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कुरआन मजीद

Quran in Hindi

57. सूरह अल-हदीद – 1-29

सूरह हदीद के संक्षिप्त विषय

यह सूरह मनी है, इस में 29 आयत है।

  • इस सूरह की आयत 25 में हदीद शब्द आया है। जिस का अर्थः ((लोहा)) है इस लिये इस का नाम सूरह हदीद पड़ा है।
  • इस में अल्लाह की पवित्रता तथा उस के गुणों का वर्णन किया गया है। और शुद्ध मन से ईमान लाने तथा उस की माँगों को पूरा करने का निर्देश दिया गया है।
  • इस में ईमान वालों को शुभसूचना दी गई है कि प्रलय के दिन के लिये ज्योति होगी। जिस से मुनाफिक वंचित रहेंगे और उन की यातना की दशा को दिखाया गया है।
  • आयत 16 से 24 तक में बताया गया है कि ईमान क्या चाहता है। और संसार का अपेक्षा परलोक को लक्ष्य बनाने की प्रेरणा दी गई है।
  • आयत 25 से 27 तक न्याय की स्थापना के लिये बल प्रयोग को आवश्यक करार देते हुये जिहाद की प्रेरणा दी गई है। और रुहबानिय्यत (सन्यास) का खण्डन किया गया है।
  • अन्तिम आयतों में आज्ञाकारी ईमान वालों को प्रकाश तथा बड़ी दया प्रदान किये जाने की शुभ सूचना दी गई है।

सूरह अल-हदीद | Surah Hadid in Hindi

بِسْمِ اللَّـهِ الرَّحْمَـٰنِ الرَّحِيمِ

बिस्मिल्लाह-हिर्रहमान-निर्रहीम

अल्लाह के नाम से, जो अत्यन्त कृपाशील तथा दयावान् है।

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سَبَّحَ لِلَّهِ مَا فِي السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضِ ۖ وَهُوَ الْعَزِيزُ الْحَكِيمُ ﴾ 1 ﴿

Transliteration

सब्ब-ह लिल्लाहि मा फ़िस्समावाति वल्अर्ज़ि व हुवल् अज़ीज़ुल् – हकीम

हिंदी अनुवाद

अल्लाह की पवित्रता का गान करता है, जो भी आकाशों तथा धरती में है और वह प्रबल, गुणी है।

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لَهُ مُلْكُ السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضِ ۖ يُحْيِي وَيُمِيتُ ۖ وَهُوَ عَلَىٰ كُلِّ شَيْءٍ قَدِيرٌ ﴾ 2 ﴿

Transliteration

लहू मुल्कुस्समावाति वल्अर्ज़ि युह्यी व युमीतु व हु-व अ़ला कुल्लि शैइन् क़दीर

हिंदी अनुवाद

उसी का है आकाशों तथा धरती का राज्य। वह जीवन देता है तथा मारता है और वह जो चाहे, कर सकता है।

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هُوَ الْأَوَّلُ وَالْآخِرُ وَالظَّاهِرُ وَالْبَاطِنُ ۖ وَهُوَ بِكُلِّ شَيْءٍ عَلِيمٌ ﴾ 3 ﴿

Transliteration

हुवल्-अव्वलु वल्-आख़िरु वज़्ज़ाहिरु वल्-बातिनु व हु-व बिकुल्लि शैइन् अ़लीम

हिंदी अनुवाद

वही प्रथम, वही अन्तिम और प्रत्यक्ष तथा गुप्त है और वह प्रत्येक वस्तु का जानने वाला है।

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هُوَ الَّذِي خَلَقَ السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضَ فِي سِتَّةِ أَيَّامٍ ثُمَّ اسْتَوَىٰ عَلَى الْعَرْشِ ۚ يَعْلَمُ مَا يَلِجُ فِي الْأَرْضِ وَمَا يَخْرُجُ مِنْهَا وَمَا يَنزِلُ مِنَ السَّمَاءِ وَمَا يَعْرُجُ فِيهَا ۖ وَهُوَ مَعَكُمْ أَيْنَ مَا كُنتُمْ ۚ وَاللَّهُ بِمَا تَعْمَلُونَ بَصِيرٌ ﴾ 4 ﴿

Transliteration

हुवल्लज़ी ख़-लक़स्सावाति वल्अर्-ज़ फ़ी सित्तति अय्यामिन् सुम्मस्तवा अ़ललू-अर्शि, यअ्लमु मा यलिजु फ़िल्अर्ज़ि व मा यख़्रुजु मिन्हा व मा यन्ज़िलु मिनस्समा-इ व मा यअ्-रुजु फ़ीहा, व हु-व म-अ़कुम् ऐनमा कुन्तुम्, वल्लाहु बिमा तअ्मलू-न बसीर

हिंदी अनुवाद

उसीने उत्पन्न किया है आकाशों तथा धरती को छः दिनों में, फिर स्थित हो गया अर्श (सिंहासन) पर। वह जानता है उसे, जो प्रवेश करता है धरती में, जो निकलता है उससे, जो उतरता है आकाश से तथा चढ़ता है उसमें और वह तुम्हारे साथ[1] है जहाँ भी तुम रहो और अल्लाह जो कुछ तुम कर रहे हो, उसे देख रहा है। 1. अर्थात अपने सामर्थ्य तथा ज्ञान द्वारा। आयत का भावार्थ यह है कि अल्लाह सदा से है और सदा रहेगा। प्रत्येक चीज़ का अस्तित्व उस के अस्तित्व के पश्चात् है। वही नित्य है, विश्व की प्रत्येक वस्तु उस के होने को बता रही है फिर भी वह ऐसा गुप्त है कि दिखाई नहीं देता।

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‏ لَّهُ مُلْكُ السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضِ ۚ وَإِلَى اللَّهِ تُرْجَعُ الْأُمُورُ ‎ ﴾ 5 ﴿

Transliteration

लहू मुल्कु स्समावाति वल्अर्ज़ि, व इलल्लाहि तुर्ज उल्-उमूर

हिंदी अनुवाद

उसी का है आकाशों तथा धरती का राज्य और उसी की ओर फेरे जाते हैं सब मामले (निर्णय के लिए)।

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‏ يُولِجُ اللَّيْلَ فِي النَّهَارِ وَيُولِجُ النَّهَارَ فِي اللَّيْلِ ۚ وَهُوَ عَلِيمٌ بِذَاتِ الصُّدُورِ ﴾ 6 ﴿

Transliteration

यूलिजुल्लै-ल फ़िन्नहारि व यूलिजुन् नहा – र फ़िल्लैलि, व हु-व अ़लीमुम् बिज़ातिस्-सुदूर

हिंदी अनुवाद

वह प्रवेश करता है रात्रि को दिन में और प्रवेश करता है दिन को रात्रि में तथा वह सीनों के भेदों से पूर्णतः अवगत है।

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آمِنُوا بِاللَّهِ وَرَسُولِهِ وَأَنفِقُوا مِمَّا جَعَلَكُم مُّسْتَخْلَفِينَ فِيهِ ۖ فَالَّذِينَ آمَنُوا مِنكُمْ وَأَنفَقُوا لَهُمْ أَجْرٌ كَبِيرٌ ﴾ 7 ﴿

Transliteration

आमिनू बिल्लाहि व रसूलिही व अन्फ़िक़ू मिम्मा ज-अ़-लकुम् मुस्तख़-लफ़ी-न फ़ीहि, फ़ल्लज़ी – न आमनू मिन्कुम् व अन्फ़क़ू लहुम् अज्रून कबीर

हिंदी अनुवाद

तुम सभी ईमान लाओ अल्लाह तथा उसके रसूल पर और व्यय करो उसमें से जिसमें उसने अधिकार दिया है तुम्हें। तो जो लोग ईमान लायेंगे तुममें से तथा दान करेंगे, तो उन्हीं के लिए बड़ा प्रतिफल है।

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وَمَا لَكُمْ لَا تُؤْمِنُونَ بِاللَّهِ ۙ وَالرَّسُولُ يَدْعُوكُمْ لِتُؤْمِنُوا بِرَبِّكُمْ وَقَدْ أَخَذَ مِيثَاقَكُمْ إِن كُنتُم مُّؤْمِنِينَ ﴾ 8 ﴿

Transliteration

व मा लकुम् ला तु अ्मिनू-न बिल्लाहि वर्रसूलु यद्अूकुम् लितुअ्मिनू बि-रब्बिकुम् व क़द् अ-ख़-ज़ मीसा-क़कुम् इन् कुन्तुम् मुअ्मिनीन

हिंदी अनुवाद

और तुम्हें क्या हो गया है कि ईमान नहीं लाते अल्लाह पर, जबकि रसूल[1] तुम्हें पुकार रहा है, ताकि तुम ईमान लाओ अपने पालनहार पर, जबकि अल्लाह ले चुका है तुमसे वचन,[2] यदि तुम ईमान वाले हो। 1. अर्थात मुह़म्मद (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम)। 2. (देखियेः सूरह आराफ़, आयतः 172)। इब्ने कसीर ने इस से अभिप्राय वह वचन लिया है जिस का वर्णन सूरह माइदा, आयतः 7 में है। जो नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के द्वारा सह़ाबा से लिया गया कि वह आप की बातें सुनेंगे तथा सुख-दुःख में अनुपालन करेंगे। और प्रिय और अप्रिय में सच बोलेंगे। तथा किसी की निन्दा से नहीं डरेंगे। (बुख़ारीः 7199, मुस्लिमः1709)

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هُوَ الَّذِي يُنَزِّلُ عَلَىٰ عَبْدِهِ آيَاتٍ بَيِّنَاتٍ لِّيُخْرِجَكُم مِّنَ الظُّلُمَاتِ إِلَى النُّورِ ۚ وَإِنَّ اللَّهَ بِكُمْ لَرَءُوفٌ رَّحِيمٌ ﴾ 9 ﴿

Transliteration

हुवल्लज़ी युनज़्ज़िलु अ़ला अ़ब्दिही आयातिम् बय्यिनातिल्-लियुख़रि- जकुम् मिनज़्ज़ुलुमाति इलन्नूरि, व इन्नल्लाह बिकुम् ल-रऊफ़ुर्रहीम

हिंदी अनुवाद

वही है, जो उतार रहा है अपने भक्त पर खुली आयतें, ताकि वह तुम्हें निकाले अंधेरों से प्रकाश की ओर तथा वास्तव में, अल्लाह तुम्हारे लिए अवश्य करुणामय, दयावान् है।

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وَمَا لَكُمْ أَلَّا تُنفِقُوا فِي سَبِيلِ اللَّهِ وَلِلَّهِ مِيرَاثُ السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضِ ۚ لَا يَسْتَوِي مِنكُم مَّنْ أَنفَقَ مِن قَبْلِ الْفَتْحِ وَقَاتَلَ ۚ أُولَٰئِكَ أَعْظَمُ دَرَجَةً مِّنَ الَّذِينَ أَنفَقُوا مِن بَعْدُ وَقَاتَلُوا ۚ وَكُلًّا وَعَدَ اللَّهُ الْحُسْنَىٰ ۚ وَاللَّهُ بِمَا تَعْمَلُونَ خَبِيرٌ ﴾ 10 ﴿

Transliteration

व मा लकुम् अल्-ला तुन्फ़िक़ू फ़ी सबीलिल्लाहि व लिल्लाहि मीरासुस्समावाति वल्अर्ज़ि, ला यस्तवी मिन्कुम् मन् अन्फ़-क़ मिन् कब्लिल्-फ़त्हि व कात-ल, उलाइ-क अअ्-ज़मु द-र-जतम् – मिनल्लज़ी-न अ न्फ़क़ू मिम्बअ्दु व क़ातलू, व कुल्लंव्-व- अ़दल्लाहुल्-हुस्ना, वल्लाहु बिमा तअ्मलू-न ख़बीर

हिंदी अनुवाद

और क्या कारण है कि तुम व्यय नहीं करते अल्लाह की राह में, जबकि अल्लाह ही के लिए है आकाशों और धरती का उत्तराधिकार। नहीं बराबर हो सकते तुममें से वे जिन्होंने दान किया (मक्का) की विजय से पहले तथा धर्मयुध्द किया। वही लोग पद में अधिक ऊँचे हैं उनसे, जिन्होंने दान किया उसके पश्चात्[1] तथा धर्मयुध्द किया तथा प्रत्येक को अल्लाह ने वचन दिया है भलाई का तथा अल्लाह जो कुछ तुम करते हो, उससे पूर्णतः सूचित है। 1. ह़दीस में है कि कोई उह़ुद (पर्वत) के बराबर भी सोना दान करे तो मेरे सह़ाबा के चौथाई अथवा आधा किलो के बराबर भी नहीं होगा। (सह़ीह़ बुख़ारीः 3673, सह़ीह़ मुस्लिमः 2541)

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مَّن ذَا الَّذِي يُقْرِضُ اللَّهَ قَرْضًا حَسَنًا فَيُضَاعِفَهُ لَهُ وَلَهُ أَجْرٌ كَرِيمٌ ﴾ 11 ﴿

Transliteration

मन् ज़ल्लज़ी युक़िरज़ुल्ला-ह क़र्ज़न् ह-सनन् फ़-युज़ाअि-फ़हू लहू व लहू अजरुन् करीम

हिंदी अनुवाद

कौन है, जो ऋण दे अल्लाह को अच्छा ऋण? जिसे वह दुगुना कर दे उसके लिए और उसी के लिए अच्छा प्रतिदान है। 1. ऋण से अभिप्राय अल्लाह की राह में धन दान करना है।

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يَوْمَ تَرَى الْمُؤْمِنِينَ وَالْمُؤْمِنَاتِ يَسْعَىٰ نُورُهُم بَيْنَ أَيْدِيهِمْ وَبِأَيْمَانِهِم بُشْرَاكُمُ الْيَوْمَ جَنَّاتٌ تَجْرِي مِن تَحْتِهَا الْأَنْهَارُ خَالِدِينَ فِيهَا ۚ ذَٰلِكَ هُوَ الْفَوْزُ الْعَظِيمُ ﴾ 12 ﴿

Transliteration

यौ – म तरल् – मुअ्मिनी-न वल्मुअ्मिनाति यस्आ नूरुहुम् बै-न ऐदीहिम् व बि-ऐमानिहिम् बुश्राकुमुल्-यौ-म जन्नातुन् तज्री मिन् तह्तिहल्-अन्हारु ख़ालिदी-न फ़ीहा, ज़ालि-क हुवल् फ़ौजुल्-अ़ज़ीम

हिंदी अनुवाद

जिस दिन तुम देखोगे ईमान वालों तथा ईमान वालियों को कि दौड़ रहा[1] होगा उनका प्रकाश उनके आगे तथा उनके दायें। तुम्हें शुभ सूचना है ऐसे स्वर्गों की, बहती हैं जिनमें नहरें, जिनमें तुम सदावासी होगे, वही बड़ी सफलता है। 1. यह प्रलय के दिन होगा जब वह अपने ईमान के प्रकाश में स्वर्ग तक पहुँचेंगे।

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‏ يَوْمَ يَقُولُ الْمُنَافِقُونَ وَالْمُنَافِقَاتُ لِلَّذِينَ آمَنُوا انظُرُونَا نَقْتَبِسْ مِن نُّورِكُمْ قِيلَ ارْجِعُوا وَرَاءَكُمْ فَالْتَمِسُوا نُورًا فَضُرِبَ بَيْنَهُم بِسُورٍ لَّهُ بَابٌ بَاطِنُهُ فِيهِ الرَّحْمَةُ وَظَاهِرُهُ مِن قِبَلِهِ الْعَذَابُ ﴾ 13 ﴿

Transliteration

यौ म यक़ूलुल्-मुनाफ़िक़ू-न वल्- मुनाफ़िक़ातु लिल्लज़ी-न आमनुन्ज़ुरूना नक़्तबिस् मिन्- नूरिकुम् कीलर्जिऊ वरा-अकुम् फ़ल्तमिसू नूरन्, फ़जुरि-ब बैनहुम् बिसूरिल्-लहू बाबुन्, बातिनुहू फ़ीहिर्रह्मतु व ज़ाहिरुहू मिन् क़ि-बलिहिल्-अ़ज़ाब

हिंदी अनुवाद

जिस दिन कहेंगे मुनाफ़िक़ पुरुष तथा मुनाफ़िक़ स्त्रियाँ उनसे, जो ईमान लाये कि हमारी प्रतीक्षा करो, हम प्राप्त कर लें तुम्हारे प्रकाश में से कुछ। उनसे कहा जायेगाः तुम पीछे वापस जाओ और प्रकाश की खोज करो।[1] फिर बना दी जायेगी उनके बीच एक दीवार, जिसमें एक द्वार होगा। उसके भीतर दया होगी तथा उसके बाहर यातना होगी। 1. अर्थात संसार में जा कर ईमान तथा सदाचार के प्रकाश की खोज करो किन्तु यह असंभव होगा।

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يُنَادُونَهُمْ أَلَمْ نَكُن مَّعَكُمْ ۖ قَالُوا بَلَىٰ وَلَٰكِنَّكُمْ فَتَنتُمْ أَنفُسَكُمْ وَتَرَبَّصْتُمْ وَارْتَبْتُمْ وَغَرَّتْكُمُ الْأَمَانِيُّ حَتَّىٰ جَاءَ أَمْرُ اللَّهِ وَغَرَّكُم بِاللَّهِ الْغَرُورُ ﴾ 14 ﴿

Transliteration

युनादूनहुम् अलम् नकुम् म-अ़कुम्, क़ालू बला व लाकिन्नकुम् फ़तन्तुम् अन्फ़ु-सकुम् व तरब्बस्तुम् वर्तब्तुम् व ग़र्रत्कुमुल् – अमानिय्यु हत्ता जा अ अम्-रुल्लाहि व ग़र्र कुम् बिल्लाहिल्-ग़रूर

हिंदी अनुवाद

वे उन्हें पुकारेंगेः क्या हम (संसार में) तुम्हारे साथ नहीं थे? (वे कहेंगेः) परन्तु तुमने उपद्रव में डाल दिया अपने आपको और प्रतीक्षा[1] में रहे तथा संदेह किया और धोखे में रखा तुम्हें तुम्हारी कामनाओं ने। यहाँ तक कि आ पहुँचा अल्लाह का आदेश और धोखे ही में रखा तुम्हें बड़े वंचक (शैतान) ने। 1. कि मुसलमानों पर कोई आपदा आये।

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فَالْيَوْمَ لَا يُؤْخَذُ مِنكُمْ فِدْيَةٌ وَلَا مِنَ الَّذِينَ كَفَرُوا ۚ مَأْوَاكُمُ النَّارُ ۖ هِيَ مَوْلَاكُمْ ۖ وَبِئْسَ الْمَصِيرُ ﴾ 15 ﴿

Transliteration

फ़ल्यौ – म ला युअ् – ख़ज़ु मिन्कुम् फ़िद्-यतुंव्-व ला मिनल्लज़ी-न क- फ़रू, मअ्वाकुमुन्नारु, हि-य मौलाकुम्, व बिअ्सल्-मसीर

हिंदी अनुवाद

तो आज तुमसे कोई अर्थदण्ड नहीं लिया जायेगा और न काफ़िरों से। तुम्हारा आवास नरक है, वही तुम्हारे योग्य है और वह बुरा निवास है।

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أَلَمْ يَأْنِ لِلَّذِينَ آمَنُوا أَن تَخْشَعَ قُلُوبُهُمْ لِذِكْرِ اللَّهِ وَمَا نَزَلَ مِنَ الْحَقِّ وَلَا يَكُونُوا كَالَّذِينَ أُوتُوا الْكِتَابَ مِن قَبْلُ فَطَالَ عَلَيْهِمُ الْأَمَدُ فَقَسَتْ قُلُوبُهُمْ ۖ وَكَثِيرٌ مِّنْهُمْ فَاسِقُونَ ﴾ 16 ﴿

Transliteration

अलम् यअ्नि लिल्लज़ी-न आमनू अन् तख़्श-अ़ क़ुलूबुहुम् लिज़िक्रिल्लाहि व मा न-ज़-ल मिनल्-हक़्क़ि व ला यकूनू कल्लज़ी-न ऊतुल्-किता-ब मिन् क़ब्लु फ़ता-ल अ़लैहिमुल्-अ-मदु फ़-क़सत् क़ुलूबुहुम्, व कसीरुम्-मिन्हुम् फ़ासिक़ून

हिंदी अनुवाद

क्या समय नहीं आया ईमान वालों के लिए कि झुक जायें उनके दिल अल्लाह के स्मरण (याद) के लिए तथा जो उतरा है सत्य और न हो जायें उनके समान, जिन्हें प्रदान की गयीं पुस्तकें इससे पूर्व, फिर लम्बी अवधि व्यतीत हो गयी उनपर, तो कठोर हो गये उनके दिल[1] तथा उनमें अधिक्तर अवज्ञाकारी हैं। 1. (देखियेः सूरह माइदा, आयतः13)

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‏ اعْلَمُوا أَنَّ اللَّهَ يُحْيِي الْأَرْضَ بَعْدَ مَوْتِهَا ۚ قَدْ بَيَّنَّا لَكُمُ الْآيَاتِ لَعَلَّكُمْ تَعْقِلُونَ ﴾ 17 ﴿

Transliteration

इअ्-लमू अन्नल्ला-ह युह्यिल्-अर्ज़ बअ्-द मौतिहा, क़द् बय्यन्ना लकुमुल्-आयाति लअ़ल्लकुम् तअ्क़िलून

हिंदी अनुवाद

जान लो कि अल्लाह ही जीवित करता है धरती को, उसके मरण के पश्चात्, हमने उजागर कर दी हैं तुम्हारे लिए निशानियाँ, ताकि तुम समझो।

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إِنَّ الْمُصَّدِّقِينَ وَالْمُصَّدِّقَاتِ وَأَقْرَضُوا اللَّهَ قَرْضًا حَسَنًا يُضَاعَفُ لَهُمْ وَلَهُمْ أَجْرٌ كَرِيمٌ ﴾ 18 ﴿

Transliteration

इन्नल्-मुस्सद्दिक़ी-न वल्-मुस्सद्दिक़ाति व अक़्रज़ुल्ला-ह क़र्ज़न् ह-सनंय् – युज़ा – अ़फु लहुम् व लहुम् अज्-रून् करीम

हिंदी अनुवाद

वस्तुतः, दान करने वाले पुरुष तथा दान करने वाली स्त्रियाँ तथा जिन्होंने ऋण दिया है अल्लाह को अच्छा ऋण,[1] उसे बढ़ाया जायेगा उनके लिए और उन्हीं के लिए अच्छा प्रतिदान है। 1. ह़दीस में है कि जो पवित्र कमाई से एक खजूर के बराबर भी दान करता है तो अल्लाह उसे पोसता है जैसे कोई घोड़े के बच्चे को पोसता है यहाँ तक कि पर्वत के समान हो जाता है। (सह़ीह़ बुख़ारीः 1014)

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وَالَّذِينَ آمَنُوا بِاللَّهِ وَرُسُلِهِ أُولَٰئِكَ هُمُ الصِّدِّيقُونَ ۖ وَالشُّهَدَاءُ عِندَ رَبِّهِمْ لَهُمْ أَجْرُهُمْ وَنُورُهُمْ ۖ وَالَّذِينَ كَفَرُوا وَكَذَّبُوا بِآيَاتِنَا أُولَٰئِكَ أَصْحَابُ الْجَحِيمِ ﴾ 19 ﴿

Transliteration

वल्लज़ी-न आमनू बिल्लाहि व रुसुलिही उलाइ-क हुमुस्-सिद्दीक़ू-न वश्शु-हदा-उ अिन्-द रब्बिहिम्, लहुम् अज्-रूहुम् व नूरुहुम्, वल्लज़ी-न क-फ़रू व कज़्ज़बू बिआयातिना उलाइ-क अस्हाबुल्-जहीम

हिंदी अनुवाद

तथा जो ईमान लाये अल्लाह और उसके रसूलों[1] पर, वही सिद्दीक़ तथा शहीद[2] हैं अपने पालनहार के समीप। उन्हीं के लिए उनका प्रतिफल तथा उनकी दिव्या ज्योति है और जो काफ़िर हो गये और झ़ठलाया हमारी आयतों को, तो वही नारकीय हैं। 1. अर्थात बिना अन्तर और भेद-भाव किये सभी रसूलों पर ईमान लाये। 2. सिद्दीक़ का अर्थ हैः बड़ा सच्चा। और शहीद का अर्थ गवाह है। (देखियेः सूरह बक़रह, आयतः 143, और सूरह ह़ज्ज, आयतः 78)। शहीद का अर्थ अल्लाह की राह में मारा गया व्यक्ति भी है।

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اعْلَمُوا أَنَّمَا الْحَيَاةُ الدُّنْيَا لَعِبٌ وَلَهْوٌ وَزِينَةٌ وَتَفَاخُرٌ بَيْنَكُمْ وَتَكَاثُرٌ فِي الْأَمْوَالِ وَالْأَوْلَادِ ۖ كَمَثَلِ غَيْثٍ أَعْجَبَ الْكُفَّارَ نَبَاتُهُ ثُمَّ يَهِيجُ فَتَرَاهُ مُصْفَرًّا ثُمَّ يَكُونُ حُطَامًا ۖ وَفِي الْآخِرَةِ عَذَابٌ شَدِيدٌ وَمَغْفِرَةٌ مِّنَ اللَّهِ وَرِضْوَانٌ ۚ وَمَا الْحَيَاةُ الدُّنْيَا إِلَّا مَتَاعُ الْغُرُورِ ﴾ 20 ﴿

Transliteration

इअ्-लमू अन्नमल्-हयातुद्-दुन्या लअिबुंव्-व लह्वुंव्-व ज़ी-नतुंव्-व तफ़ाख़ुरुम् – बैनकुम् व तकासुरुन् फिल्- अम्वालि वल्-औलादि, क-म-सलि ग़ैसिन् अअ्-जबल्-कुफ़्फ़ा-र नबातुहू सुम्- म यहीजु फ़-तराहु मुस्फ़र्रन् सुम्-म यकूनु हुतामनू, व फ़िल्-आख़िरति अ़ज़ाबुन् शदीदुंव्-व मग़्फ़ि-रतुम् – मिनल्लाहि व रिज़्वानुन्, व मल्-हयातुद्- दुन्या इल्ला मताअुल्- ग़ुरूर

हिंदी अनुवाद

जान लो कि सांसारिक जीवन एक खेल, मनोरंजन, शोभा,[1] आपस में गर्व तथा एक-दूसरे से बढ़ जाने का प्रयास है, धनों तथा संतान में। उस वर्षा के समान भा गयी किसानों को जिसकी उपज, फिर वह पक गयी, तो तुम उसे देखने लगे पीली, फिर वह हो जाती है चूर-चूर और परलोक में कड़ी यातना है तथा अल्लाह की क्षमा और प्रसन्नता है और सांसारिक जीवन तो बस धोखे का संसाधन है। 1. इस में संसारिक जीवन की शोभा की उपमा वर्षा की उपज की शोभा से दी गई है। जो कुछ ही दिन रहती है फिर चूर-चूर हो जाती है।

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‏ سَابِقُوا إِلَىٰ مَغْفِرَةٍ مِّن رَّبِّكُمْ وَجَنَّةٍ عَرْضُهَا كَعَرْضِ السَّمَاءِ وَالْأَرْضِ أُعِدَّتْ لِلَّذِينَ آمَنُوا بِاللَّهِ وَرُسُلِهِ ۚ ذَٰلِكَ فَضْلُ اللَّهِ يُؤْتِيهِ مَن يَشَاءُ ۚ وَاللَّهُ ذُو الْفَضْلِ الْعَظِيمِ ﴾ 21 ﴿

Transliteration

साबिक़ू इला मग़्फ़ि-रतिम्-मिर्रब्बिकुम् व जन्नतिन् अ़र्जुहा क-अ़र्जिस्समा – इ वल्अ़र्ज़ि उइद्दित् लिल्लज़ी-न आमनू बिल्लाहि व रुसुलिही, ज़ालि-क फ़ज़्लुल्लाहि युअ्तीहि मंय्यशा-उ, वल्लाहु ज़ुल् – फ़ज़्लिल् – अ़ज़ीम

हिंदी अनुवाद

एक-दूसरे से आगे बढ़ो अपने पालनहार की क्षमा तथा उस स्वर्ग की ओर, जिसका विस्तार आकाश तथा धरती के विस्तार के[1] समान है। जो तैयार की गयी है उनके लिए, जो ईमान लायें अल्लाह और उसके रसूलों पर। ये अल्लाह का अनुग्रह है, वह प्रदान करता है उसे, जिसे चाहता है और अल्लाह बड़ा उदार (दयाशील) है। 1. (देखियेः सूरह आले इमरान, आयतः 133)

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مَا أَصَابَ مِن مُّصِيبَةٍ فِي الْأَرْضِ وَلَا فِي أَنفُسِكُمْ إِلَّا فِي كِتَابٍ مِّن قَبْلِ أَن نَّبْرَأَهَا ۚ إِنَّ ذَٰلِكَ عَلَى اللَّهِ يَسِيرٌ ‎ ﴾ 22 ﴿

Transliteration

मा असा-ब मिम्-मुसी-बतिन् फ़िल्अर्ज़ि व ला फ़ी अऩ्फ़ुसिकुम् इल्ला फ़ी किताबिम् – मिन् क़ब्लि अन्- नब्र-अहा, इन्-न ज़ालि क अ़लल्लाहि यसीर

हिंदी अनुवाद

नहीं पहुँचती कोई आपदा धरती में और न तुम्हारे प्राणों में, परन्तु वह एक पुस्तक में लिखी है, इससे पूर्व की हम उसे उत्पन्न करें[1] और ये अल्लाह के लिए अति सरल है। 1. अर्थात इस विश्व और मनुष्य के अस्तित्व से पूर्व ही अल्लाह ने अपने ज्ञान अनुसार 'लौह़े मह़फ़ूज़' (सुरक्षित पुस्तक) में लिख रखा है। ह़दीस में है कि अल्लाह ने पूरी उत्पत्ति का भाग्य आकाशों तथा धरती की रचना से पचास हज़ार वर्ष पहले लिख दिया। जब कि उस का अर्श पानी पर था। (सह़ीह़ मुस्लिमः 2653)

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لِّكَيْلَا تَأْسَوْا عَلَىٰ مَا فَاتَكُمْ وَلَا تَفْرَحُوا بِمَا آتَاكُمْ ۗ وَاللَّهُ لَا يُحِبُّ كُلَّ مُخْتَالٍ فَخُورٍ ﴾ 23 ﴿

Transliteration

लिकैला तअसौ अ़ला मा फ़ातकुम् व ला तफ़्रहू बिमा आताकुम्, वल्लाहु ला युहिब्बु कुल्-ल मुख़्तालिन् फ़ख़ूर

हिंदी अनुवाद

ताकि तुम शोक न करो उसपर, जो तुमसे खो जाये और न इतराओ उसपर, जो तुम्हें प्रदान किया है और अल्लाह प्रेम नहीं करता किसी इतरान, गर्व करने वाले से।

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‏ الَّذِينَ يَبْخَلُونَ وَيَأْمُرُونَ النَّاسَ بِالْبُخْلِ ۗ وَمَن يَتَوَلَّ فَإِنَّ اللَّهَ هُوَ الْغَنِيُّ الْحَمِيدُ ﴾ 24 ﴿

Transliteration

अल्लज़ी-न यब्ख़लू-न व यअ्मुरुनन्ना – स बिल्बुख़्लि, व मंय्य – तवल्-ल फ़-इन्नल्ला -ह हुवल् ग़निय्युल्-हमीद

हिंदी अनुवाद

जो कंजूसी करते हैं और आदेश देते हैं लोगों को कंजूसी करने का तथा जो विमुख होगा, तो निश्चय अल्लाह निस्पृह, सराहनीय है।

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لَقَدْ أَرْسَلْنَا رُسُلَنَا بِالْبَيِّنَاتِ وَأَنزَلْنَا مَعَهُمُ الْكِتَابَ وَالْمِيزَانَ لِيَقُومَ النَّاسُ بِالْقِسْطِ ۖ وَأَنزَلْنَا الْحَدِيدَ فِيهِ بَأْسٌ شَدِيدٌ وَمَنَافِعُ لِلنَّاسِ وَلِيَعْلَمَ اللَّهُ مَن يَنصُرُهُ وَرُسُلَهُ بِالْغَيْبِ ۚ إِنَّ اللَّهَ قَوِيٌّ عَزِيزٌ ﴾ 25 ﴿

Transliteration

ल-क़द् अर्सल्ना रुसु-लना बिल्बय्यिनाति व अन्ज़ल्ना म- अ़हुमुल्- किता-ब वल्मीज़ा-न लि-यक़ूमन्नासु बिल् क़िस्ति व अन्ज़ल्नल् – हदी- द फ़ीहि बअ्सुन् शदीदुंव्-व मनाफ़िअु लिन्नासि व लि-यअ् – लमल्लाहु मंय्यन्सुरुहू व रुसु – लहू बिल्ग़ैबि, इन्नल्ला-ह क़विय्युन् अ़ज़ीज़

हिंदी अनुवाद

निःसंदेह, हमने भेजा है अपने रसूलों को खुले प्रमाणों के साथ तथा उतारी है उनके साथ पुस्तक तथा तुला (न्याय का नियम), ताकि लोग स्थित रहें न्याय पर तथा हमने उतारा लोहा जिसमें बड़ा बल[1] है तथा लोगों के लिए बहुत-से लाभ और ताकि अल्लाह जान ले कि कौन उसकी सहायता करता है तथा उसके रसूलों की, बिना देखे। वस्तुतः, अल्लाह अति शक्तिशाली, प्रभावशाली है। 1. उस से अस्त्र-शस्त्र बनाये जाते हैं।

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وَلَقَدْ أَرْسَلْنَا نُوحًا وَإِبْرَاهِيمَ وَجَعَلْنَا فِي ذُرِّيَّتِهِمَا النُّبُوَّةَ وَالْكِتَابَ ۖ فَمِنْهُم مُّهْتَدٍ ۖ وَكَثِيرٌ مِّنْهُمْ فَاسِقُونَ ﴾ 26 ﴿

Transliteration

व ल-क़द् अर्सल्ना नूहंव्-व इब्राही-म व जअ़ल्ना फ़ी ज़ुर्रिय्यतिहि-मन्नुबुव्व-त वल् किता-ब फ़मिन्हुम् मुह्तदिन् व कसीरुम् – मिन्हुम् फ़ासिक़ून

हिंदी अनुवाद

हमने (रसूल बनाकर) भेजा नूह़ को तथा इब्राहीम को और रख दी उनकी संतति में नबुवत (दुतत्व) तथा पुस्तक। तो उनमें से कुछ ने मार्गदर्शन अपनाया और उनमें से बहुत-से अवज्ञाकारी हैं।

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ثُمَّ قَفَّيْنَا عَلَىٰ آثَارِهِم بِرُسُلِنَا وَقَفَّيْنَا بِعِيسَى ابْنِ مَرْيَمَ وَآتَيْنَاهُ الْإِنجِيلَ وَجَعَلْنَا فِي قُلُوبِ الَّذِينَ اتَّبَعُوهُ رَأْفَةً وَرَحْمَةً وَرَهْبَانِيَّةً ابْتَدَعُوهَا مَا كَتَبْنَاهَا عَلَيْهِمْ إِلَّا ابْتِغَاءَ رِضْوَانِ اللَّهِ فَمَا رَعَوْهَا حَقَّ رِعَايَتِهَا ۖ فَآتَيْنَا الَّذِينَ آمَنُوا مِنْهُمْ أَجْرَهُمْ ۖ وَكَثِيرٌ مِّنْهُمْ فَاسِقُونَ ﴾ 27 ﴿

Transliteration

सुम्-म क़फ़्फ़ैना अ़ला आसारिहिम् बिरुसुलिना व क़फ़्फ़ैना बि-ईसब्नि मर्य-म व आतैनाहुल्- इन्जी-ल व जअ़ल्ना फ़ी क़ुलूबिल्लज़ीनत् -त-बअूहु रअ्-फ़तंव्-व रह्म-तन्, व रह्बानिय्य-त- निब्त दअूहा मा कतब्नाहा अ़लैहिम् इल्लब्तिग़ा – अ रिज़्वानिल्लाहि फ़मा रऔहा हक़् क़ रिआ-यतिहा फ़आतैनल्लज़ी-न आमनू मिन्हुम् अरहुम् व कसीरुम् – मिन्हुम् फ़ासिक़ून

हिंदी अनुवाद

फिर हमने, निरन्तर उनके पश्चात् अपने रसूल भेजे और उनके पश्चात् भेजा मर्यम के पुत्र ईसा को तथा प्रदान की उसे इन्जील और कर दिया उसका अनुसरण करने वालों के दिलों में करुणा तथा दया और संसार[1] त्याग को उन्होंने स्वयं बना लिया, हमने नहीं अनिवार्य किया उसे उनके ऊपर। परन्तु अल्लाह की प्रसन्नता के लिए (उन्होंने ऐसा किया), तो उन्होंने नहीं किया उसका पूर्ण पालन। फिर (भी) हमने प्रदान किया उन्हें जो ईमान लाये उनमें से उनका बदला और उनमें से अधिक्तर अवज्ञाकारी हैं। 1. संसार त्याग अर्थात सन्यास के विषय में यह बताया गया है कि अल्लाह ने उन्हें इस का आदेश नहीं दिया। उन्होंने अल्लाह की प्रसन्नता के लिये स्वयं इसे अपने ऊपर अनिवार्य कर लिया। फिर भी इसे निभा नहीं सके। इस में यह संकेत है कि योग तथा सन्यास का धर्म में कभी कोई आदेश नहीं दिया गया है। इस्लाम में भी शरीअत के स्थान पर तरीक़त बना कर नई बातें बनाई गईं। और सत्धर्म का रूप बदल दिया गया। ह़दीस में है कि कोई हमारे धर्म में नई बात निकाले जो उस में नहीं है तो वह मान्य नहीं। (सह़ीह़ बुख़ारीः 2697, सह़ीह़ मुस्लिमः 1718)

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‏ يَا أَيُّهَا الَّذِينَ آمَنُوا اتَّقُوا اللَّهَ وَآمِنُوا بِرَسُولِهِ يُؤْتِكُمْ كِفْلَيْنِ مِن رَّحْمَتِهِ وَيَجْعَل لَّكُمْ نُورًا تَمْشُونَ بِهِ وَيَغْفِرْ لَكُمْ ۚ وَاللَّهُ غَفُورٌ رَّحِيمٌ ﴾ 28 ﴿

Transliteration

या अय्युहल्लज़ी-न आमनुत्तक़ुल्ला-हव – आमिनू बि रसूलिही युअ्तिकुम् किफ़्लैनि मिर्रह्मतिही व यज् अ़ल्-लकुम् नूरन् तम्शू-न बिही व यग़्फिर् लकुम्, वल्लाहु ग़फ़ूरुर्रहीम

हिंदी अनुवाद

हे लोगो जो ईमान लाये हो! अल्लाह से डरो और ईमान लाओ उसके रसूल पर, वह तुम्हें प्रदान करेगा दोहारा[1] प्रतिफल अपनी दया से तथा प्रदान करेगा तुम्हें ऐसा प्रकाश, जिसके साथ तुम चलोगे तथा क्षमा कर देगा तुम्हें और अल्लाह अति क्षमी, दयावान् है। 1. ह़दीस में है कि तीन व्यक्ति ऐसे हैं जिनको दोहरा प्रतिफल मिलेगा। इन में एक अह्ले किताब में से वह वयक्ति है जो अपने नबी पर ईमान लाया था फिर मुह़म्मद (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) पर भी ईमान लाया। (सह़ीह़ बुख़ारीः97, 2544, सह़ीह़ मुस्लिमः 154)

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لِّئَلَّا يَعْلَمَ أَهْلُ الْكِتَابِ أَلَّا يَقْدِرُونَ عَلَىٰ شَيْءٍ مِّن فَضْلِ اللَّهِ ۙ وَأَنَّ الْفَضْلَ بِيَدِ اللَّهِ يُؤْتِيهِ مَن يَشَاءُ ۚ وَاللَّهُ ذُو الْفَضْلِ الْعَظِيمِ ﴾ 29 ﴿

Transliteration

लि-अल्ला यअ्ल-म अह्लुल्- किताबि अल्ला यक़्दिरू-न अ़ला शैइम्-मिन् फ़ज़्लिल्लाहि व अन्नल्-फ़ज़्-ल बि-यदिल्लाहि युअ्तीहि मंय्यशा-उ, वल्लाहु ज़़ुल्-फ़ज़्लिल्-अ़ज़ीम

हिंदी अनुवाद

ताकि ज्ञान हो जाये इन बातों से अह्ले[1] किताब को कि वह कुछ शक्ति नहीं रखते अल्लाह के अनुग्रह पर और ये कि अनुग्रह अल्लाह ही के हाथ में है। वह प्रदान करता है, जिसे चाहे और अल्लाह बड़े अनुग्रह वाला है। 1. अह्ले किताब से अभिप्राय यहूदी तथा ईसाई हैं।

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