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कुरआन मजीद

Quran in Hindi

100. सूरह अल-आदियात – 1-11

सूरह आदियात के संक्षिप्त विषय

यह सूरह मक्की है, इस में 11 आयतें हैं।

  • इस सूरह में ((आदियात)) अर्थात दौड़ने वाले घोड़ों की शपथ ली गई है। इस लिये इस का नाम “सूरह आदियात” रखा गया है। [1]
  • इस की आयत 1 से 5 तक में घोड़ों को इस बात की गवाही के लिये प्रस्तुत किया गया है कि मनुष्य अपने पालनहार की प्रदान की हुई शक्तियों का कितना गलत प्रयोग करता है।
  • आयत 6 से 8 तक में मनुष्य की धन के मोह में अल्लाह का उपकार न मानने पर निन्दा की गई है।
  • अन्तिम दो आयतों में उसे सावधान किया गया है कि प्रलय के दिन उसे कब्रों से निकल कर अल्लाह के पास उपस्थित होना है। उस दिन उस के दिल की दशा खुल कर सामने आ जायेगी कि उस नें संसार में जो भी कर्म किये है वह किस भावना और विचार से किये हैं जिसे उस ने अपने दिल में छुपा रखा था।

सूरह अल-आदियात | Surah Adiyat in Hindi

بِسْمِ اللَّـهِ الرَّحْمَـٰنِ الرَّحِيمِ

बिस्मिल्लाह-हिर्रहमान-निर्रहीम

अल्लाह के नाम से, जो अत्यन्त कृपाशील तथा दयावान् है।

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وَالْعَادِيَاتِ ضَبْحًا ﴾ 1 ﴿

Transliteration

वल आदियाति ज़ब्हा

हिंदी अनुवाद

उन घोड़ों की शपथ, जो दौड़कर हाँफ जाते हैं!

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‏ فَالْمُورِيَاتِ قَدْحًا ﴾ 2 ﴿

Transliteration

फ़ल मूरियाति क़दहा

हिंदी अनुवाद

फिर पत्थरों पर टाप मारकर चिंगारियाँ निकालने वालों की शपथ!

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فَالْمُغِيرَاتِ صُبْحًا ﴾ 3 ﴿

Transliteration

फ़ल मुगीराति सुबहा

हिंदी अनुवाद

फिर प्रातः काल में धावा बोलने वालों की शपथ!

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‏ فَأَثَرْنَ بِهِ نَقْعًا ‎ ﴾ 4 ﴿

Transliteration

फ़ असरना बिही नक़आ

हिंदी अनुवाद

जो धूल उड़ाते हैं।

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فَوَسَطْنَ بِهِ جَمْعًا ﴾ 5 ﴿

Transliteration

फ़वा सतना बिही जमआ

हिंदी अनुवाद

फिर सेना के बीच घुस जाते हैं।

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‏ إِنَّ الْإِنسَانَ لِرَبِّهِ لَكَنُودٌ ﴾ 6 ﴿

Transliteration

इन्नल इंसान लिरब्बिही लका नूद

हिंदी अनुवाद

वास्तव में, इन्सान अपने पालनहार का बड़ा कृतघ्न (नाशुकरा) है।

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‏ وَإِنَّهُ عَلَىٰ ذَٰلِكَ لَشَهِيدٌ ﴾ 7 ﴿

Transliteration

व इन्नहू अला ज़ालिका लशा हीद

हिंदी अनुवाद

निश्चित रूप से, वह इसपर स्वयं साक्षी (गवाह) है।[1] 1. (1-7) इन आरंभिक आयतों में मानव जाति (इन्सान) की कृतघ्नता का वर्णन किया गया है। जिस की भूमिका के रूप में एक पशु की कृतज्ञता को शपथ स्वरूप उदाहरण के लिये प्रस्तुत किया गया है। जिसे इन्सान पोसता है, और वह अपने स्वामी का इतना भक्त होता है कि उसे अपने ऊपर सवार कर के नीचे ऊँचे मार्गों पर रात दिन की परवाह किये बिना दौड़ता और अपनी जान जोखिम में डाल देता है। परन्तु इन्सान जिसे अल्लाह ने पैदा किया, समझ बूझ दी और उसके जीवन यापन के सभी साधन बनाये, वह उस का उपकार नीं मानता और जान बूझ कर उस की अवज्ञा करता है, उसे इस पशु से शिक्षा लेनी चाहिये।

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وَإِنَّهُ لِحُبِّ الْخَيْرِ لَشَدِيدٌ ﴾ 8 ﴿

Transliteration

व इन्नहू लिहुब्बिल खैरि लशा दीद

हिंदी अनुवाद

वह धन का बड़ा प्रेमी है।[1] 1. इस आयत में उस की कृतघ्नता का कारण बताया गया है कि जिस इन्सान को सर्वाधिक प्रेम अल्लाह से होना चाहिये वही अत्याधिक प्रेम धन से करता है।

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أَفَلَا يَعْلَمُ إِذَا بُعْثِرَ مَا فِي الْقُبُورِ ‎ ﴾ 9 ﴿

Transliteration

अफाला यअलमु इज़ा बुआ सिरा माफ़िल क़ुबूर

हिंदी अनुवाद

क्या वह उस समय को नहीं जानता, जब क़ब्रों में जो कुछ है, निकाल लिया जायेगा?

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وَحُصِّلَ مَا فِي الصُّدُورِ ﴾ 10 ﴿

Transliteration

व हुस्सिला माफिस सुदूर

हिंदी अनुवाद

और सीनों के भेद प्रकाश में लाये जायेंगे?[1] 1. (9-10) इन आयतों में सावधान किया गया है कि संसारिक जीवन के पश्चात एक दूसरा जीवन भी है तथा उस में अल्लाह के सामने अपने कर्मों का उत्तर देना है जो प्रत्येक के कर्मों का ही नहीं उन के सीनों के भेदों को भी प्रकाश में ला कर दिखा देगा कि किस ने अपने धन तथा बल का कुप्रयोग कर कृतघ्नता की है, और किस ने कृतज्ञता की है। और प्रत्येक को उस का प्रतिकार भी देगा। अतः इन्सान को धन के मोह में अन्धा तथा अल्लाह का कृतघ्न नहीं होना चाहिये, और उस के सत्धर्म का पालन करना चाहिये।

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‏ إِنَّ رَبَّهُم بِهِمْ يَوْمَئِذٍ لَّخَبِيرٌ ‎ ﴾ 11 ﴿

Transliteration

इन्ना रब्बहुम बिहिम यौ मइज़िल ल खाबीर

हिंदी अनुवाद

निश्चय उनका पालनहार उस दिन उनसे पूर्ण रूप से सूचित होगा।[1] 1. अर्थात वह सूचित होगा कि कौन क्या है, और किस प्रतिकार का भागी है?

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