् केवल तुम्हारे दुराचार को देख कर इस्लाम से फिर जाये। और तुम्हारे समुदाय में सम्मिलित होने से रुक जाये। अन्यथा तुम्हारा व्यवहार भी दूसरों से कुछ भिन्न नहीं है।

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وَلَا تَشْتَرُوا بِعَهْدِ اللَّهِ ثَمَنًا قَلِيلًا ۚ إِنَّمَا عِندَ اللَّهِ هُوَ خَيْرٌ لَّكُمْ إِن كُنتُمْ تَعْلَمُونَ ﴾ 95 ﴿

Transliteration

व ला तश्तरू बि-अ़ह्दिल्लाहि स-मनन् क़लीलन्, इन्नमा जिन्दल्लाहि हु-व ख़ैरुल्लकुम् इन् कुन्तुम् तअ्लमून

हिंदी अनुवाद

और अल्लाह से किये हुए वचन को तनिक मूल्य के बदले न बेचो[1]। वास्तव में, जो अल्लाह के पास है, वही तुम्हारे लिए उत्तम है, यदि तुम जानो। 1. अर्थात संसारिक लाभ के लिये वचन भंग न करो। (देखियेः सूरह आराफ़, आयतः172)

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مَا عِندَكُمْ يَنفَدُ ۖ وَمَا عِندَ اللَّهِ بَاقٍ ۗ وَلَنَجْزِيَنَّ الَّذِينَ صَبَرُوا أَجْرَهُم بِأَحْسَنِ مَا كَانُوا يَعْمَلُونَ ﴾ 96 ﴿

Transliteration

मा अिन्दकुम् यन्फ़दु व मा अिन्दल्लाहि बाक़िन्, व ल-नज़्ज़ियन्नल्लज़ी-न स-बरू अज्रहुम् बि-अह्सनि मा कानू यअ्मलून

हिंदी अनुवाद

जो तुम्हारे पास है, वह व्यय (ख़र्च) हो जायेगा और जो अल्लाह के पास है, वह शेष रह जाने वाला है और हम, जो धैर्य धारण करते हैं, उन्हें अवश्य उनका पारिश्रमिक (बदला) उनके उत्तम कर्मों के अनुसार प्रदान करेंगे।

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مَنْ عَمِلَ صَالِحًا مِّن ذَكَرٍ أَوْ أُنثَىٰ وَهُوَ مُؤْمِنٌ فَلَنُحْيِيَنَّهُ حَيَاةً طَيِّبَةً ۖ وَلَنَجْزِيَنَّهُمْ أَجْرَهُم بِأَحْسَنِ مَا كَانُوا يَعْمَلُونَ ‎ ﴾ 97 ﴿

Transliteration

मन अ़मि-ल सालिहम्-मिन् ज़-करिन् औ उन्सा व हु-व मुअ्मिनुन् फ़-लनुह़्यि-यन्नहू हयातन् तय्यि-बतन्, व लनज्ज़ियन्नहुम् अज्रहुम् बिअह्सनि मा कानू यअ्मलून

हिंदी अनुवाद

जो भी सदाचार करेगा, वह नर हो अथवा नारी और ईमान वाला हो, तो हम उसे स्वच्छ जीवन व्यतीत करायेंगे और उन्हें उनका पारिश्रमिक उनके उत्तम कर्मों के अनुसार अवश्य प्रदान करेंगे।

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فَإِذَا قَرَأْتَ الْقُرْآنَ فَاسْتَعِذْ بِاللَّهِ مِنَ الشَّيْطَانِ الرَّجِيمِ ﴾ 98 ﴿

Transliteration

फ़-इज़ा क़रअ्तल् क़ुरआ-न फ़स्तअिज़् बिल्लाहि मिनश्शैतानिर्रजीम

हिंदी अनुवाद

तो (हे नबी!) जब आप क़ुर्आन का अध्ययन करें, तो धिक्कारे हुए शैतान से अललाह की शरण[1] माँग लिया करें। 1. अर्थात "अऊज़ुबिल्लाहि मिनश्शैतानिर्रजीम" पढ़ लिया करें।

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إِنَّهُ لَيْسَ لَهُ سُلْطَانٌ عَلَى الَّذِينَ آمَنُوا وَعَلَىٰ رَبِّهِمْ يَتَوَكَّلُونَ ﴾ 99 ﴿

Transliteration

इन्नहू लै-स लहू सुल्तानुन् अलल्लज़ी-न आमनू व अ़ला रब्बिहिम् य-तवक्कलून

हिंदी अनुवाद

वस्तुतः, उसका वश उनपर नहीं है, जो ईमान लाये हैं और अपने पालनहार ही पर भरोसा करते हैं।

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إِنَّمَا سُلْطَانُهُ عَلَى الَّذِينَ يَتَوَلَّوْنَهُ وَالَّذِينَ هُم بِهِ مُشْرِكُونَ ﴾ 100 ﴿

Transliteration

इन्नमा सुल्तानुहू अ़लल्लज़ी-न य-तवल्लौनहू वल्लज़ी-न हुम् बिही मुश्रिकून *

हिंदी अनुवाद

उसका वश तो केवल उनपर चलता है, जो उसे अपना संरक्षक बनाते हैं और जो मिश्रणवादी (मुश्रिक) हैं।

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وَإِذَا بَدَّلْنَا آيَةً مَّكَانَ آيَةٍ ۙ وَاللَّهُ أَعْلَمُ بِمَا يُنَزِّلُ قَالُوا إِنَّمَا أَنتَ مُفْتَرٍ ۚ بَلْ أَكْثَرُهُمْ لَا يَعْلَمُونَ ﴾ 101 ﴿

Transliteration

व इज़ा बद्दल्ना आ-यतम् मका-न आयतिंव्-वल्लाहु अअ्लमु बिमा युनज़्ज़िलु क़ालू इन्नमा अन्-त मुफ़्तरिन्, बल् अक्सरूहुम् ला यअ्लमून

हिंदी अनुवाद

और जब हम किसी आयत (विधान) के स्थान पर कोई आयत बदल देते हैं और अल्लाह ही अधिक जानता है उसे, जिसे वह उतारता है, तो कहते हैं कि आप तो केवल घड़ लेते हैं, बल्कि उनमें अधिक्तर जानते ही नहीं।

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قُلْ نَزَّلَهُ رُوحُ الْقُدُسِ مِن رَّبِّكَ بِالْحَقِّ لِيُثَبِّتَ الَّذِينَ آمَنُوا وَهُدًى وَبُشْرَىٰ لِلْمُسْلِمِينَ ﴾ 102 ﴿

Transliteration

क़ुल नज़्ज़-लहु रूहुल्-क़ुदुसि मिर्रब्बि-क बिल्हक़्क़ि लियुसब्बितल्लज़ी-न आमनू व हुदंव्-व बुशरा लिल-मुस्लिमीन

हिंदी अनुवाद

आप कह दें कि इसे (रूह़ुल कुदुस)[1] ने आपके पालनहार की ओर से सत्य के साथ क्रमशः उतारा है, ताकि उन्हें सुदृढ़ कर दे, जो ईमान लाये हैं तथा मार्गदर्शन और शुभ सूचना है, आज्ञाकारियों के लिए। 2. इस का अर्थ पवित्रात्मा है। जो जिब्रील अलैहिस्सलाम की उपाधि है। यही वह फ़रिश्ता है जो वह़्यी लाता था।

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وَلَقَدْ نَعْلَمُ أَنَّهُمْ يَقُولُونَ إِنَّمَا يُعَلِّمُهُ بَشَرٌ ۗ لِّسَانُ الَّذِي يُلْحِدُونَ إِلَيْهِ أَعْجَمِيٌّ وَهَٰذَا لِسَانٌ عَرَبِيٌّ مُّبِينٌ ﴾ 103 ﴿

Transliteration

व ल-क़द् नअ्लमु अन्नहुम् यक़ूलू-न इन्नमा युअ़ल्लिमुहू ब-शरून्, लिसानुल्लज़ी युल्हिदू-न इलैहि अअ्-जमिय्युंव-व हाज़ा लिसानुन् अ-रबिय्युम् मुबीन

हिंदी अनुवाद

तथा हम जानते हैं कि वे (काफ़िर) कहते हैं कि उसे (नबी को) कोई मनुष्य सिखा रहा[1] है। जबकी उसकी भाषा जिसकी ओर संकेत करते हैं, विदेशी है और ये[2] स्पष्ट अरबी भाषा है। 1. इस आयत में मक्का के मिश्रणवादियों के इस आरोप का खण्डन किया गया है कि क़ुर्आन आप को एक विदेशी सिखा रहा है। 2. अर्थात मक्के वाले जिसे कहते हैं कि वह मुह़म्मद को क़ुर्आन सिखाता है उस की भाषा तो अर्बी है ही नहीं, तो वह आप को क़ुर्आन कैसे सिखा सकता है जो बहुत उत्तम तथा श्रेष्ठ अर्बी भाषा में है। क्या वे इतना भी नहीं समझते?

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إِنَّ الَّذِينَ لَا يُؤْمِنُونَ بِآيَاتِ اللَّهِ لَا يَهْدِيهِمُ اللَّهُ وَلَهُمْ عَذَابٌ أَلِيمٌ ﴾ 104 ﴿

Transliteration

इन्नल्लज़ी-न ला युअ्मिनू-न बिआयातिल्लाहि ला यह्दीहिमुल्लाहु व लहुम् अ़ज़ाबुन् अलीम

हिंदी अनुवाद

वास्तव में, जो अल्लाह की आयतों पर ईमान नहीं लाते, उन्हें अल्लाह सुपथ नहीं दर्शाता और उन्हीं के लिए दुःखदायी यातना है।

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إِنَّمَا يَفْتَرِي الْكَذِبَ الَّذِينَ لَا يُؤْمِنُونَ بِآيَاتِ اللَّهِ ۖ وَأُولَٰئِكَ هُمُ الْكَاذِبُونَ ﴾ 105 ﴿

Transliteration

इन्नमा यफ़्तरिल्-कज़िबल्लज़ी-न ला युअ्मिनू-न बिआयातिल्लाहि व उलाइ-क हुमुल्-काज़िबून

हिंदी अनुवाद

झूठ केवल वही घड़ते हैं, जो अल्लाह की आयतों पर ईमान नहीं लाते और वही मिथ्यावादी (झूठे) हैं।

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مَن كَفَرَ بِاللَّهِ مِن بَعْدِ إِيمَانِهِ إِلَّا مَنْ أُكْرِهَ وَقَلْبُهُ مُطْمَئِنٌّ بِالْإِيمَانِ وَلَٰكِن مَّن شَرَحَ بِالْكُفْرِ صَدْرًا فَعَلَيْهِمْ غَضَبٌ مِّنَ اللَّهِ وَلَهُمْ عَذَابٌ عَظِيمٌ ﴾ 106 ﴿

Transliteration

मन् क-फ़-र बिल्लाहि मिम्-बअ्दि ईमानिही इल्ला मन् उक्रि-ह व क़ल्बुहू मुत्मइन्नुम्-बिल्ईमानि व लाकिम्-मन् श-र-ह बिल्कुफ्रि सद्रन फ़-अलैहिम् ग़-ज़बुम्-मिनल्लाहि, व लहुम् अ़ज़ाबुन् अ़ज़ीम

हिंदी अनुवाद

जिसने अल्लाह के साथ कुफ़्र किया, अपने ईमान लाने के पश्चात्, परन्तु जो बाध्य कर दिया गया हो, इस दशा में कि उसका दिल ईमान से संतुष्ट हो, (उसके लिए क्षमा है)। परन्तु जिसने कुफ़्र के साथ सीना खोल दिया[1] हो, तो उन्हीं पर अल्लाह का प्रकोप है और उन्हीं के लिए महा यातना है। 1. अर्थात स्वेच्छा कुफ़्र किया हो।

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ذَٰلِكَ بِأَنَّهُمُ اسْتَحَبُّوا الْحَيَاةَ الدُّنْيَا عَلَى الْآخِرَةِ وَأَنَّ اللَّهَ لَا يَهْدِي الْقَوْمَ الْكَافِرِينَ ﴾ 107 ﴿

Transliteration

ज़ालि-क बिअन्नहुमुस्त हब्बुल्-हयातद्दुन्या अ़लल्-आख़िरति व अन्नल्ला-ह ला यह्दिल् क़ौमल्-काफिरीन

हिंदी अनुवाद

ये इसलिए कि उन्होंने सांसारिक जीवन को प्रलोक पर प्राथमिकता दी है और वास्तव में अल्लाह, काफ़िरों को सुपथ नहीं दिखाता।

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أُولَٰئِكَ الَّذِينَ طَبَعَ اللَّهُ عَلَىٰ قُلُوبِهِمْ وَسَمْعِهِمْ وَأَبْصَارِهِمْ ۖ وَأُولَٰئِكَ هُمُ الْغَافِلُونَ ﴾ 108 ﴿

Transliteration

उलाइ-कल्लज़ी-न त-बअ़ल्लाहु अ़ला क़ुलूबिहिम् व सम्अिहिम् व अब्सारिहिम्, व उलाइ-क हुमुल्ग़ाफ़िलून

हिंदी अनुवाद

वही लोग हैं, जिनके दिलों, कानों और आँखों पर अल्लाह ने मुहर लगा दी है तथा यही लोग अचेत हैं।

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لَا جَرَمَ أَنَّهُمْ فِي الْآخِرَةِ هُمُ الْخَاسِرُونَ ﴾ 109 ﴿

Transliteration

ला ज-र-म अन्नहुम् फ़िल्आख़िरति हुमुल्-ख़ासिरून

हिंदी अनुवाद

निश्चय वही लोग, प्रलोक में क्षतिग्रस्त होने वाले हैं।

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ثُمَّ إِنَّ رَبَّكَ لِلَّذِينَ هَاجَرُوا مِن بَعْدِ مَا فُتِنُوا ثُمَّ جَاهَدُوا وَصَبَرُوا إِنَّ رَبَّكَ مِن بَعْدِهَا لَغَفُورٌ رَّحِيمٌ ﴾ 110 ﴿

Transliteration

सुम्-म इन्-न रब्ब-क लिल्लज़ी-न हाजरू मिम्-बअ्दि मा फुतिनू सुम्-म जाहदू व स-बरू, इन्-न रब्ब-क मिम् बअ्दिहा ल-ग़फूरुर्रहीम *

हिंदी अनुवाद

फिर वास्तव में, आपका पालनहार उन लोगों[1] के लिए जिन्होंने हिजरत (प्रस्थान) की और उसके पश्चात् परीक्षा में डाले गये, फिर जिहाद किया और सहनशील रहे, वास्तव में, आपका पालनहार इस (परीक्षा) के पश्चात् बड़ा क्षमाशील, दयावान् है। 1. इन से अभिप्रेत नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के वह अनुयायी हैं, जो मक्कासे मदीना हिजरत कर गये।

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يَوْمَ تَأْتِي كُلُّ نَفْسٍ تُجَادِلُ عَن نَّفْسِهَا وَتُوَفَّىٰ كُلُّ نَفْسٍ مَّا عَمِلَتْ وَهُمْ لَا يُظْلَمُونَ ﴾ 111 ﴿

Transliteration

यौ-म तअ्ति कुल्लु नफ्सिन् तुजादिलु अ़न् नफ़्सिहा व तुवफ्फ़ा कुल्लु नफ़्सिम्-मा अ़मिलत् व हुम् ला युज़्लमून

हिंदी अनुवाद

जिस दिन प्रत्येक प्राणी को अपने बचाव की चिन्ता होगी और प्रत्येक प्राणी को उसके कर्मों का पूरा बदला दिया जायेगा और उनपर अत्याचार नहीं किया जायेगा।

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وَضَرَبَ اللَّهُ مَثَلًا قَرْيَةً كَانَتْ آمِنَةً مُّطْمَئِنَّةً يَأْتِيهَا رِزْقُهَا رَغَدًا مِّن كُلِّ مَكَانٍ فَكَفَرَتْ بِأَنْعُمِ اللَّهِ فَأَذَاقَهَا اللَّهُ لِبَاسَ الْجُوعِ وَالْخَوْفِ بِمَا كَانُوا يَصْنَعُونَ ﴾ 112 ﴿

Transliteration

व ज़-रबल्लाहु म-सलन् क़र्-यतन् कानत् आमि-नतम् -मुत्मइन्नतंय्-यअ्तीहा रिज़्क़ुहा र-ग़दम्-मिन् कुल्लि मकानिन् फ़-क-फरत् बिअन्अु मिल्लाहि फ़-अज़ा-क़हल्लाहु लिबासल्-जूअि वल्ख़ौफ़ि बिमा कानू यस्-न अून

हिंदी अनुवाद

अल्लाह ने एक बस्ती का उदाहरण दिया है, जो शान्त संतुष्ट थी, उसकी जीविका प्रत्येक स्थान से प्राचूर्य के साथ पहुँच रही थी, तो उसने अल्लाह के उपकारों के साथ कुफ़्र किया। तब अल्ल्लाह ने उसे भूख और भय का वस्त्र चखा[1] दिया, उसके बदले जो वह[2] कर रहे थे। 1. अर्थात उन पर भूख और भय की आपदायें छा गईं। 2. अर्थात उस बस्ती के निवासी। और इस बस्ती से अभिप्रेत मक्का है, जिन पर उन के कुफ़्र के कारण अकाल पड़ा।

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وَلَقَدْ جَاءَهُمْ رَسُولٌ مِّنْهُمْ فَكَذَّبُوهُ فَأَخَذَهُمُ الْعَذَابُ وَهُمْ ظَالِمُونَ ﴾ 113 ﴿

Transliteration

व ल-क़द् जाअहुम् रसूलुम्-मिन्हुम् फ़-कज़्ज़बूहु फ़-अ-ख़ ज़हुमुल्-अ़ज़ाबु व हुम् ज़ालिमून

हिंदी अनुवाद

और उनके पास एक[1]रसूल उन्हीं में से आया, तो उन्होंने उसे झुठला दिया। अतः उन्हें यातना ने पकड़ लिया और वे अत्याचारी थे। 1. अर्थात मुह़म्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम मक्का के क़ुरैशी वंश से ही थे, फिर भी उन्हों ने आप की बात को नहीं माना।

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فَكُلُوا مِمَّا رَزَقَكُمُ اللَّهُ حَلَالًا طَيِّبًا وَاشْكُرُوا نِعْمَتَ اللَّهِ إِن كُنتُمْ إِيَّاهُ تَعْبُدُونَ ﴾ 114 ﴿

Transliteration

फ़कुलू मिम्मा र-ज़-क़कुमुल्लाहु हलालन् तय्यिबंव्-वश्कुरू निअ्-मतल्लाहि इन् कुन्तुम् इय्याहु तअ्बुदून

हिंदी अनुवाद

अतः उसमें से खाओ, जो अल्लाह ने तुम्हें ह़लाल (वैध) स्वच्छ जीविका प्रदान की है और अल्लाह का उपकार मानो, यदि तुम उसी की इबादत (वंदना) करते हो।

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إِنَّمَا حَرَّمَ عَلَيْكُمُ الْمَيْتَةَ وَالدَّمَ وَلَحْمَ الْخِنزِيرِ وَمَا أُهِلَّ لِغَيْرِ اللَّهِ بِهِ ۖ فَمَنِ اضْطُرَّ غَيْرَ بَاغٍ وَلَا عَادٍ فَإِنَّ اللَّهَ غَفُورٌ رَّحِيمٌ ﴾ 115 ﴿

Transliteration

इन्नमा हर्र-म अलैकुमुल् मैत-त वद्द-म व लह़्मल्-ख़िन्जीरि व मा उहिल्-ल लिग़ैरिल्लाहि बिही, फ़ -मनिज़्तुर्-र ग़ै-र बागिंव्-व ला आदिन फ़-इन्नल्ला-ह ग़फूरूर्रहीम

हिंदी अनुवाद

जो कुछ उसने तुमपर ह़राम (अवैध) किया है, वह मुर्दार, रक्त और सुअर का मांस है और जिसपर अल्लाह के सिवा दूसरे का नाम लिया गया[1] हो, फिर जो भूख से आतुर हो जाये, इस दशा में कि वह नियम न तोड़ रहा[2] हो और न आवश्यक्ता से अधिक खाये, तो वास्तव में, अल्लाह अति क्षमाशील, दयावान् है। 1. अर्थात अल्लाह के सिवा अन्य के नाम से बलि दिया गया पशु। ह़दीस में है कि जो अल्लाह के सिवा दूसरे के नाम से बलि दे उस पर अल्लाह की धिक्कार है। (सह़ीह़ बुख़ारीः1978) 2. (देखियेः सूरह बक़रा, आयतः173, सूरह माइदा, आयतः3, तथा सूरह अन्आम, आयतः145)

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وَلَا تَقُولُوا لِمَا تَصِفُ أَلْسِنَتُكُمُ الْكَذِبَ هَٰذَا حَلَالٌ وَهَٰذَا حَرَامٌ لِّتَفْتَرُوا عَلَى اللَّهِ الْكَذِبَ ۚ إِنَّ الَّذِينَ يَفْتَرُونَ عَلَى اللَّهِ الْكَذِبَ لَا يُفْلِحُونَ ﴾ 116 ﴿

Transliteration

व ला तक़ूलू लिमा तसिफु अल्सि-नतुकुमुल्-कज़ि-ब हाज़ा हलालुंव्-व हाज़ा हरामुल्-लितफ़्तरू अ़लल्लाहिल्-कज़ि-ब, इन्नल्लज़ी-न यफ़्तरू-न अ़लल्लाहिल्-कज़ि-ब ला युफ्लिहून

हिंदी अनुवाद

और मत कहो -उस झूठ के कारण, जो तुम्हारी ज़ुबानों पर आ जाये- कि ये ह़लाल (वैध) है और ये ह़राम (अवैध) है, ताकि अल्लाह पर मिथ्यारोप[1] करो। वास्तव में, जो लोग अल्लाह पर मिथ्यारोप करते हैं, वे (कभी) सफल नहीं होते। 1. क्यों कि ह़लाल और ह़राम करने का अधिकार केवल अल्लाह को है।

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مَتَاعٌ قَلِيلٌ وَلَهُمْ عَذَابٌ أَلِيمٌ ﴾ 117 ﴿

Transliteration

मताअुन् क़लीलुंव्-व लहुम् अ़ज़ाबुन् अलीम

हिंदी अनुवाद

(इस मिथ्यारोपन का) लाभ तो थोड़ा है और उन्हीं के लिए (परलोक में) दुःखदायी यातना है।

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وَعَلَى الَّذِينَ هَادُوا حَرَّمْنَا مَا قَصَصْنَا عَلَيْكَ مِن قَبْلُ ۖ وَمَا ظَلَمْنَاهُمْ وَلَٰكِن كَانُوا أَنفُسَهُمْ يَظْلِمُونَ ﴾ 118 ﴿

Transliteration

व अ़लल्लज़ी-न हादू हर्रम्ना मा क़सस्ना अ़लै-क मिन् क़ब्लु, व मा ज़लम्-नाहुम् व लाकिन् कानू अन्फु-सहुम् यज़्लिमून

हिंदी अनुवाद

और उनपर, जो यहूदी हो गये, हमने उसे ह़राम (अवैध) कर दिया, जिसका वर्णन हमने इस[1] से पहले आपसे कर दिया है और हमने उनपर अत्याचार नहीं किया, परन्तु वे स्वयं अपने ऊपर अत्याचार कर रहे थे। 1. इस से संकेत सूरह अन्आम, आयतः26 की ओर है।

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ثُمَّ إِنَّ رَبَّكَ لِلَّذِينَ عَمِلُوا السُّوءَ بِجَهَالَةٍ ثُمَّ تَابُوا مِن بَعْدِ ذَٰلِكَ وَأَصْلَحُوا إِنَّ رَبَّكَ مِن بَعْدِهَا لَغَفُورٌ رَّحِيمٌ ﴾ 119 ﴿

Transliteration

सुम्-म इन्-न रब्ब-क लिल्लज़ी-न अमिलुस्सू-अ बि-जहालतिन् सुम्-म ताबू मिम्-बअ्दि ज़ालि-क व अस्लहू, इन्-न रब्ब-क मिम्-बअ्दिहा ल-ग़फूरूर्रहीम*

हिंदी अनुवाद

फिर वास्तव में, आपका पालनहार उन्हें, जो अज्ञानता के कारण बुराई कर बैठे, फिर उसके पश्चात् क्षमा याचना कर ली और अपना सुधार कर लिया, वास्तव में, आपका पालनहार इसके पश्चात् अति क्षमी, दयावान् है।

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إِنَّ إِبْرَاهِيمَ كَانَ أُمَّةً قَانِتًا لِّلَّهِ حَنِيفًا وَلَمْ يَكُ مِنَ الْمُشْرِكِينَ ﴾ 120 ﴿

Transliteration

इन्-न इब्राही-म का-न उम्म-तन् क़ानितल्-लिल्लाहि हनीफ़न्, व लम् यकु मिनल्-मुश्रिकीन

हिंदी अनुवाद

वास्तव में, इब्राहीम एक समुदाय[1] था, अल्लाह का आज्ञाकारी एकेश्वरवादी था और मिश्रणवादियों (मुश्रिकों) में से नहीं था। 1. अर्थात वह अकेला सम्पूर्ण समुदाय था। क्यों कि उस के वंश से दो बड़ी उम्मतें बनीं: एक बनी इस्राईल, और दूसरी बनी इस्माईल जो बाद में अरब कहलाये। इस का एक दूसरा अर्थ मुखिया भी होता है।

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شَاكِرًا لِّأَنْعُمِهِ ۚ اجْتَبَاهُ وَهَدَاهُ إِلَىٰ صِرَاطٍ مُّسْتَقِيمٍ ﴾ 121 ﴿

Transliteration

शाकिरल्-लिअन् अुमिही, इज्तबाहु व हदाहु इला सिरातिम् मुस्तक़ीम

हिंदी अनुवाद

उसके उपकारों को मानता था, उसने उसे चुन लिया और उसे सीधी राह दिखा दी।

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وَآتَيْنَاهُ فِي الدُّنْيَا حَسَنَةً ۖ وَإِنَّهُ فِي الْآخِرَةِ لَمِنَ الصَّالِحِينَ ﴾ 122 ﴿

Transliteration

व आतैनाहु फ़िद्दुन्या ह-स नतन्, व इन्नहू फ़िल-आख़िरति लमिनस्-सालिहीन

हिंदी अनुवाद

और हमने उसे संसार में भलाई दी और वास्तव में वह परलोक में सदाचारियों में से होगा।

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ثُمَّ أَوْحَيْنَا إِلَيْكَ أَنِ اتَّبِعْ مِلَّةَ إِبْرَاهِيمَ حَنِيفًا ۖ وَمَا كَانَ مِنَ الْمُشْرِكِينَ ﴾ 123 ﴿

Transliteration

सुम्-म औहैना इलै-क अनित्तबिअ् मिल्ल-त इब्राही-म हनीफ़न्, व मा का-न मिनल्-मुश्रिकीन

हिंदी अनुवाद

फिर हमने (हे नबी!) आपकी और वह़्यी की कि एकेश्वरवादी इब्राहीम के धर्म का अनुसरण करो और वह मिश्रणवादियों में से नहीं था।

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إِنَّمَا جُعِلَ السَّبْتُ عَلَى الَّذِينَ اخْتَلَفُوا فِيهِ ۚ وَإِنَّ رَبَّكَ لَيَحْكُمُ بَيْنَهُمْ يَوْمَ الْقِيَامَةِ فِيمَا كَانُوا فِيهِ يَخْتَلِفُونَ ﴾ 124 ﴿

Transliteration

इन्नमा जुअिलस्सब्तु अलल्लज़ीनख़्त-लफू फ़ीहि, व इन्-न रब्ब-क ल-यह्कुमु बैनहुम् यौमल्-क़ियामति फ़ीमा कानू फ़ीहि यख़्तलिफून

हिंदी अनुवाद

सब्त[1](शनिवार का दिन) तो उन्हीं पर, निर्धारित किया गया, जिन्होंने उसमें विभेद किया। और वस्तुतः, आपका पालनहार उनके बीच उसमें निर्णय कर देगा, जिसमें वे विभेद कर रहे थे। 1. अर्थात सब्त का सम्मान जैसे इस्लाम में नहीं है, इसी प्रकार इब्राहीम अलैहिस्स्लाम के धर्म में भी नहीं है। यह तो केवल उन के लिये निर्धारित किया गया जिन्हों ने विभेद कर के जुमुआ के दिन की जगह सब्त का दिन निर्धारित कर लिया। तो अल्लाह ने उन के लिये उसी का सम्मान अनिवार्य कर दिया कि इस में शिकार न करो। (देखियेः सूरहा आराफ, आयतः163)

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ادْعُ إِلَىٰ سَبِيلِ رَبِّكَ بِالْحِكْمَةِ وَالْمَوْعِظَةِ الْحَسَنَةِ ۖ وَجَادِلْهُم بِالَّتِي هِيَ أَحْسَنُ ۚ إِنَّ رَبَّكَ هُوَ أَعْلَمُ بِمَن ضَلَّ عَن سَبِيلِهِ ۖ وَهُوَ أَعْلَمُ بِالْمُهْتَدِينَ ﴾ 125 ﴿

Transliteration

उद्अु इला सबीलि रब्बि-क बिल्हिक्मति वल्मौअि-ज़तिल ह-स-नति व जादिल्हुम् बिल्लती हि-य अह्सनु, इन्-न रब्ब-क हु-व अअ्लमु बिमन् ज़ल-ल अन् सबीलिही व हु-व अअ्लमु बिल्मुह्तदीन

हिंदी अनुवाद

(हे नबी!) आप उन्हें अपने पालनहार की राह (इस्लाम) की ओर तत्वदर्शिता तथा सदुपदेश के साथ बुलाएँ और उनसे ऐसे अंदाज़ में शास्त्रार्थ करें, जो उत्तम हो। वास्तव में, अल्लाह उसे अधिक जानता है, जो उसकी राह से विचलित हो गया और वही सुपथों को भी अधिक जानता है।

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وَإِنْ عَاقَبْتُمْ فَعَاقِبُوا بِمِثْلِ مَا عُوقِبْتُم بِهِ ۖ وَلَئِن صَبَرْتُمْ لَهُوَ خَيْرٌ لِّلصَّابِرِينَ ﴾ 126 ﴿

Transliteration

व इन् आ़क़ब्तुम् फ़आ़क़िबू बिमिस्लि मा ऊक़िब्तुम् बिही, व ल-इन् सबरतुम् लहु-व ख़ैरूल्-लिस्साबिरीन

हिंदी अनुवाद

और यदि तुम लोग बदला लो, तो उतना ही लो, जितना तुम्हें सताया गया हो और यदि सहन कर जाओ, तो सहनशीलों के लिए यही उत्त्म है।

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وَاصْبِرْ وَمَا صَبْرُكَ إِلَّا بِاللَّهِ ۚ وَلَا تَحْزَنْ عَلَيْهِمْ وَلَا تَكُ فِي ضَيْقٍ مِّمَّا يَمْكُرُونَ ﴾ 127 ﴿

Transliteration

वस्बिर् व मा सब्रु-क इल्ला बिल्लाहि व ला तह्ज़न अ़लैहिम् व ला तकु फ़ी ज़ैक़िम्-मिम्मा यम्कुरून

हिंदी अनुवाद

और (हे नबी!) आप सहन करें और आपका सहन करना अल्लाह ही की सहायता से है और उनके (दुर्व्यवहार) पर शोक न करें और न उनके षड्यंत्र से तनिक भी संकुचित हों।

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إِنَّ اللَّهَ مَعَ الَّذِينَ اتَّقَوا وَّالَّذِينَ هُم مُّحْسِنُونَ ‎ ﴾ 128 ﴿

Transliteration

इन्नल्ला-ह मअ़ल्लज़ीनत्तक़ौ वल्लज़ी-न हुम् मुह्सिनून*

हिंदी अनुवाद

वास्तव में, अल्लाह उन लोगों के साथ है, जो सदाचारी हैं और जो उपकार करने वाले हैं।

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