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कुरआन मजीद

Quran in Hindi

45. सूरह अल-जासियह- 1 – 37

सूरह जासियह के संक्षिप्त विषय

यह सूरह मक्की है, इस में 37 आयतें हैं।

  • इस सूरह की आयत 28 में प्रलय के दिन प्रत्येक समुदाय के जासियह अर्थात घुटनों के बल गिरे हुये होने की चर्चा की गई हैं। इसलिये इस का नाम सूरह जासियह है।
  • इस की आरंभिक आयतों में तौहीद की निशानियों की ओर ध्यान दिलाया गया है। जिस की ओर कुन बुला रहा है।
  • इस की आयत 7 से 15 तक में अल्लाह की आयतें न सुनने पर परलोक में बुरे परिणाम से सावधान किया गया है। और ईमान वालों को निर्देश दिया गया है कि वे विरोधियों को क्षमा कर दें।
  • आयत 16 से 20 तक में बनी इस्राईल को चेतावनी दी गई है कि उन्होंने धर्म का परस्कार पा कर उस में विभेद कर लिया। और अब जो धर्म विधान उतारा जा रहा है उस का पालन करें।
  • आयत 21 से 35 में परलोक के प्रतिफल के बारे में कुछ संदेहों का निवारण किया गया है।
  • इस की अंतिम आयतों में अल्लाह की प्रशंसा का वर्णन किया गया है।

सूरह अल-जासियह | Surah Al-Jathiyah

بِسْمِ اللَّـهِ الرَّحْمَـٰنِ الرَّحِيمِ

बिस्मिल्लाह-हिर्रहमान-निर्रहीम

अल्लाह के नाम से, जो अत्यन्त कृपाशील तथा दयावान् है।

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حم ﴾ 1 ﴿

Transliteration

हा-मीम्

हिंदी अनुवाद

ह़ा मीम।

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تَنزِيلُ الْكِتَابِ مِنَ اللَّهِ الْعَزِيزِ الْحَكِيمِ ‎ ﴾ 2 ﴿

Transliteration

तन्ज़ीलुल्-किताबि मिनल्लाहिल् अ़ज़ीज़िल्-हकीम

हिंदी अनुवाद

इस पुस्तक[1] का उतरना अल्लाह, सब चीज़ों और गुणों को जानने वाले की ओर से है। 1. इस सूरह में भी तौह़ीद तथा परलोक के संबन्ध में मुश्रिकों के संदेहा को दूर किया गया है तथा उन की दुराग्रह की निन्दा की गई है।

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إِنَّ فِي السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضِ لَآيَاتٍ لِّلْمُؤْمِنِينَ ‎ ﴾ 3 ﴿

Transliteration

इन्-न फ़िस्समावाति वल्अर्ज़ि लआयातिल्-लिल्- मुअ्मिनीन

हिंदी अनुवाद

वास्तव में, आकाशों तथा धरती में बहुत-सी निशानियाँ (लक्षण) हैं, ईमान लाने वालों के लिए।

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وَفِي خَلْقِكُمْ وَمَا يَبُثُّ مِن دَابَّةٍ آيَاتٌ لِّقَوْمٍ يُوقِنُونَ ﴾ 4 ﴿

Transliteration

व फ़ी ख़ल्किकुम् व मा यबुस्सु मिन् दाब्बतिन् आयातुल्-लिकौमिंय्-यूक़िनून

हिंदी अनुवाद

तथा तुम्हारी उत्पत्ति में तथा जो फैला[1] दिये हैं उसने जीव, बहुत-सी निशानियाँ हैं, उन लोगों के लिए, जो विश्वास रखते हों। 1. तौह़ीद (एकेश्वरवाद) के प्रकरण में क़ुर्आन ने प्रत्येक स्थान पर आकाश तथा धरती में अल्लाह के सामर्थ्य की फैली हुई निशानियों को प्रस्तुत किया है। और यह बताया है कि जैसे उस ने वर्षा द्वारा मनुष्य के आर्थिक जीवन की व्यवस्था कर दी है वैसे ही रसूलों तथा पुस्तकों द्वारा उस के आत्मिक जीवन की व्यवस्था कर दी है जिस पर आश्चर्य नहीं होना चाहिये। यह विश्व की व्यवस्था स्वयं ऐसी खुली पुस्तक है जिस के पश्चात् ईमान लाने के लिये किसी और प्रमाण की आवश्यक्ता नहीं है।

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وَاخْتِلَافِ اللَّيْلِ وَالنَّهَارِ وَمَا أَنزَلَ اللَّهُ مِنَ السَّمَاءِ مِن رِّزْقٍ فَأَحْيَا بِهِ الْأَرْضَ بَعْدَ مَوْتِهَا وَتَصْرِيفِ الرِّيَاحِ آيَاتٌ لِّقَوْمٍ يَعْقِلُونَ ﴾ 5 ﴿

Transliteration

वख़्तिलाफ़िल्लैलि वन्नहारि व मा अन्ज़लल्लाहु मिनस्समा-इ मिर्रिज़्किन् फ़-अह्या बिहिल् – अर्-ज़ बअ्-द मौतिहा व तस्रीफ़िर्-रियाहि आयातुल् लिक़ौमिंय् -यअ्क़िलून

हिंदी अनुवाद

तथा रात और दिन के आने जाने में तथा अल्लाह ने आकाश से जो जीविका उतारी है, फिर जीवित किया है उसके द्वारा धरती को, उसके मरने के पश्चात् तथा हवाओं के फेरने में, बड़ी निशानियाँ हैं, उनके लिए, जो समझ-बूझ रखते हों।

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تِلْكَ آيَاتُ اللَّهِ نَتْلُوهَا عَلَيْكَ بِالْحَقِّ ۖ فَبِأَيِّ حَدِيثٍ بَعْدَ اللَّهِ وَآيَاتِهِ يُؤْمِنُونَ ﴾ 6 ﴿

Transliteration

तिल्-क आयातुल्लाहि नत्लूहा अ़लै-क बिल्हक़्क़ि फ़बि- अय्यि हदीसिम्- बअ्दल्लाहि व आयातिही युअ्मनून

हिंदी अनुवाद

ये अल्लाह की आयतें हैं, जो वास्तव में हम तुम्हें सुना रहे हैं। फिर कौन सी बात रह गई है, अल्लाह तथा उसकी आयतों के पश्चात्, जिसपर वे ईमान लायेंगे?

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وَيْلٌ لِّكُلِّ أَفَّاكٍ أَثِيمٍ ﴾ 7 ﴿

Transliteration

वैलुल्- लिकुल्लि अफ़्फ़ाकिन् असीम

हिंदी अनुवाद

विनाश है प्रत्येक झूठे पापी के लिए।

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‏ يَسْمَعُ آيَاتِ اللَّهِ تُتْلَىٰ عَلَيْهِ ثُمَّ يُصِرُّ مُسْتَكْبِرًا كَأَن لَّمْ يَسْمَعْهَا ۖ فَبَشِّرْهُ بِعَذَابٍ أَلِيمٍ ﴾ 8 ﴿

Transliteration

यस्-मअु आयातिल्लाहि तुल्ला अ़लैहि सुम्म युसिर्रू मुस्तक्बिरन् क- अल्लम् यस्मअ्हा फ़-बश्शिर्हु बि- अ़ज़ाबिन् अलीम

हिंदी अनुवाद

जो अल्लाह की उन आयतों को, जो उसके सामने पढ़ी जायें सुने, फिर भी वह अकड़ता हुआ (कुफ़्र पर) अड़ा रहे, जैसे कि उन्हें सुना ही न हो! तो आप उसे दुःखदायी यातना की सूचना पहुँचा दें।

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‏ وَإِذَا عَلِمَ مِنْ آيَاتِنَا شَيْئًا اتَّخَذَهَا هُزُوًا ۚ أُولَٰئِكَ لَهُمْ عَذَابٌ مُّهِينٌ ﴾ 9 ﴿

Transliteration

व इज़ा अ़लि-म मिन् आयातिना शै-अ-नित्त-ख़-ज़हा हुजुवन्, उलाइ-क लहुम् अ़ज़ाबुम्-मुहीन

हिंदी अनुवाद

और जब, उसे ज्ञान हो हमारी किसी आयत का, तो उसे उपहास बना ले। यही हैं, जिनके लिए अपमानकारी यातना है।

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مِّن وَرَائِهِمْ جَهَنَّمُ ۖ وَلَا يُغْنِي عَنْهُم مَّا كَسَبُوا شَيْئًا وَلَا مَا اتَّخَذُوا مِن دُونِ اللَّهِ أَوْلِيَاءَ ۖ وَلَهُمْ عَذَابٌ عَظِيمٌ ﴾ 10 ﴿

Transliteration

मिंव्वरा-इहिम् जहन्नमु व ला युग़्नी अ़न्हुम् मा क-सबू शैअंव्व ला मत्त-ख़ज़ू मिन् दूनिल्लाहि औलिया-अ व लहुम् अ़ज़ाबुन् अ़ज़ीम

हिंदी अनुवाद

तथा उनके आगे नरक है और नहीं काम आयेगा उनके, जो कुछ उन्होंने कमाया है और न जिसे उन्होंने अल्लाह के सिवा संरक्षक बनाया है और उन्हीं के लिए कड़ी यातना है।

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هَٰذَا هُدًى ۖ وَالَّذِينَ كَفَرُوا بِآيَاتِ رَبِّهِمْ لَهُمْ عَذَابٌ مِّن رِّجْزٍ أَلِيمٌ ﴾ 11 ﴿

Transliteration

हाज़ा हुदन् वल्लज़ी-न क-फ़रू बिआयाति रब्बिहिम् लहुम अ़ज़ाबुम् मिर्रिज्ज़िन् अलीम

हिंदी अनुवाद

ये (क़ुर्आन) मार्गदर्शन है तथा जिन्होंने कुफ़्र किया अपने पालनहार की आयतों के साथ, तो उन्हीं के लिए यातना है, दुःखदायी यातना।

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اللَّهُ الَّذِي سَخَّرَ لَكُمُ الْبَحْرَ لِتَجْرِيَ الْفُلْكُ فِيهِ بِأَمْرِهِ وَلِتَبْتَغُوا مِن فَضْلِهِ وَلَعَلَّكُمْ تَشْكُرُونَ ﴾ 12 ﴿

Transliteration

अल्लाहुल्लज़ी सख़्ख़-र लकुमुल्-बह्-र लितज्-रि यल्-फ़ुल्कु फ़ीहि बिअम्हिी व लि- तब्तग़ू मिन् फ़ज़्लिही व लअ़ल्लकुम् तश्कुरून

हिंदी अनुवाद

अल्लाह ही ने वश में किया है तुम्हारे लिए सागर को, ताकि नाव चलें उसमें उसके आदेश से और ताकि तुम खोज करो उसके अनुग्रह (दया) की और ताकि तुम उसके कृतज्ञ (आभारी) बनो।

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وَسَخَّرَ لَكُم مَّا فِي السَّمَاوَاتِ وَمَا فِي الْأَرْضِ جَمِيعًا مِّنْهُ ۚ إِنَّ فِي ذَٰلِكَ لَآيَاتٍ لِّقَوْمٍ يَتَفَكَّرُونَ ﴾ 13 ﴿

Transliteration

व सख़्ख़-र लकुम् मा फ़िस्समावाति व मा फ़िल्अर्ज़ि जमीअ़म्- मिन्हु, इन्-न फ़ी ज़ालि-क ल-आयातिल् लिक़ौमिंय्य-तफ़क्करून

हिंदी अनुवाद

तथा उसने तुम्हारी सेवा में लगा रखा है, जो कुछ आकाशों तथा धरती में है, सबको अपनी ओर से। वास्तव में, इसमें बहुत-सी निशानियाँ हैं, उनके लिए, जो सोच-विचार करें।

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قُل لِّلَّذِينَ آمَنُوا يَغْفِرُوا لِلَّذِينَ لَا يَرْجُونَ أَيَّامَ اللَّهِ لِيَجْزِيَ قَوْمًا بِمَا كَانُوا يَكْسِبُونَ ﴾ 14 ﴿

Transliteration

क़ुल् लिल्लज़ी-न आमनू यग़्फ़िरू लिल्लज़ी-न ला यर्जू-न अय्यामल्लाहि लि-यज्ज़ि -य क़ौमम्-बिमा कानू यक्सिबून

हिंदी अनुवाद

(हे नबी!) आप उनसे कह दें जो ईमान लाये हैं कि क्षमा कर[1] दें उन्हें, जो आशा नहीं रखते हैं अल्लाह के दिनों[2] की, ताकि वह बदला दे एक समुदाय को उनकी कमाई का। 1. अर्थात उन की ओर से जो दुःख पहुँचता है। 2. अल्लाह के दिनों से अभिप्राय वे दिन हैं जिन में अल्लाह ने अपराधियों को यातनायें दी हैं। (देखियेःसूरह इब्राहीम, आयतः 5)

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مَنْ عَمِلَ صَالِحًا فَلِنَفْسِهِ ۖ وَمَنْ أَسَاءَ فَعَلَيْهَا ۖ ثُمَّ إِلَىٰ رَبِّكُمْ تُرْجَعُونَ ﴾ 15 ﴿

Transliteration

मन् अ़मि-ल सालिहन् फ़लिनफ़्सिही व मन् असा-अ फ़ अ़लैहा सुम्म इला रब्बिकुम् तुर्-जअून

हिंदी अनुवाद

जिसने सदाचार किया, तो अपने भले के लिए किया तथा जिसने दुराचार किया, तो अपने ऊपर किया। फिर तुम (प्रतिफल के लिए) अपने पालनहार की ओर ही फेरे[1] जाओगे। 1. अर्थात प्रलय के दिन। जिस अल्लाह ने तुम्हें पैदा किया है उसी के पास तुम्हें जाना भी है।

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وَلَقَدْ آتَيْنَا بَنِي إِسْرَائِيلَ الْكِتَابَ وَالْحُكْمَ وَالنُّبُوَّةَ وَرَزَقْنَاهُم مِّنَ الطَّيِّبَاتِ وَفَضَّلْنَاهُمْ عَلَى الْعَالَمِينَ ﴾ 16 ﴿

Transliteration

व ल-क़द् आतैना बनी इस्राईलल्-किता-ब वल्- हुक्म बन्नुबुव्व-त व रज़क्नाहुम् मिनत्तय्यिबाति व फज़्ज़ल्नाहुम् अ़लल् आ़लमीन

हिंदी अनुवाद

तथा हमने प्रदान की इस्राईल की संतान को पुस्तक तथा राज्य और नबूअत (दूतत्व) और जीविका दी उन्हें, स्वच्छ चीज़ों से तथा प्रधानता दी उन्हें (उनके युग के) संसारवासियों पर।

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وَآتَيْنَاهُم بَيِّنَاتٍ مِّنَ الْأَمْرِ ۖ فَمَا اخْتَلَفُوا إِلَّا مِن بَعْدِ مَا جَاءَهُمُ الْعِلْمُ بَغْيًا بَيْنَهُمْ ۚ إِنَّ رَبَّكَ يَقْضِي بَيْنَهُمْ يَوْمَ الْقِيَامَةِ فِيمَا كَانُوا فِيهِ يَخْتَلِفُونَ ﴾ 17 ﴿

Transliteration

व आतैनाहुम् बय्यिनातिम् मिनल्-अम्रि-फ़-मख़्त-लफ़ू इल्ला मिम्बअ्दि मा जा- अहुमुल् अिल्मु -बग्यम् बइनहुम्- बैनहुम्, इन्-न रब्ब-क यक़्ज़ी बैनहुम् यौमल् क़ियामति फ़ीमा कानू फ़ीहि यख़्तलिफ़ून

हिंदी अनुवाद

तथा दिये हमने उन्हें, खुले आदेश। तो उन्होंने विभेद नहीं किया, परन्तु अपने पास ज्ञान[1] आ जाने के पश्चात्, आपस के द्वेष के कारण। निःसंदेह आपका पालनहार ही निर्णय करेगा उनके बीच परलय के दिन, जिस बात में वे विभेद कर रहे हैं। 1. अर्थात वैध तथा अवैध, और सत्योसत्य का ज्ञान आ जाने के पश्चात्।

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ثُمَّ جَعَلْنَاكَ عَلَىٰ شَرِيعَةٍ مِّنَ الْأَمْرِ فَاتَّبِعْهَا وَلَا تَتَّبِعْ أَهْوَاءَ الَّذِينَ لَا يَعْلَمُونَ ﴾ 18 ﴿

Transliteration

सुम्-म जअ़ल्ना-क अ़ला शरी-अ़तिम्-मिनल् – अम्रि फत्तबिअ्हा व ला तत्तबिअ् अह्वा-अल्लज़ी-न ला यअ्लमून

हिंदी अनुवाद

फिर (हे नबी!) हमने कर दिया आपको एक खुले धर्म विधान पर, तो आप अनुसरण करें इसका तथा न चलें उनकी आकांक्षाओं पर, जो ज्ञान नहीं रखते।

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إِنَّهُمْ لَن يُغْنُوا عَنكَ مِنَ اللَّهِ شَيْئًا ۚ وَإِنَّ الظَّالِمِينَ بَعْضُهُمْ أَوْلِيَاءُ بَعْضٍ ۖ وَاللَّهُ وَلِيُّ الْمُتَّقِينَ ﴾ 19 ﴿

Transliteration

इन्नहुम् लंय्युग़नू अ़न्-क मिनल्लाहि शैअ़न्, व इन्नज़्ज़ालिमी-न बअ्ज़ुहुम् औलिया-उ बअ्ज़िन् वल्लाहु वलिय्युल्- मुत्तक़ीन

हिंदी अनुवाद

वास्तव में, वे आपके काम न आयेंगे अल्लाह के सामने कुछ। ये अत्याचारी एक-दूसरे के मित्र हैं और अल्लाह आज्ञाकारियों का साथी है।

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هَٰذَا بَصَائِرُ لِلنَّاسِ وَهُدًى وَرَحْمَةٌ لِّقَوْمٍ يُوقِنُونَ ﴾ 20 ﴿

Transliteration

हाज़ा बसा-इरु लिन्नासि व हुदंव्-व रहमतुल्- लिकौमिंय्-यूक़िनून

हिंदी अनुवाद

ये (क़ुर्आन) सूझ की बातें हैं, सब मनुष्यों के लिए तथा मार्गदर्शन एवं दया है, उनके लिए, जो विश्वास करें।

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‏ أَمْ حَسِبَ الَّذِينَ اجْتَرَحُوا السَّيِّئَاتِ أَن نَّجْعَلَهُمْ كَالَّذِينَ آمَنُوا وَعَمِلُوا الصَّالِحَاتِ سَوَاءً مَّحْيَاهُمْ وَمَمَاتُهُمْ ۚ سَاءَ مَا يَحْكُمُونَ ﴾ 21 ﴿

Transliteration

अम् हसिबल्लज़ीनज्त-रहुस्- सय्यिआति अन् नज्अ़-लहुम् कल्लज़ी-न आमनू व अ़मिलुस्सालिहाति, सवा-अम्- मह्याहुम् व ममातुहुम्, सा-अ मा यह्क़ुमून

हिंदी अनुवाद

क्या समझ रखा है जिन्होंने दुष्कर्म किया है कि हम कर देंगे उन्हें उनके समान, जो ईमान लाये तथा सदाचार किये हैं कि उनका जीवन तथा मरण समान[1] हो जाये? वे बुरा निर्णय कर रहे हैं। 1. अर्थात दोनों के परिणाम में अवश्य अन्तर होगा।

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وَخَلَقَ اللَّهُ السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضَ بِالْحَقِّ وَلِتُجْزَىٰ كُلُّ نَفْسٍ بِمَا كَسَبَتْ وَهُمْ لَا يُظْلَمُونَ ﴾ 22 ﴿

Transliteration

व ख़-लक़ल्लाहुस्-समावाति वल्- अर्ज़ बिल्हक़्क़ि व लितुज्ज़ा कुल्लु नफ़्सिम्-बिमा क सबत् व हुम् ला – युज़्लमून

हिंदी अनुवाद

तथा पैदा किया है अल्लाह ने आकाशों एवं धरती को, न्याय के साथ और ताकि बदला दिया जाये प्रत्येक प्राणी को, उसके कर्म का तथा उनपर अत्याचार नहीं किया जायेगा।

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أَفَرَأَيْتَ مَنِ اتَّخَذَ إِلَٰهَهُ هَوَاهُ وَأَضَلَّهُ اللَّهُ عَلَىٰ عِلْمٍ وَخَتَمَ عَلَىٰ سَمْعِهِ وَقَلْبِهِ وَجَعَلَ عَلَىٰ بَصَرِهِ غِشَاوَةً فَمَن يَهْدِيهِ مِن بَعْدِ اللَّهِ ۚ أَفَلَا تَذَكَّرُونَ ﴾ 23 ﴿

Transliteration

अ-फ़-रऐ-त मनित्त-ख़-ज़ इला-हहू हवाहु व अज़ल्लहुल्लाहु अ़ला अिल्मिंव्- व ख़-त-म अ़ला सम्अिही व क़ल्बिही व ज-अ़-ल अ़ला ब-सरिही ग़िशा-वतन्, फ़-मंय्-यह्दीहि मिम्बअ्दिल्लाहि, अ-फ़ला तज़क्करून

हिंदी अनुवाद

क्या आपने उसे देखा, जिसने बना लिया अपना पूज्य अपनी इच्छा को तथा कुपथ कर दिया अल्लाह ने उसे जानते हुए और मुहर लगा दी उसके कान तथा दिल पर और बना दिया उसकी आँख पर आवरण (पर्दा)? फिर कौन है, जो सीधी राह दिखायेगा उसे अल्लाह के पश्चात्? तो क्या तुम शिक्षा ग्रहण नहीं करते?

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وَقَالُوا مَا هِيَ إِلَّا حَيَاتُنَا الدُّنْيَا نَمُوتُ وَنَحْيَا وَمَا يُهْلِكُنَا إِلَّا الدَّهْرُ ۚ وَمَا لَهُم بِذَٰلِكَ مِنْ عِلْمٍ ۖ إِنْ هُمْ إِلَّا يَظُنُّونَ ﴾ 24 ﴿

Transliteration

व क़ालू मा हि-य इल्ला हयातुनद्-दुन्या नमूतु व नह्या व मा युह्लिकुना इल्लद्-दह्-रु व मा लहुम् बिज़ालि-क मिन् अिल्मिन् इन् हुम् इल्ला यज़ुन्नून

हिंदी अनुवाद

तथा उन्होंने कहा कि हमारा यही सांसारिक जीवन है। हम यहीं मरते और जीते हैं और हमारा विनाश, युग (काल) ही करता है। उन्हें इसका ज्ञान नहीं। वे केवल अनुमान की बात[1] कर रहे हैं। 1. ह़दीस में है कि अल्लाह फ़रमाता है कि मनुष्य मुझे बुरा कहता है। वह युग को बुरा कहता है जब कि युग मैं हूँ। रात और दिन मेरे हाथ में हैं। (सह़ीह़ बुख़ारीः6181) ह़दीस का अर्थ यह है कि युग को बुरा कहना अल्लाह को बुरा कहना है। क्योंकि युग में जो होता है उसे अल्लाह ही करता है।

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‏ وَإِذَا تُتْلَىٰ عَلَيْهِمْ آيَاتُنَا بَيِّنَاتٍ مَّا كَانَ حُجَّتَهُمْ إِلَّا أَن قَالُوا ائْتُوا بِآبَائِنَا إِن كُنتُمْ صَادِقِينَ ﴾ 25 ﴿

Transliteration

व इज़ा तुल्ला अ़लैहिम् आयातुना बय्यिनातिम् मा का-न हुज्ज-तहुम् इल्ला अन् क़ालुअ्तू बिआबा – इना इन् कुन्तुम् सादिक़ीन

हिंदी अनुवाद

और पढ़कर सुनाई जाती हैं उन्हें, हमारी खुली आयतें, तो उनका तर्क केवल ये होता है कि ले आओ हमारे पूर्वजों को, यदि तुम सच्चे हो।

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قُلِ اللَّهُ يُحْيِيكُمْ ثُمَّ يُمِيتُكُمْ ثُمَّ يَجْمَعُكُمْ إِلَىٰ يَوْمِ الْقِيَامَةِ لَا رَيْبَ فِيهِ وَلَٰكِنَّ أَكْثَرَ النَّاسِ لَا يَعْلَمُونَ ﴾ 26 ﴿

Transliteration

क़ुलिल्लाहु युह्यीकुम् सुम्-म युमीतुकुम् सुम्-म यज्मअुकुम् इला यौमिल् क़ियामति ला रै -ब फ़ीहि व लाकिन् न अक्सरन्-नासि ला यअ्लमून

हिंदी अनुवाद

आप कह दें: अल्लाह ही तुम्हें जीवन देता तथा मारता है, फिर एकत्र करेगा तुम्हें प्रलय के दिन, जिसमें कोई संदेह नहीं। परन्तु अधिक्तर लोग (इस तथ्य को) नहीं[1] जानते। 1. आयत का अर्थ यह है कि जीवन और मौत देना अल्लाह के हाथ में है। वही जीवन देता है तथा मारता है। और उस ने संसार में मरने के बाद प्रलय के दिन फिर जीवित करने का समय रखा है। ताकि उन के कर्मों का प्रतिफल प्रदान करे।

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وَلِلَّهِ مُلْكُ السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضِ ۚ وَيَوْمَ تَقُومُ السَّاعَةُ يَوْمَئِذٍ يَخْسَرُ الْمُبْطِلُونَ ﴾ 27 ﴿

Transliteration

व लिल्लाहि मुल्कुस्समावाति वल्अर्ज़ी, व यौ-म तक़ूमुस्सा-अ़तु यौमइज़िंय्-यख़्-सरुल्-मुब्तिलून

हिंदी अनुवाद

तथा अल्लाह ही का है आकाशों तथा धरती का राज्य और जिस दिन स्थापना होगी प्रलय की, तो उस दिन क्षति में पड़ जायेंगे झूठे।

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وَتَرَىٰ كُلَّ أُمَّةٍ جَاثِيَةً ۚ كُلُّ أُمَّةٍ تُدْعَىٰ إِلَىٰ كِتَابِهَا الْيَوْمَ تُجْزَوْنَ مَا كُنتُمْ تَعْمَلُونَ ﴾ 28 ﴿

Transliteration

व तरा कुल्-ल उम्म-तिन् जासि यतन्, कुल्लु उम्म-तिन् तुद्आ़ इला किताबिहा, अल्यौ म तुज्ज़ौ न मा कुन्तुम् तअ्मलून

हिंदी अनुवाद

तथा देखेंगे आप प्रत्येक समुदाय को घुटनों के बल गिरा हुआ। प्रत्येक समुदाय पुकारा जायेगा अपने कर्म-पत्र की ओर। आज, बदला दिया जायेगा तुम लोगों को, तुम्हारे कर्मों का।

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هَٰذَا كِتَابُنَا يَنطِقُ عَلَيْكُم بِالْحَقِّ ۚ إِنَّا كُنَّا نَسْتَنسِخُ مَا كُنتُمْ تَعْمَلُونَ ﴾ 29 ﴿

Transliteration

हाज़ा किताबुना यन्तिक़ु अ़लैकुम् बिल्हक़्क़ि, इन्ना कुन्ना नस्तन्सिख़ु मा कुन्तुम् तअ्मलून

हिंदी अनुवाद

ये हमारा कर्म-पत्र है, जो बोल रहा है तुमपर सह़ीह़ बात। वास्तव में, हम लिखवा रहे थे, जो कुछ तुम कर रहे थे।

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فَأَمَّا الَّذِينَ آمَنُوا وَعَمِلُوا الصَّالِحَاتِ فَيُدْخِلُهُمْ رَبُّهُمْ فِي رَحْمَتِهِ ۚ ذَٰلِكَ هُوَ الْفَوْزُ الْمُبِينُ ﴾ 30 ﴿

Transliteration

फ़-अम्मल्लज़ी-न आमनू व अ़मिलुस्- सालिहाति फ़-युद्ख़िलुहुम् रब्बुहुम् फ़ी रह्मतिही, ज़ालि-क हुवल् फ़ौज़ुल् मुबीन

हिंदी अनुवाद

तो जो ईमान लाये तथा सदाचार किये, उन्हें प्रवेश देगा उनका पालनहार अपनी दया में, यही प्रत्यक्ष (खुली) सफलता है।

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وَأَمَّا الَّذِينَ كَفَرُوا أَفَلَمْ تَكُنْ آيَاتِي تُتْلَىٰ عَلَيْكُمْ فَاسْتَكْبَرْتُمْ وَكُنتُمْ قَوْمًا مُّجْرِمِينَ ﴾ 31 ﴿

Transliteration

व अम्मल्लज़ी-न क-फ़रू, अ-फ़ लम् तकुन् आयाती तुल्ला अ़लैकुम् फ़स्तक्बर्तुम् व कुन्तुम् क़ौमम् – मुज्रिमीन

हिंदी अनुवाद

परन्तु जिन्होंने कुफ़्र किया, (उनसे कहा जायेगाः) क्या मेरी आयतें तुम्हें पढ़कर नहीं सुनायी जा रही थीं? तो तुमने घमंड किया तथा तुम अपराधी बनकर रहे?

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‏ وَإِذَا قِيلَ إِنَّ وَعْدَ اللَّهِ حَقٌّ وَالسَّاعَةُ لَا رَيْبَ فِيهَا قُلْتُم مَّا نَدْرِي مَا السَّاعَةُ إِن نَّظُنُّ إِلَّا ظَنًّا وَمَا نَحْنُ بِمُسْتَيْقِنِينَ ﴾ 32 ﴿

Transliteration

व इज़ा क़ी-ल इन्- न वअ्दल्लाहि हक़्क़ुंव् वस्सा-अ़तु ला रै-ब फ़ीहा क़ुल्तुम् मा नद्-री मस्सा-अ़तु इन्- नज़ुन्नु इल्ला ज़न्नंव्-व मा नह्नु बिमुस्तैक़िनीन

हिंदी अनुवाद

तो जब कहा जाता था कि निश्चय अल्लाह का वचन सच है तथा प्रलय होने में तनिक भी संदेह नहीं, तो तुम कहते थे कि प्रलय क्या है? हम तो केवल एक अनुमान रखते हैं तथा हम विश्वास करने वाले नहीं हैं।

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وَبَدَا لَهُمْ سَيِّئَاتُ مَا عَمِلُوا وَحَاقَ بِهِم مَّا كَانُوا بِهِ يَسْتَهْزِئُونَ ﴾ 33 ﴿

Transliteration

व बदा लहुम् सय्यिआतु मा अ़मिलू व हा-क़ बिहिम्-मा कानू बिही यस्तह्-ज़िऊन

हिंदी अनुवाद

तथा खुल जायेंगी उनके लिए, उनके दुष्कर्मों की बुराईयाँ और घेर लेगा उन्हें, जिसका वे उपहास कर रहे थे।

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وَقِيلَ الْيَوْمَ نَنسَاكُمْ كَمَا نَسِيتُمْ لِقَاءَ يَوْمِكُمْ هَٰذَا وَمَأْوَاكُمُ النَّارُ وَمَا لَكُم مِّن نَّاصِرِينَ ﴾ 34 ﴿

Transliteration

व क़ीलल्-यौ-म नन्साकुम् कमा नसीतुम् लिक़ा – अ यौमिकुम् हाज़ा व मअ्वाकुमुन्नारु व मा लकुम् मिन्- नासिरीन

हिंदी अनुवाद

और कहा जायेगा कि आज हम तुम्हें भुला देंगे,[1] जैसे तुमने इस दिन से मिलने को भुला दिया और तुम्हारा कोई सहायक नहीं है। 1. जैसे ह़दीस में आता है अल्लाह अपने कुछ बंदों से कहेगाः क्या मैं ने तुम्हें पत्नी नहीं दी थी? क्या मैं ने तुम्हें सम्मान नहीं दिया था? क्या मैं ने घोड़े तथा बैल इत्यादि तेरे आधीन नहीं किये थे? तू सरदारी भी करता तथा चुंगी भी लेता रहा। वह कहेगाः हाँ ये सह़ीह़ है, हे मेरे पालनहार! फिर अल्लाह उस से प्रश्न करेगाः क्या तुम्हें मुझ से मिलने का विश्वास था? वह कहेगाः "नहीं!" अल्लाह फ़रमायेगाः (तो आज मैं तुझे नरक में डाल कर भूल जाऊँगा जैसे तू मुझे भूला रहा। (सह़ीह़ मुस्लिमः 2968)

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ذَٰلِكُم بِأَنَّكُمُ اتَّخَذْتُمْ آيَاتِ اللَّهِ هُزُوًا وَغَرَّتْكُمُ الْحَيَاةُ الدُّنْيَا ۚ فَالْيَوْمَ لَا يُخْرَجُونَ مِنْهَا وَلَا هُمْ يُسْتَعْتَبُونَ ﴾ 35 ﴿

Transliteration

ज़ालिकुम् बि-अन्न-कुमुत्तख़ज़्तुम् आयातिल्लाहि हुज़ुवंव् व ग़र्रत्कुमुल्- हयातुद्-दुन्या फ़ल्यौ-म ला युख़्रजू-न मिन्हा व ला हुम् युस्तअ्-तबून

हिंदी अनुवाद

ये (यातना) इस कारण है कि तुमने बना लिया था अल्लाह की आयतों को उपहास तथा धोखे में रखा तुम्हें सांसारिक जीवन ने। तो आज वे नहीं निकाले जायेंगे (यातना से) और न उन्हें क्षमा माँगने का अवसर दिया जायेगा।[1] 1. अर्थात अल्लाह की निशानियों तथा आदेशों का उपहास तथा दुनिया के धोखे में लिप्त रहना। यह दो अपराध ऐसे हैं जिन्होंने तुम्हें नरक की यातना का पात्र बना दिया। अब उस से निकलने की संभावना नहीं तथा न इस बात की आशा है कि किसी प्रकार तुम्हें तौबा तथा क्षमा याचना का अवसर प्रदान कर दिया जाये और तुम क्षमा माँग कर अल्लाह को मना लो।

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فَلِلَّهِ الْحَمْدُ رَبِّ السَّمَاوَاتِ وَرَبِّ الْأَرْضِ رَبِّ الْعَالَمِينَ ﴾ 36 ﴿

Transliteration

फ़लिल्लाहिल्- हम्दु रब्बिस्समावाति व रब्बिल् अर्ज़ी रब्बिल् आ़लमीन

हिंदी अनुवाद

तो अल्लाह के लिए सब प्रशंसा है, जो आकाशों तथा धरती का पालनहार एवं सर्वलोक का पनालनहार है।

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وَلَهُ الْكِبْرِيَاءُ فِي السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضِ ۖ وَهُوَ الْعَزِيزُ الْحَكِيمُ ﴾ 37 ﴿

Transliteration

व लहुल्- किब्रिया- उ फ़िस्समावाति वल्अर्ज़ि, व हुवल् अ़ज़ीज़ुल हकीम

हिंदी अनुवाद

और उसी की महिमा[1] है आकाशों तथा धरती में और वही प्रबल और सब गुणों को जानने वाला है। 1. अर्थात महिमा और बड़ाई अल्लाह के लिये विशेष है। जैसा कि एक ह़दीस क़ुद्सी में अल्लाह तआला ने फ़रमाया है कि महिमा मेरी चादर है तथा बड़ाई मेरा तहबंद है। और जो भी इन दोनों में से किसी एक को मुझ से खींचेगा तो मैं उसे नरक में फेंक दूँगा। (सह़ीह़ मुस्लिमः 2620)

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